Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

दिल्ली पुलिस दायर करेगी नफरती भाषण के मामलों की SC में रिपोर्ट

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 30, 2023
in दिल्ली, राष्ट्रीय
A A
21
SHARES
688
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 2021 के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में धार्मिक सभाओं में दिए गए नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले में उसकी जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है। वह जल्द ही कोर्ट में इस पर अंतिम जांच रिपोर्ट फाइल करेगी।

तीन सप्ताह बाद होगी SC में सुनवाई
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज की दलीलों को सुनने के बाद सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि वह मामले की सुनवाई तीन हफ्ते बाद करेंगे।

इन्हें भी पढ़े

Delhi Traffic

दिल्ली की मंडियों को मिलेगी जाम और बेतरतीब ट्रैफिक से मुक्ति, MCD ने राहत देने बनाया यह धांसू प्लान

June 27, 2026
cm rekha gupta

दिल्ली की महिलाओं को ‘सुरक्षा कवच’ देने जा रही रेखा सरकार!

June 27, 2026
examination system

भारत की परीक्षा व्यवस्था पर बढ़ते सवाल, परीक्षाओं में गड़बड़ी का ज़िम्मेदार कौन?

June 27, 2026
Delhi University

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 67 कॉलेज और 73 कोर्स में होगा दाखिला

June 27, 2026
Load More

एक मीडिया चैनल से भी जुड़ा है हेट स्पीच का मामला
हेट स्पीच का एक मामला दिसंबर 2021 में एक मीडिया चैनल के संपादक से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर भी दिल्ली पुलिस से एक हलफनामा दायर करने को कहा है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर अधिकारियों द्वारा अब तक उठाए गए कदमों का ब्योरा मांगा है। इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया था कि न्यायमूर्ति नरसिम्हा संबंधित मामलों में से एक में खुद वकील के रूप में पेश हुए थे। इसके अलावा, मेहता ने नफरत भरे भाषणों के मुद्दे पर एक टीवी चैनल के खिलाफ दायर एक अलग याचिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने आग्रह किया कि इस मामले को भी सुनवाई के लिए एक साथ सूचीबद्ध किया जाए।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की लगाई क्लास
वहीं, एक अन्य मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने कहा कि पुलिस ने इस तरह के नफरत भरे भाषणों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। शीर्ष अदालत ने 13 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज करने में देरी व 2021 में राष्ट्रीय राजधानी में धार्मिक सभाओं में दिए गए नफरत भरे भाषणों के एक मामले की जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं होने पर दिल्ली पुलिस की क्लास लगा दी थी। अदालत ने इसपर भी जांच अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी।

कोर्ट का दिल्ली पुलिस से सवाल
पीठ ने सवाल किया कि आप जांच के संदर्भ में क्या कर रहे हैं? घटना 19 दिसंबर को हुई थी, प्राथमिकी पांच महीने बाद 4 मई 2022 को दर्ज की गई थी। इसके लिए आपको इतने समय की आवश्यकता क्यों पड़ी? उन्होंने आगे पूछा कि आपने क्या किया है? कितनी गिरफ्तारियां की गई हैं? आपने कितने लोगों की जांच की है।

सॉलिसिटर जनरल की दलील
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने तहसीन पूनावाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कोई अवमानना नहीं की है। जिसमें हेट क्राइम से निपटने के लिए कई निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि गांधी ये निर्देश नहीं दे सकते हैं कि जांच एजेंसी को कैसे काम करना चाहिए। बता दें कि शीर्ष अदालत गांधी द्वारा दायर उस ​​अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जिसमें नफरत भरे भाषण मामलों में उत्तराखंड और दिल्ली पुलिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया था। पीठ ने पिछले साल 11 नवंबर को उत्तराखंड सरकार और उसके पुलिस प्रमुख को अवमानना याचिका के पक्षकारों की सूची से हटा दिया था।

तहसीन पूनावाला मामले में कार्रवाई की मांग
तहसीन पूनावाला मामले में दिल्ली व उत्तराखंड के पुलिस प्रमुखों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की गई थी। अपने फैसले में शीर्ष अदालत ने दिशानिर्देशों को निर्धारित किया था कि मॉब लिंचिंग सहित घृणित अपराधों में क्या कार्रवाई करने की आवश्यकता है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि 17 दिसंबर से 19 दिसंबर, 2021 तक हरिद्वार में और 19 दिसंबर, 2021 को दिल्ली में आयोजित ‘धर्म संसद’ में नफरत भरे भाषण दिए गए थे। याचिका में ये भी दावा किया गया कि कार्यक्रम के बाद वे भाषण सार्वजनिक डोमेन पर उपलब्ध थे। फिर भी उत्तराखंड पुलिस और दिल्ली पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Indian economic

भारत की आर्थिक विकास दर ने पूरे विश्व को चौंकाया

December 2, 2025
ISRO

ISRO अब इन रहस्यों से उठाएगा पर्दा, जानिए अगले प्लान के बारे

September 27, 2023
Navratri

मातृत्व का सम्यक् बोध ही नवरात्रि का मूल

April 11, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली की मंडियों को मिलेगी जाम और बेतरतीब ट्रैफिक से मुक्ति, MCD ने राहत देने बनाया यह धांसू प्लान
  • 5 मिनट में करें अप्लाई, 3 दिन में मिल जाएगा NPS में जमा सारा पैसा
  • दिल्ली की महिलाओं को ‘सुरक्षा कवच’ देने जा रही रेखा सरकार!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.