नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को चेतावनी दी कि रूस के साथ शांति समझौते में देरी यूक्रेन को और भी मुश्किल स्थिति में डाल सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि रूस लगातार इलाके पर कब्जा कर रहा है और हो सकता है कि यूक्रेन अब उन शर्तों को हासिल न कर पाए जो संघर्ष की शुरुआत में मिल सकती थीं।
ओवल ऑफिस में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ मीडिया से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि रूस को मिली सैन्य बढ़त और यूक्रेन में लगातार हो रहे भारी नुकसान के कारण, बातचीत के जरिए समझौता करना अब और भी जरूरी हो गया है। राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से एक अमेरिकी कैदी, स्टीफन हबर्ड की रिहाई के बारे में व्यक्तिगत रूप से बात की है। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ ही दिनों में इस मामले में कोई प्रगति हो सकती है।
युक्रेन को बातचीत के लिए आगे आना होगा-ट्रंप
रूस-युक्रेन के बीच जारी जंग को लेकर पत्रकारों ने जब सवाल किया तो जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, युद्ध खत्म करने की इच्छा युक्रेन को दिखानी होगी। इस युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार होना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो मुझे लगता है कि इसका नतीज बहुत बुरा होगा।’ ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब उनके विशेष दूत, स्टीव विटकॉफ, युद्ध खत्म करने की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए ओस्लो में हुई राजनयिक बातचीत के बाद रूस जाने की तैयारी कर रहे हैं।
यूक्रेन के बड़े इलाके पर रूस का कब्जा
ट्रंप ने कहा, “रूस एक बड़ी मशीन की तरह है। वे बस लगातार आगे बढ़ते जा रहा है।” उन्होंने दावा किया कि रूसी सेनाएं यूक्रेन के इलाकों पर कब्जा करती जा रही हैं और कीव के लिए सैन्य संतुलन बनाए रखना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। जमीन का एक बहुत बड़ा हिस्सा रूस ने अपने कब्जे में ले लिया है। आप कह सकते हैं कि यूक्रेन अच्छा कर रहा है या बुरा, लेकिन उनके कब्जे वाली जमीन हर हफ्ते बढ़ती ही जा रही है।”
जेलेंस्की ने अच्छा मौका खो दिया-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जेलेंस्की के पास वाशिंगटन के साथ पिछली बातचीत के दौरान एक बेहतर समझौता करने का मौका था। ओवल ऑफिस में जेलेंस्की, ट्रंप और वेंस के बीच हुई पिछली बातचीत का जिक्र करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेनी नेता ने बेहतर शर्तें हासिल करने का मौका गंवा दिया। राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दी जा रही अमेरिकी वित्तीय और सैन्य सहायता के बड़े पैमाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ने कीव की मदद करने में सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर दिए हैं।
यूरोपीय सरकार यूक्रेन की मदद से तंग आ गई
ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय सरकारें भी यूक्रेन की मदद करने के वित्तीय बोझ से तंग आ रही हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि पिछले महीने रूस और यूक्रेन, दोनों पक्षों को मिलाकर कुल 32,000 लोगों की जान गई है, जिनमें से ज़्यादातर सैनिक थे। यह आंकड़ा ट्रंप के अपने आकलन के तौर पर पेश किया गया था और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप ने एक बार फिर कई युद्ध को समाप्त कराने का दावा करते हुए कहा कि “मैंने सोचा था, देखिए, मैंने आठ युद्धों में समझौता कराया है। मुझे लगा कि यह सबसे आसान होगा। किसी समझौते तक पहुंचने में मुश्किल आने का एक कारण पुतिन और जेलेंस्की के बीच की व्यक्तिगत दुश्मनी भी है। दोनों एक दूसरे से नफरत करते हैं। मुझे लगता है कि असल में यही मुख्य कारण है कि वे कोई समझौता नहीं कर पाए हैं।







