Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द? NMC के फैसले पर क्यों उठ रहे सवाल?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 9, 2026
in राष्ट्रीय
A A
Vaishno Devi Medical College
11
SHARES
366
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

इन्हें भी पढ़े

indian army ai

क्या हम फिर पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के लिए तैयार हैं? जानें सेना की नई ताकत

May 6, 2026
toll plazas in Delhi

हाईवे पर आने वाला है नया टोल सिस्टम, नितिन गडकरी ने गिनाए फायदे

May 6, 2026
court

जज ने वकील को हिरासत में भेजने का दिया निर्देश तो मचा बवाल!

May 6, 2026
vijay thalapathy

तमिलनाडु में नए समीकरण, क्या कांग्रेस देगी थलपति विजय का साथ?

May 5, 2026
Load More

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में एमबीबीएस कोर्स की मान्यता रद्द होने के बाद देशभर में बहस तेज हो गई है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने इस कॉलेज से एमबीबीएस की मान्यता वापस ले ली है. आयोग का कहना है कि कॉलेज में पढ़ाई, फैकल्टी और अस्पताल से जुड़ी जरूरी शर्तें पूरी नहीं हो रही थीं. वहीं, इस फैसले के बाद कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं. कुछ लोग इसे पूरी तरह तकनीकी मामला बता रहे हैं, तो कुछ इसे हाल के दाखिला विवाद से जोड़कर देख रहे हैं.

माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को पिछले साल ही 50 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिली थी. इसी के साथ कॉलेज में पहली बार एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हुई थी. उम्मीद थी कि जम्मू क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा को इससे मजबूती मिलेगी. लेकिन एक साल के भीतर ही मान्यता रद्द होने से कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. अब सबसे बड़ी चिंता उन छात्रों को लेकर है, जिन्होंने यहां दाखिला लिया था. एनएमसी के अनुसार, इन छात्रों को दूसरे मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा.

तकनीकी और शैक्षणिक खामियां वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनएमसी ने अपने फैसले में साफ कहा है कि मान्यता रद्द करने का कारण केवल तकनीकी और शैक्षणिक कमियां हैं. आयोग के मुताबिक, कॉलेज ने फैकल्टी, अस्पताल की सुविधाओं और मरीजों की संख्या से जुड़े तय मानकों का पालन नहीं किया. एनएमसी का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे सीधे मरीजों की सेहत और छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता है.

दाखिले को लेकर पहले ही विवादों में था कॉलेज
मान्यता रद्द होने से पहले ही यह कॉलेज विवादों में आ चुका था. 2025-26 के पहले बैच की सीट अलॉटमेंट लिस्ट सामने आने के बाद जम्मू में कई संगठनों ने विरोध किया था. सूची के अनुसार, 50 सीटों में से 42 मुस्लिम छात्रों को, 7 हिंदू छात्रों को और 1 सिख छात्र को दाखिला मिला था. कुछ हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि दाखिले में भेदभाव हुआ है और घाटी के छात्रों को प्राथमिकता दी गई.

क्या दाखिला विवाद ने बढ़ाई जांच की सख्ती?
हालांकि एनएमसी ने इस बात से इनकार किया है कि मान्यता रद्द करने का फैसला किसी सामाजिक या धार्मिक विवाद से जुड़ा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि दाखिला विवाद के बाद कॉलेज पर जांच का दबाव बढ़ गया था. कुछ लोगों का मानना है कि सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के कारण कॉलेज की जांच ज्यादा सख्ती से की गई.

निरीक्षण में क्या-क्या कमियां मिलीं?
एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट और रेटिंग बोर्ड की टीम ने 2 जनवरी को कॉलेज का निरीक्षण किया था. निरीक्षण रिपोर्ट में कई गंभीर कमियां सामने आईं. रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज में फैकल्टी की संख्या तय मानक से लगभग 39 प्रतिशत कम थी. ट्यूटर, डेमोंस्ट्रेटर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी करीब 65 प्रतिशत पाई गई.

अस्पताल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी. ओपीडी में दोपहर एक बजे तक सिर्फ 182 मरीज दर्ज हुए, जबकि मानक के अनुसार कम से कम 400 मरीज होने चाहिए थे. बेड ऑक्युपेंसी सिर्फ 45 प्रतिशत थी, जबकि मानक 80 प्रतिशत है. आईसीयू में भी आधे से कम बेड भरे हुए थे.

लैब, लाइब्रेरी और ऑपरेशन थिएटर में भी कमी
निरीक्षण के दौरान कई विभागों में लैब नहीं पाई गई. रिसर्च लैब पूरी तरह खाली थी. लेक्चर थिएटर एनएमसी के मानकों पर खरे नहीं उतरे. लाइब्रेरी में सिर्फ 744 किताबें थीं, जबकि कम से कम 1,500 किताबों का होना जरूरी है. अस्पताल में केवल दो ऑपरेशन थिएटर चालू थे, जबकि नियम के अनुसार कम से कम पांच ऑपरेशन थिएटर होने चाहिए.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

भगवान राम की शक्ति पूजा देख दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

January 19, 2024
centenary year celebrations

मध्य भारत में बढ़ रहा है संघकार्य, शताब्दी वर्ष के आयोजनों में समाज की सज्जनशक्ति ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

March 18, 2026

विपक्षी एकता आर्थिक भी हो

December 14, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • क्या हम फिर पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के लिए तैयार हैं? जानें सेना की नई ताकत
  • बिजली कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार किया तो बचना मुश्किल, यूपी में नया आदेश जारी
  • बंगाल में BJP भी चुनेगी महिला मुख्यमंत्री? इन नामों पर चर्चाएं तेज

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.