Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

केस वापसी पर सरकार तैयार, किसानों ने पूछा- टाइम बताओ

सरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि MSP पर कमेटी बनाई जाएगी. साथ ही आंदोलन के वक्त दर्ज हुए मुकदमे वापस होंगे. इसके अलावा मुआवजे पर हरियाणा और यूपी सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने केस वापसी का टाइम पूछा है. साथ ही मुआवजा पंजाब के तर्ज पर देने की मांग की है.

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 7, 2021
in राज्य, राष्ट्रीय, सामाजिक कार्य
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

इन्हें भी पढ़े

Delhi BJP OBC Morcha

उदयनिधि स्टालिन के बयान के खिलाफ दिल्ली भाजपा ओबीसी मोर्चा का विरोध तेज!

May 15, 2026
dhar bhojshala

‘धार भोजशाला मंदिर ही है…’, एमपी हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

May 15, 2026
note

घर या जमीन बेचने पर हुआ है मोटा मुनाफा? इस ट्रिक से सरकार को नहीं देना होगा 1 रुपया भी टैक्स

May 15, 2026
toll plazas

दिल्‍ली के मुंडका में लगा देश का पहला बैरियर लेस टोल?

May 15, 2026
Load More

नई दिल्ली । किसान आंदोलन के खत्म होने पर फिर सस्पेंस नजर आ रहा है. केंद्र सरकार की ओर से किसानों को भेजे गए 5 प्रस्ताव पर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) को ऐतराज है. ऐसे में आंदोलन कब समाप्त होगा, ये अभी नहीं कहा जा सकता है.
बताया जा रहा है कि सरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि MSP पर कमेटी बनाई जाएगी. साथ ही आंदोलन के वक्त दर्ज हुए मुकदमे वापस होंगे. इसके अलावा मुआवजे पर हरियाणा और यूपी सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने केस वापसी का टाइम पूछा है. साथ ही मुआवजा पंजाब के तर्ज पर देने की मांग की है.
सरकार ने भेजे ये 5 प्रस्ताव
1- MSP पर प्रधानमंत्री ने स्वयं और बाद में कृषि मंत्री ने एक कमेटी बनाने की घोषणा की है, जिसमें केंद्र, राज्य सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधि सम्मिलत होंगे. इसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
2- जहां तक किसानों के आंदोलन के वक्त के केसों का सवाल है तो यूपी और हरियाणा सरकार ने इस पर सहमति जता दी है. आंदोलन समाप्त होने के बाद तत्काल केस वापस ले लिए जाएंगे.
3- मुआवजे का जहां तक सवाल है, इसके लिए हरिणाया और यूपी सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. वहीं, दोनों विषयों के संबंध में पंजाब सरकार ने भी सार्वजनिक घोषणा कर दी है.
4- बिजली के बिल पर सरकार का कहना है कि इस पर पहले सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत की जाएगी.
5- पराली के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने जो कानून पारित किया है उसकी धारा 14 एंव 15 में क्रिमिनल लाइबिलिटी से किसानों को मुक्ति दी है.
केंद्र के प्रस्ताव पर SKM को ऐतराज
वहीं, मंगलवार को आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए सिंघु बॉर्डर पर SKM ने बैठक की. इस बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों केंद्र सरकार की ओर भेजे गए प्रस्ताव पर ऐतराज जताया. संगठन की ओर से कहा गया कि सरकार का लिखित प्रस्ताव देना अच्छा है, मगर कुछ प्रस्ताव पर स्पष्टीकरण की जरूरत है.
कमेटी में सिर्फ SKM के प्रतिनिधि हों
SKM के नेताओं ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कमेटी में कुछ किसान संगठनों को लेकर लेकर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि कमेटी में संयुक्त किसान मोर्चा के ही प्रतिनिधि होने चाहिए. SKM का आरोप है कि सरकार अपने समर्थन वाले किसान संगठनों को MSP कमेटी में शामिल करेगी. केस वापसी का समय देना चाहिए
आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए केसों की वापसी पर सरकार को समय-सीमा देना चाहिए. वहीं, केंद्र को पंजाब सरकार की तर्ज पर मुआवजा मिलना चाहिए. संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि आंदोलन में मृत सदस्य के परिजनों को 5 लाख रुपये और घर के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई है.
संयुक्त किसान मोर्चा ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर भी ऐतराज जताया, जिसमें कहा गया कि आंदोलन समाप्ति की शर्त पर ही किसानों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे. बता दें कि किसान एमएसपी पर कानूनी गारंटी, किसानों पर दर्ज केस की वापसी और किसान आंदोलन के दौरान शहीद किसानों को मुआवजा देने की मांग पर लिखित आश्वासन मांग रहे थे.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

मुद्दों के दम पर जीती कांग्रेस

December 16, 2022
yogi

योगी सरकार का विजन : आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार बनेंगे यूपी में निवेश और डिफेंस इंडस्ट्रीज़ सेक्टर

September 12, 2025
uttarakhand ucc

यूसीसी लागू करने वाला आज़ाद भारत का पहला राज्य बना उत्तराखंड, जारी हुई यूसीसी नियमावली हाईलाइट

January 27, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • उदयनिधि स्टालिन के बयान के खिलाफ दिल्ली भाजपा ओबीसी मोर्चा का विरोध तेज!
  • ‘धार भोजशाला मंदिर ही है…’, एमपी हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
  • दिल्ली में पहली बार दौड़ीं हाइड्रोजन बसें, किन-किन सुविधाओं से हैं लैस?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.