Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

राज्यसभा में बिना बहुमत के भी कैसे सरकार पास करा सकती है UCC बिल, समझें- पूरा गणित

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 29, 2023
in राज्य, विशेष
A A
Rajya Sabha
19
SHARES
636
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दो टूक बयान के बाद अब माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इस पर जल्दी ही आगे बढ़ेगी. राजनीतिक दलों में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है. विधि आयोग (Law Commission) को अब तक साढ़े आठ लाख से अधिक सुझाव मिल चुके हैं. सवाल है कि क्या सरकार राज्य सभा में समान नागरिक संहिता के बिल को पारित करा सकती है, जहां उसे बहुमत नहीं है. दूसरा सवाल यह भी है कि दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग पर लाए अध्यादेश का राज्य सभा में क्या होगा? दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों ही बिलों में सबसे अहम भूमिका आम आदमी पार्टी (AAP) की रहेगी.

पहले बात समान नागरिक संहिता की. राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के बावजूद सरकार ने तीन तलाक और अनुच्छेद 370 के खात्मे करने जैसे महत्वपूर्ण और विवादास्पद बिल पारित कराए हैं. इसलिए यह समझना आसान है कि सरकार अगर चाहे तो वह राज्यसभा में समान नागरिक संहिता बिल भी पारित करा सकती है.

इन्हें भी पढ़े

खाकर विरोध करो, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से बोल आए मंत्री, अब घिर गए

August 28, 2026
Deputy CM Samrat Chaudhary

महिला स्टार्टअप के लिए मिलेंगे 3 लाख रुपये, रक्षाबंधन पर बिहार सरकार का तोहफा

August 27, 2026
rishikesh karnprayag rail project

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 2028 तक ब्यासी सेक्शन में दौड़ेंगी ट्रेनें

August 27, 2026
CM Dhami

टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए CM धामी, प्रदेश की खुशहाली की मांगी मन्नत

August 26, 2026
Load More

क्या है राज्यसभा का गणित

– 245 सदस्यों की राज्य सभा में अभी 237 सदस्य हैं.

– आठ स्थान खाली हैं, जिनमें दो मनोनीत सांसदों की सीट भी शामिल.

– बहुमत का आंकड़ा फिलहाल 119 है.

– बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास अभी 109 सांसद हैं.

– इनमें बीजेपी के 92, एआईएडीएमके 4 सांसद हैं.

– एजीपी, एनपीपी, एसडीएफ, आरपीआई, एमएनएफ, टीएमसीएम और पीएमके के एक- एक सांसद मिला कर 7 सांसद

– और पांच मनोनीत और एक निर्दलीय सांसद का समर्थन हासिल है.

– इसके बावजूद एनडीए बहुमत के आंकड़े से 10 की दूरी पर रह जाती है.

– राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं. इनमें से 3 दिल्ली से और 7 पंजाब से हैं. अगर आप यूसीसी पर बीजेपी को समर्थन दे देती है, तो बीजेपी बहुमत के आंकड़े को पार कर जाएगी.

24 जुलाई को राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव

वैसे 24 जुलाई को राज्यसभा की दस सीटों पर चुनाव होना है. साथ ही एक सीट पर उपचुनाव भी होगा. बीजेपी के राज्य सभा में 93 सांसद थे, हरद्वार दुबे की सोमवार को मौत के बाद अब 92 सांसद बच गए. मनोनीत सांसदों में दो स्थान रिक्त हैं. 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा की 10 सीटों चुनाव में गुजरात से 3 और गोवा से एक सीट बीजेपी को मिलना तय है. पश्चिम बंगाल से पहली बार बीजेपी को राज्य सभा की एक सीट मिलेगी. हालांकि, इसके बावजूद एनडीए बहुमत से दूर रहेगा.

UCC पास कराने में मोदी सरकार को नहीं करनी पड़ेगी मशक्कत

बहुमत से दूर होने के बावजूद भी समान नागरिक संहिता का बिल राज्यसभा में पारित कराने के लिए सरकार को ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत नहीं होगी. बीजेपी को बीजेडी, बीआरएस, वायएसआरसीपी और AAP का समर्थन चाहिए. AAP के 10, बीजेडी के 9, वायएसआरसीपी के 9 और बीआरएस के 7 सांसद राज्यसभा में हैं. बीजेडी समर्थन का ऐलान कर चुकी है, वहीं आम आदमी पार्टी भी सैद्धांतिक तौर पर पक्ष में है. BRS बिल देख कर फैसला करेगी. हालांकि, YSRCP विरोध कर सकती है. ऐसे में AAP और बीजेडी को मिलाकर यह आंकड़ा बहुमत के पार जा सकता है.

