Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

UGC के नए इक्विटी नियमों पर बवाल, जनरल कैटेगरी के छात्रों में असंतोष, सोशल मीडिया से कैंपस तक विरोध !

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 24, 2026
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
UGC
14
SHARES
455
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा 13 जनवरी से लागू किए गए ‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026’ को लेकर देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विवाद गहराता जा रहा है। जहां UGC इन नियमों को उच्च शिक्षा परिसरों में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं जनरल कैटेगरी के छात्र इन्हें पक्षपातपूर्ण और दुरुपयोग की आशंका से भरा मान रहे हैं।

इन्हें भी पढ़े

bpcl gas cylinder

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होते ही भारत को राहत, कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी सभी पाबंदियां हटाई गईं

June 26, 2026
shri ram temple

राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी मामले में पहली बड़ी कार्रवाई, 8 लोगों पर FIR दर्ज

June 26, 2026
climate change

क्लाइमेट चेंज का सबसे ज्यादा असर झेल रहे भारत के बच्चे, UNICEF रिपोर्टसावधान!

June 25, 2026
ice of the arctic

आर्कटिक की पिघलती बर्फ में भारत तलाश रहा अपना भविष्य!

June 25, 2026
Load More

सोशल मीडिया से कैंपस तक विरोध

छात्रों का विरोध फिलहाल सड़कों पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और कैंपस के भीतर देखने को मिल रहा है। #UGCRollback जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि नए नियम “इक्विटी” के नाम पर एक नई निगरानी व्यवस्था खड़ी करते हैं, जिससे अकादमिक माहौल प्रभावित हो सकता है और निर्दोष छात्रों व शिक्षकों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

क्या हैं UGC के नए इक्विटी नियम ?

नए नियमों के तहत देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में निम्न व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं—

  • Equal Opportunity Centre की स्थापना।
  • Equity Committee का गठन।
  • 24×7 हेल्पलाइन।
  • Equity Squads की तैनाती।

UGC के अनुसार, इनका उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के खिलाफ होने वाले जातिगत भेदभाव को रोकना, शिकायतों की निगरानी करना और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

सख्ती भी कम नहीं

UGC ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें— UGC की मान्यता रद्द करना।सरकारी फंडिंग रोकना। जैसे कदम शामिल हैं।इसी सख्ती ने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ छात्रों की चिंता भी बढ़ा दी है।

छात्रों की आपत्ति क्या है ?

जनरल कैटेगरी के छात्रों का कहना है कि “नियमों में स्पष्ट परिभाषाओं का अभाव है, जिससे शिकायतों का मनमाना इस्तेमाल हो सकता है।Equity Squads और कमेटियों को दिए गए अधिकार जांच से पहले ही दोष तय करने जैसे लगते हैं।

यह व्यवस्था शिक्षा संस्थानों को पुलिस स्टेट जैसा बना सकती है, जहां संवाद के बजाय डर का माहौल बने। कुछ छात्र संगठनों का यह भी कहना है कि भेदभाव रोकने के लिए पहले से ही कानून और आंतरिक शिकायत तंत्र मौजूद हैं, ऐसे में समानांतर संरचनाएं क्यों बनाई जा रही हैं?

सरकार और UGC से कड़े सवाल

  • क्या सरकार ने इन नियमों को लागू करने से पहले सभी छात्र वर्गों और शिक्षाविदों से व्यापक परामर्श किया ?
  • Equity Squads की शक्तियों और सीमाओं को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश क्यों नहीं जारी किए गए?
  • अगर किसी शिकायत में गलत या झूठा आरोप साबित होता है, तो उसके लिए जवाबदेही किसकी होगी?
  • क्या यह नियम अकादमिक स्वतंत्रता और विचारों की अभिव्यक्ति पर प्रतिकूल असर नहीं डालेंगे?
  • क्या UGC यह सुनिश्चित करेगा कि इक्विटी के नाम पर किसी एक वर्ग के साथ अन्याय न हो?
  • पहले से मौजूद एंटी-डिस्क्रिमिनेशन प्रावधानों को मजबूत करने के बजाय नई, दंडात्मक संरचनाएं क्यों?

समीक्षा कर संतुलित समाधान

फिलहाल UGC अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है, लेकिन बढ़ते असंतोष को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या सरकार और आयोग छात्रों की चिंताओं को सुने बिना आगे बढ़ेंगे, या नियमों की समीक्षा कर संतुलित समाधान निकाला जाएगा।

देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता जरूरी है, लेकिन क्या समानता का रास्ता सहमति और संवाद से निकलेगा या सख्ती और डर से? यही वह सवाल है, जिसका जवाब अब सरकार को देना होगा।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
donald trump

ईरान मुद्दे पर ट्रंप का पलटवार, प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों को बताया देशहित के खिलाफ

June 5, 2026
Harish rawat

हरीश रावत ने दिल्ली एनसीआर के चिन्हिकरण से वंचित आंदोलनकारी के लिए उपवास किया

November 2, 2024
Sunil Grover

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर नजर आए कॉमेडियन सुनील ग्रोवर, सादगी भरे अंदाज ने जीता लोगों का दिल

June 19, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • मिडिल ईस्ट में तनाव कम होते ही भारत को राहत, कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी सभी पाबंदियां हटाई गईं
  • राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी मामले में पहली बड़ी कार्रवाई, 8 लोगों पर FIR दर्ज
  • केतन हत्याकांड: मंगेतर सिया और कथित प्रेमी चेतन आमने-सामने, जांच में नया मोड़!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.