Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

दलाई लामा ने चुपके से शुरू की ड्रैगन से बातचीत, चल क्‍या रहा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 26, 2024
in विश्व
A A
15
SHARES
487
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

बीजिंग: भारत और चीन के बीच इन दिनों सीमा पर युद्ध जैसी तैयारी है। गलवान हिंसा के बाद दोनों ही देशों ने सीमा पर 50-50 हजार से ज्‍यादा सैनिकों को तैनात किया है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच तिब्‍बती धर्मगुरु दलाई लामा ने चीन के साथ पर्दे के पीछे बातचीत शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि करीब 1 दशक के बाद तिब्‍बती नेताओं और चीन के बीच फिर से बातचीत शुरू हुई है। हालांकि अभी तत्‍काल इसमें कोई खास सफलता नहीं मिली है। तिब्‍बत की निर्वासित सरकार के राजनीतिक नेता पेनपा त्‍सेरिंग ने कहा है कि वार्ताकार बीजिंग में लोगों से बातचीत कर रहे हैं। साथ ही चीनी पक्ष की ओर से अन्‍य लोगों ने तिब्‍बती नेतृत्‍व के साथ संपर्क किया है।

तिब्‍बती नेता पेनपा त्‍सेरिंग ने धर्मशाला में कहा, ‘हमारा पिछले साल से बैक चैनल संवाद चल रहा है लेकिन हमें तत्‍काल कोई अपेक्षा नहीं है। यह लंबी अवधि तक चलेगा। हम बातचीत को जारी रखना चाहते हैं। इस बातचीत को शुरू हुए एक साल से ज्‍यादा का समय हो गया है। चीनी हमसे संपर्क कर रहे हैं, यह हम हैं जो उनके साथ संपर्क नहीं कर रहे हैं। लेकिन इस मौके पर कोई उम्‍मीद करना वास्‍तव‍िकता से दूर होगा।’ साल 2010 के औपचारिक बातचीत के टूट जाने बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब दोनों पक्षों के बीच फिर से संपर्क शुरू हुआ है लेकिन यह ‘बहुत अनौपचारिक’ है। साल 2010 में चीन और तिब्‍बती नेताओं के बीच 9 दौर की बातचीत हुई थी।

इन्हें भी पढ़े

ukraine-russia

जेलेंस्की साहब, थोड़ा आंकड़े तो देख लेते, रूस की इकॉनमी सिर्फ हमारे भरोसे थोड़े ही है!

September 24, 2026
Hanuman statue

अमेरिका में 90 फुट की हनुमान मूर्ति पर बवाल, भड़के हिंदू संगठन

September 23, 2026
indus water treaty

सिंधु जल समझौते पर UN पहुंचा पाकिस्तान, भारत ने की ऐसी बेइज्जती

September 23, 2026
crude oil

भारत पर ऐक्शन से पहले सोच लेना’, रूस से तेल खरीदारी पर US को किसने दिखाया आईना

September 22, 2026
Load More

भारत और चीन में तनाव, दलाई लामा क्‍यों कर रहे बातचीत?

तिब्‍बत की निर्वासित सरकार के सूचना और अंतरराष्‍ट्रीय मामलों के मंत्री नोरजिन डोलमा ने भी स्‍वीकार किया है कि चीन के साथ पर्दे के पीछे से बातचीत चल रही है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि इस बातचीत से कोई ठोस परिणाम नहीं सामने आया है। साल 2002 और 2010 के बीच औपचारिक बातचीत के दौरान तिब्‍बती पक्ष ने एक दस्‍तावेज पेश किया था जिसमें उन्‍होंने तिब्‍बती लोगों को वास्‍तविक स्‍वायत्‍तता की मांग की थी। तिब्‍बती नेताओं और चीन के बीच यह बैकचैनल बातचीत ऐसे समय पर शुरू हुई है जब भारत और चीन के बीच सीमा पर बहुत ज्‍यादा तनाव है।

भारत और चीन के बीच 6 दशक में रिश्‍ते सबसे नीचे चले गए हैं। तिब्‍बत के स्‍वायत्‍त इलाके में ही चीन ने हजारों की तादाद में सैनिक तैनात किए हैं। इसके अलावा बड़े पैमाने पर सैन्‍य अड्डे और एयरबेस बना लिए हैं। यही नहीं चीन ने बड़े पैमाने पर अत्‍याधुनिक फाइटर जेट और मिसाइलें तैनात की है। चीन ने कई शक्तिशाली रेडार और अन्‍य जासूसी उपकरण भी लगाए हैं। चीन और भारत के बीच कई 2020 में गलवान हिंसा हुई थी और दोनों देशों के कई सैनिक मारे गए थे। तिब्‍बती नेता पेनपा त्‍सेरिंग ने कहा कि उनकी निर्वासित सरकार भारत के विदेश मंत्रालय और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ तिब्‍बत के मुद्दे पर पूरी तरह से मिलकर काम कर रही है।

तिब्‍बत के बच्‍चों को जड़ों से काट रहा चीन

पेनपा त्‍सेरिंग ने कहा कि भारत और त‍िब्‍बती सरकार के बीच बहुत पारदर्शी रिश्‍ता रहा है। उन्‍होंने कहा कि चीन ने जो सीमा पर दादागिरी दिखाई, उससे तिब्‍बत का मुद्दा भारत में प्रमुखता से उठा है। बता दें कि भारत सरकार की स्थित‍ि साफ है कि चीन के साथ तब तक रिश्‍ते सामान्‍य नहीं हो सकते हैं जब तक कि एलएसी पर चीन की सेनाएं पीछे नहीं हटती हैं। चीन की कोशिश अब है कि किसी तरह से यथास्थिति को बहाल रखा जाए जिसमें उसको फायदा है। चीन ने तिब्‍बत के बच्‍चों को उनकी जड़ों से काटना शुरू कर दिया है। उन्‍हें जबरन ऐसे स्‍कूलों में डाला जा रहा है जहां वे अपनी संस्‍कृति से कट जा रहे हैं। इससे वे अब चीन के रंग में रंगते जा रहे हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
arrest

ना जवाबदेही, ना कार्रवाई!

November 28, 2022
Modi cabinet

बीजेपी का नए चेहरों पर भरोसा

December 13, 2023
circular economy

चक्रीय अर्थव्यवस्था की आवश्यकता क्यों?

July 9, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • उत्तराखण्ड: शहरों का होगा कायाकल्प, 98 छोटे-बड़े शहरों का मास्टर प्लान होगा तैयार
  • ₹25000 वेतन सीमा पर 35 साल में बनेगी कितनी पेंशन, तो हाथ में आएंगे कितने पैसै?
  • जेलेंस्की साहब, थोड़ा आंकड़े तो देख लेते, रूस की इकॉनमी सिर्फ हमारे भरोसे थोड़े ही है!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.