जहां एक तरफ समान नागरिक संहिता पर सरकार और AAP के विचार समान दिख रहे हैं. वहीं, एक दूसरे मुद्दे पर दोनों एक दूसरे के सामने तलवार लिए खड़े हैं. यह दूसरा मुद्दा है दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर और पोस्टिंग वाले अध्यादेश का जिस पर अगले महीने शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में गर्मागर्मी देखने को मिल सकती है.

17 जुलाई से शुरू हो सकता है संसद का मॉनसून सत्र

सूत्रों के मुताबिक, संसद का मॉनसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होकर 10-12 अगस्त तक चलने की संभावना है. लेकिन माना जा रहा है कि इस सत्र में दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग वाले अध्यादेश का मुद्दा छाया रहेगा. सरकार कई अन्य बिलों को भी पास कराने की कोशिश करेगी. इनमें कोस्टल ऐक्वाकल्चर अथॉरिटी संशोधन बिल, वन संरक्षण संशोधन बिल, इंटर सर्विसेज़ ऑर्गेनाइजेशन कमांड, कंट्रोल और डिसिप्लीन बिल शामिल हैं.

ट्रांसफ़र-पोस्टिंग वाले अध्यादेश पर क्या है गणित?

राज्यसभा में इस बिल को पारित कराने के लिए बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस पर दारोमदार रहेगा. केंद्र सरकार इन दोनों पार्टियों पर निर्भर रहेगी. बिल को लेकर कांग्रेस ने अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है. इसी बात को लेकर आम आदमी पार्टी कांग्रेस से नाराज भी है. अगर कांग्रेस अध्यादेश के खिलाफ गई तो सरकार को बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस की जरूरत पड़ेगी.

राज्यसभा में इस अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस सहित 110 वोट सीधे-सीधे दिख रहे हैं. इनमें कांग्रेस के 31, टीएमसी के 12, आप के 10, डीएमके के 10, बीआरएस के 7, लेफ़्ट के 7, आरजेडी के 6, जेडीयू के 5, एनसीपी के 4, सपा के 3, शिवसेना (UBT) के 3, जेएमएम के 3, बीएसपी के 1 और अन्य 8 सांसद शामिल हैं.

सारा दारोमदार बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस पर

ऐसे में सारा दारोमदार बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस पर आकर टिक जाता है. बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस के 9-9 सांसद राज्यसभा में हैं. अध्यादेश का भविष्य ये 18 सांसद तय कर सकते हैं. केजरीवाल को अब तक इन दोनों दलों का समर्थन नहीं मिला है. ये दोनों दल पहले भी कई विवादास्पद बिलों पर सरकार की मदद कर चुके हैं. तीन तलाक और अनुच्छेद 370 हटाने पर भी सरकार का समर्थन किया था.

AAP के पास सरकार से सौदेबाजी का अच्छा मौका

गणित यह भी बता रहा है कि अरविंद केजरीवाल के पास सरकार से सौदेबाजी करने का एक अच्छा मौका है. समान नागरिक संहिता पर अपने समर्थन के बदले केंद्र से दिल्ली अध्यादेश पर झुकने को कह सकते हैं.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
renewable energy

रिन्यूबल एनर्जी पर निर्भर हो सकती है दिल्ली, शोध लेख में सामने आई प्रमुख बातें

October 4, 2022
Attack-in-Pahalgam

पहलगाम हमले के बाद आतंकवाद को लेकर उठे सवाल पर ‘पहल’ विशेष विश्लेषण!

April 26, 2025

गुपचुप बदलता रास्ता?

November 17, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • किन सब्जियों को साथ खाने से हो जाती है पथरी? दूर कर लीजिए सारे शक
  • अंतरिक्ष में भारत की ऊंची छलांग! 2030 तक $45 अरब का होगा स्पेस मार्केट
  • ग्रहण मोक्ष के बाद घर और मंदिर में गंगाजल कैसे छिड़कें? जानिए इसका महत्व

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.