Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

वैज्ञानिकों की प्रचंड भविष्यवाणी, 6 महीने में काल बन जाएगा अल नीनो

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 24, 2026
in राष्ट्रीय
A A
el niño
26
SHARES
856
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। जलवायु वैज्ञानिकों का एक नया आकलन है, जो पूरी दुनिया को चौंका देने वाला है. वैज्ञानिक दावा कर रहे हैं कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा अत्यंत शक्तिशाली अल नीनो अगले 6 महीनों में दुनिया को वो रूप दिखाने वाला है, जो झेल पाना मुश्किल हो जाएगा. दुनियाभर में अतिरिक्त गर्मी के कारण 4.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा सकती है. यह अनुमान जलवायु परिवर्तन के कारण पहले से बढ़ रही गर्मी से होने वाली मौतों के अतिरिक्त है. शिकागो विश्वविद्यालय के क्लाइमेट इंपैक्ट लैब ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है.

रिपोर्ट में प्रकाशित आकलन के मुताबिक अतिरिक्त गर्मी से होने वाली मौत का अनुमान अलग-अलग इलाकों के लिए अलग-अलग लगाया है. इसका उद्देश्य उन इलाकों की पहचान करना है, जहां समय रहते कदम उठाकर लोगों की जान बचाई जा सकती है. इनमें बेहतर गर्मी पूर्वानुमान, शीतलन केंद्रों की स्थापना, अत्यधिक गर्मी के दौरान चिकित्सा सुविधाओं में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा जैसे उपाय शामिल हैं.

इन्हें भी पढ़े

election

विश्लेषण: चुनाव आयोग के भीतर 14 बार आपत्ति, SIR, वोटर लिस्ट और ECINet को लेकर क्या सामने आया?

September 24, 2026
PM Modi

कैबिनेट मंत्रियों संग सेवा तीर्थ में PM मोदी करेंगे ‘चिंतन शिविर’

September 23, 2026

बीजेपी संगठन में फेरबदल, स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़-हरियाणा की जिम्मेदारी

September 23, 2026
PM Modi

आयुष्मान भारत के 8 साल: पीएम मोदी बोले- 60 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए बना वरदान

September 23, 2026
Load More

4.5 लाख की आबादी निगल जाएगा अल नीनो
जलवायु वैज्ञानिकों ने इस घटना की तीव्रता को बेहद असाधारण बताया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रशांत महासागर के कुछ क्षेत्रों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो गया है. इस गर्मी का असर पहले से गर्म हो रहे वैश्विक वातावरण पर पड़ रहा है. शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के सह-संस्थापक और इस रिपोर्ट के को राइटर माइकल ग्रीनस्टोन ने कहा कि 4,51,000 लोगों की संभावित मौत का अनुमान इतना बड़ा है कि इसे समझना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा माता-पिता, बच्चों, बुजुर्गों, पड़ोसियों और रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे लोगों से जुड़ा है.

क्या है अल नीनो?
अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु से जुड़ी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है. इससे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तापमान और हवाओं के सामान्य पैटर्न में बदलाव आता है. मौजूदा घटना ऐसे समय में विकसित हो रही है, जब मानव गतिविधियों के कारण वैश्विक तापमान पहले ही बढ़ चुका है. से में वैज्ञानिक बताते हैं कि इस अतिरिक्त गर्मी के कारण अल नीनो से जुड़े प्रभाव और गंभीर हो सकते हैं. अल नीनो के कारण कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी और सूखे का खतरा बढ़ सकता है, जबकि दूसरे इलाकों में भारी बारिश, बाढ़ और तूफानों की स्थिति पैदा हो सकती है.

भारत भी अब नहीं बचेगा
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस असाधारण अल नीनो का असर इंडोनेशिया, भारत और नाइजीरिया से लेकर अमेरिका तक महसूस किया जा सकता है. इसके अलावा सूखा, जंगलों में आग और बाढ़ जैसी घटनाओं के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने की आशंका है. इतना ही नहीं इसका असर कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि गर्मी से होने वाली मौतों का अनुमान किसी निश्चित भविष्यवाणी के बजाय संभावित खतरे का आकलन है. इसका इस्तेमाल सरकारें और स्थानीय प्रशासन पहले से तैयारी करने के लिए कर सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अल नीनो के प्रभावों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी और जलवायु जोखिमों की समय पर पहचान से इसके मानवीय नुकसान को कम किया जा सकता है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india-Iran

ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद भारत और अरब देशों का रुख… कूटनीति, संयम और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर!

June 22, 2025
india-pakistan

बाज नहीं आ रहे पाकिस्तान को भारत की सख्त चेतावनी !

May 1, 2025

प्रमाणवार्तिक तथा बौद्ध दर्शन न्याय में समन्वित विमर्श समय की मांग : कुलपति प्रो शुक्ल

September 30, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • उत्तराखण्ड: शहरों का होगा कायाकल्प, 98 छोटे-बड़े शहरों का मास्टर प्लान होगा तैयार
  • ₹25000 वेतन सीमा पर 35 साल में बनेगी कितनी पेंशन, तो हाथ में आएंगे कितने पैसै?
  • जेलेंस्की साहब, थोड़ा आंकड़े तो देख लेते, रूस की इकॉनमी सिर्फ हमारे भरोसे थोड़े ही है!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.