नई दिल्ली। देश आज अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है. वंदे मातरम् में छह अंतरे हैं, जिसमें से दो ही अंतरे गाए जाते रहे हैं. लेकिन 2026 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए प्रोटोकॉल के मुताबिक वंदे मातरम् के छह अंतरों को गाने की बात कही गई है. कांग्रेस मुख्यालय में भी शनिवार को भी तिरंगा फहराया गया. इस मौके पर वंदे मातरम् भी गाया गया. लेकिन इसे लेकर कुछ सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम् को रोकने के लिए कहने का आरोप लगाया. भाजपा प्रवक्ता ने X पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब वंदे मातरम गाया जा रहा था, तो सोनिया गांधी कथित तौर पर इतनी नाराज़ हो गईं कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इसे रोकने के लिए कहा. आर.पी. सिंह ने सोनिया गांधी से सवाल किया है कि वंदे मातरम् से उन्हें इतनी नफरत क्यों है.
हालांकि इसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने साफ कह दिया है कि वंदे मातरम् के दौरान कोई भी व्यवधान नहीं हुआ था. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने साफ कहा है कि वंदे मातरम् को लेकर कोई विवाद नहीं है.
उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् को लेकर अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई. इसमें गांधी जी, नेताजी सुभाष चंद बोस, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी और पंडित जवाहरलाल नेहरू मौजूद थे. इस बैठक में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर उन्होंने फैसला लिया कि वंदे मातरम् कांग्रेस अधिवेशनों में गाया जाएगा. गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने यह सलाह दी थी कि पहली पंक्तियों का इस्तेमाल किया जाए और तब से कांग्रेस अधिवेशनों में हमारे कार्यकर्ता और सभी लोग वंदे मातरम् गाते हैं. इसमें कोई वाद विवाद नहीं है.”
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सफाई पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआ.
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी इसपर स्पष्टीकरण पेश किया है. उनका कहना है कि वंदे मारतम् को लेकर कोई विवाद नहीं है.
भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इसपर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि वंदे मातरम के शुरुआती छंद गाए जाने के बाद, सोनिया गांधी ने इसे गीत को रोकने का प्रयास किया. अमिक मालवीय ने राहुल गांधी पर भी इशारे करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि राहुल गांधी ने भी इसे बंद करने का इशारा किया.






