नई दिल्ली। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई वाले 8वें पे कमीशन ने हाल में 9 सितंबर को पुडुचेरी में अपनी मीटिंग की है। 8वें वेतन आयोग की अगली मीटिंग 16, 17 और 18 सितंबर को चंडीगढ़ में होनी है। 3 नवंबर 2025 को गठन के बाद से 8वें पे कमीशन ने देश के अलग-अलग शहरों में कई मीटिंग्स की हैं। इन बैठकों में प्रमुख कर्मचारी यूनियंस और स्टेकहोल्डर्स ने सैलरी रिवीजन्स, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन रिफॉर्म्स और बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ते (DA) के मर्जर से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
DA के 25% के ऊपर पहुंचने पर बेसिक पे के साथ मर्जर की मांग
एंप्लॉयीज और पेंशनर यूनियंस ने 8वें पे कमीशन पैनल से मांग की है कि महंगाई भत्ते के 25 पर्सेंट से ऊपर पहुंचने पर इसे बेसिक पे (मूल वेतन) के साथ मर्जर करने पर विचार किया जाए। अगर इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी, लोअर पे लेवल्स पर आने वाले कर्मचारियों को इसका काफी फायदा मिलेगा।
एंप्लॉयीज ग्रुप्स क्यों कर रहे हैं यह डिमांड
ऑल इंडिया नेशनल पेंशन सिस्टम एंप्लॉयीज फेडरेशन (AINPSEF) के मुताबिक, ऐसा मर्जर आने वाले सालों में कहीं ज्यादा तेजी से सैलरी बढ़ोतरी हासिल करने में मदद करेगा और कर्मचारियों को अच्छी बढ़ोतरी के लिए 10 साल का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ऑफिशियल मेमोरैंडम में 8वें पे कमीशन को सबमिट की गई डिमांड में डीए (महंगाई भत्ते) के 25 पर्सेंट के पार जाने पर इसे बेसिक पे के साथ मर्ज करने की मांग की गई है। दूसरी प्रमुख यूनियंस ने भी 8वें पे कमीशन से डीए को बेसिक पे के साथ मिलाने की मांग की है।
मौजूदा समय में क्या है स्थिति
मौजूदा समय में एक साल में दो बार महंगाई भत्ते (DA) को रिवाइज किया जाता है। फिलहाल, इसे ऑटोमैटिक तरीके से बेसिक पे के साथ मर्ज नहीं किया जाता है। इसके अलावा, ऑर्गेनाइजेशंस ने हायर एनुअल इंक्रीमेंट्स का भी प्रस्ताव रखा है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और ऑल इंडिया नेशनल पेंशन सिस्टम एंप्लॉयीज फेडरेशन (AINPSEF) ने क्रमश: 6 और 7 पर्सेंट के सालाना इंक्रीमेंट्स का सुझाव दिया है।
7 साल में लेवल 6 कर्मचारियों की सैलरी कैसे हो सकती है दोगुनी
प्रस्तावित डीए मर्जर कर्मचारियों की सैलरी पर कैसे असर डाल सकता है, इसे केंद्र सरकार के लेवल 6 एंप्लॉयीज के मामले से समझ सकते हैं, 7वें पे कमीशन के तहत उनकी मौजूदा पे 35400 रुपये है। अब फिटमेंट फैक्टर को 2.1 मान लेते हैं, 8वें वेतन आयोग के तहत रिवाइज्ड बेसिक पे 74,340 रुपये होगी। अगर ऑल इंडिया नेशनल पेंशन सिस्टम एंप्लॉयीज फेडरेशन (AINPSEF) की तरफ से प्रस्तावित 7 पर्सेंट के सालाना इंक्रीमेंट को मान लें। साथ ही, 4 पर्सेंट के एवरेज डीए बढ़ोतरी को ले लें तो 1 जनवरी 2033 तक कर्मचारियों की बेसिक पे 1,19,374 रुपये पहुंचने का अनुमान है। वहीं, डीए अमाउंट 33,425 रुपये होगा। ऐसे में अनुमानित ग्रॉस सैलरी (बेसिक पे और डीए समेत) करीब 1,52,798 रुपये होगी।
DA के बेसिक पे के साथ मर्जर पर क्या होता है?
कैलकुलेशन दिखाता है कि जनवरी 2033 तक एंप्लॉयीज की अनुमानित ग्रॉस सैलरी 1,52,798 रुपये होगी। यह जनवरी 2026 की अनुमानित रिवाइज्ड बेसिक पे 74,340 रुपये से दोगुना से ज्यादा होगी।







