नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से पहली बिम्सटेक गृह मंत्री बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधि शामिल हुए.
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाया गया. बैठक में श्रीलंका के सार्वजनिक सुरक्षा एवं संसदीय मामलों के मंत्री अनंदा विजेपाला ने श्रीलंका का प्रतिनिधित्व किया. श्रीलंका ने क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई.
बैठक में श्रीलंका ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए बिम्सटेक सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई. इस दौरान श्रीलंका के मंत्री अनंदा विजेपाला ने कहा कि सुरक्षा सतत आर्थिक और सामाजिक विकास की बुनियाद है.मंत्री विजेपाला ने जोर दिया कि लोगों को शांतिपूर्ण माहौल में रहने, सुरक्षित यात्रा करने और बिना किसी भय के अपना कारोबार करने का अवसर मिलना चाहिए. श्रीलंका ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए सुरक्षित वातावरण और सदस्य देशों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है.
सार्वजनिक सुरक्षा के लिए श्रीलंका की रणनीति
मंत्री अनंदा विजेपाला ने सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए श्रीलंका सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. उन्होंने सुरक्षा संस्थानों को मजबूत बनाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया. इसके साथ ही अपराध से निपटने के लिए रोकथाम, कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराधियों के पुनर्वास को एक साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई.
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जनता का विश्वास, सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक सहयोग भी महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों, हिंसा और शोषण से बचाना भी प्रभावी सार्वजनिक सुरक्षा का अहम हिस्सा बताया.
नशीले पदार्थों की तस्करी पर चिंता, सीमा पार सहयोग की जरूरत
श्रीलंका के मंत्री ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को एक गंभीर सीमा पार चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि ड्रग्स की तस्करी के संबंध संगठित आपराधिक नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों, वित्तीय लेन-देन और आधुनिक संचार तकनीकों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से निपटने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. इसके लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है.
मंत्री ने श्रीलंका के राष्ट्रीय नशा रोकथाम कार्यक्रम Ratama Ekata का उल्लेख किया. उन्होंने नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनकी रोकथाम, नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया.
साइबर अपराध, वित्तीय अपराध और मानव तस्करी से निपटने पर जोर
बैठक में साइबर अपराध, वित्तीय अपराध, मानव तस्करी, प्रवासियों की अवैध तस्करी और समुद्री मार्गों से होने वाली आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. श्रीलंका ने सदस्य देशों के बीच समय पर खुफिया एवं सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण बताया.वहीं कानून प्रवर्तन एजेंसियों और संबंधित संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत बताई .
मंत्री ने कहा कि सीमा पार अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सूचनाएं समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए. उन्होंने क्षेत्रीय प्रतिबद्धताओं को जमीन पर प्रभावी कार्रवाई में बदलने और आम लोगों को उसका लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग
बैठक में अपनाए गए दिल्ली घोषणा-पत्र में बिम्सटेक देशों ने एक परस्पर जुड़ा हुआ, सुरक्षित, लचीला, विकसित और समृद्ध क्षेत्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई. घोषणा-पत्र में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों को साझा और सीमा पार प्रभाव वाली चुनौतियों के रूप में स्वीकार किया गया. आतंकवाद, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, साइबर अपराध और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. सदस्य देशों के बीच सुरक्षा और कानून प्रवर्तन संबंधी समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता जताई गई.
कानूनी सहयोग और सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने पर जोर
दिल्ली घोषणा-पत्र में बिम्सटेक के मौजूदा कानूनी समझौतों और व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया गया. प्रस्तावित सम्मेलनों और कानूनी व्यवस्थाओं को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया. सदस्य देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाने के साथ-साथ विशेष प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को भी सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया.
आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण और सजा प्राप्त कर चुके कैदियों के स्थानांतरण जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गई. वहीं मानव तस्करी और अवैध वित्तीय प्रवाह के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी गई.
गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में भी हुई चर्चा
पहली बिम्सटेक गृह मंत्री बैठक से पहले 12 अक्टूबर को गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की पहली बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग रोकने, आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रमुख पहलों पर विचार किया गया.
बिम्सटेक के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि का लक्ष्य
श्रीलंका की भागीदारी क्षेत्रीय सहयोग के लिए बिम्सटेक मंच के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है. श्रीलंका के अनुसार, सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना केवल नागरिकों की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है.
दिल्ली घोषणा-पत्र के जरिए सदस्य देशों ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और सहयोग को ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया.







