नई दिल्ली। पंजाब और दिल्ली के सत्ता गलियारों में हलचल मचाते हुए दिग्गज भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (आप) को छोड़ने का ऐलान किया है. इसकी घोषणा वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने की. उन्होंने बताया कि हरभजन अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ जुड़ जाएंगे. क्रिकेटर से नेता बने हरभजन के करियर में एक महत्वपूर्ण बदलाव है. क्रिकेट के मैदान पर अपने जबरदस्त प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले हरभजन अब भाजपा के लिए अपनी राजनीतिक ‘दूसरा’ डालने को तैयार हैं.
हरभजन ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 1998 से 2016 तक कुल 365 इंटरनेशल क्रिकेट मैच खेले थे. इस दौरान उन्होंने तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 707 विकेट लिए हैं. हरभजन भारत के लिए दो वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हैं. उनके रहते टीम इंडिया 2007 में टी20 वर्ल्ड कप और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीती थी.
कैसा रहा ‘टर्बनेटर’ का ‘आप’ के साथ सफर?
हरभजन सिंह के औपचारिक राजनीतिक सफर की शुरुआत मार्च 2022 में हुई थी. पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए अपने पांच उम्मीदवारों में से एक के रूप में नामांकित किया था. उन्होंने जुलाई 2022 में सांसद के रूप में शपथ ली. इसके कुछ ही महीनों बाद नेतृत्व के साथ उनकी बढ़ती दूरियों की खबरें आने लगी थीं. वह आज इस बड़े राजनीतिक उलटफेर के साथ सच साबित हुईं.
कितनी है हरभजन सिंह की कुल संपत्ति?
जब हरभजन सिंह ने 2022 में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था, तो उनके हलफनामे ने उनकी अपार संपत्ति का खुलासा किया था. 2022 के हलफनामे के अनुसार, हरभजन सिंह की कुल संपत्ति लगभग 84 करोड़ रुपये घोषित की गई थी.
अचल संपत्ति पोर्टफोलियो में क्या खास?
उनके पास रियल एस्टेट का एक बड़ा पोर्टफोलियो है, जिसमें जालंधर में एक आलीशान बंगला, चंडीगढ़ में लग्जरी संपत्तियां और मुंबई में हाई-एंड कमर्शियल स्पेस शामिल हैं. इसके अलावा हरभजन सिंह को महंगी कारों का भी बहुत शौक है. उनके पास एक Hummer H2 SUV, ऑडी और मर्सिडीज-बेंज जैसी कई लग्जरी गाड़ियां हैं. क्रिकेट से कमाई के अलावा कई बिजनेस, विज्ञापन, कमेंट्री और क्रिकेट एक्सपर्ट की भूमिका से होने वाली आय ने उन्हें भारत के सबसे धनी खेल सितारों में से एक बना दिया.







