Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

राजनीतिक दल कैसे तैयार करते हैं जनता को लुभाने वाला घोषणा पत्र?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 7, 2024
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
neta cartun
16
SHARES
522
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: देश में लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं. इस बीच, कांग्रेस ने एक खास बैठक की. उद्देश्य था लोकसभा चुनाव के लिए मेनिफेस्टो यानी घोषणा पत्र का मसौदा तैयार करना. इसका जिम्मा संभालने वाली कांग्रेस की समिति ने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की. साथ ही यह भी दावा किया कि कांग्रेस का मेनिफेस्टो जनता तैयार करेगी.

अब सवाल उठता है कि आखिर यह मेनिफेस्टो होता क्या है? इसे तैयार करने के मानक क्या हैं? क्या नियम-कानून बनाए गए हैं? आइए जानते हैं.

इन्हें भी पढ़े

BJP

छात्र आंदोलन के बाद बीजेपी ने बदली रणनीति! ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ दौरे का बना प्लान

August 20, 2026
राशन कार्ड

उत्तराखंड में अमीर खा रहे थे गरीबों का राशन, जांच में हुआ खुलासा

August 20, 2026
cm Dhami

इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाते हुए विकास को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता : CM धामी

August 20, 2026
हर्बल आर्ट म्यूज़ियम

हरिद्वार में बना दुनिया का अनोखा हर्बल आर्ट म्यूज़ियम, 65 हजार से ज्यादा दुर्लभ वनस्पति कलाकृतियां

August 19, 2026
Load More

मेनिफ़ेस्टो यानी घोषणा पत्र यानी वादों का पिटारा

मेनिफेस्टो यानी घोषणा पत्र, यह नाम किसी भी चुनाव से पहले चर्चा में आ जाता है. यह वह दस्तावेज होता है जो चुनाव लड़ने वाले सभी राजनीतिक दल जारी करते हैं. इसमें वे जनता के सामने अपने वादे रखते हैं. इसके जरिए बताते हैं कि वे चुनाव जीतने के बाद जनता के लिए क्या-क्या करेंगे. उनकी नीतियां क्या होंगी. सरकार किस तरह से चलाएंगे और उससे जनता को क्या फायदा मिलेगा.

हालांकि, वास्तविकता में घोषणा पत्र वादों का पिटारा मात्र होता है, जिनसे जनता को लुभा कर वोट मांगा जाता है. ये वादे कितने पूरे होते हैं, यह अलग चर्चा का विषय है.

दुनिया भर में जारी किए जाते हैं घोषणा पत्र

चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के लिए पार्टियां काफी मेहनत करती हैं. इसके लिए बाकायदा टीम का गठन किया जाता है जो पार्टी की नीतियों के अनुसार मुद्दों को चुनती है. इस पर पार्टी पदाधिकारियों के बीच चर्चा होती है और इसके बाद इसे प्रकाशित किया जाता है. सिर्फ अपने देश में ऐसा किया जाता है, ऐसा नहीं है. घोषणा पत्र जारी करने की परंपरा दुनिया भर में हैं. आमतौर पर घोषणा पत्र में आर्थिक, सामाजिक और सामाजिक मुद्दों पर पार्टी की नीति और कार्यक्रमों को पेश किया जाता है.

इसलिए तय करनी पड़ी गाइडलाइन

अमेरिका जैसे देश में आमतौर पर घोषणा पत्र में आर्थिक-विदेश नीति, स्वास्थ्य की देखभाल, शासन में सुधार, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों और इमिग्रेशन आदि को शामिल किया जाता है. इनमें किसी तरह के खास लाभ की बात नहीं की जाती है. भारत में मुद्दों को तो शामिल किया ही जाता है, घोषणा पत्र में विशेष फायदों को भी मिलाने की परंपरा सी देखी जाती है. यहां कई बार राजनीतिक दल मुफ्त रेवड़ियां (फ्रीबीज) तक को अपने घोषणा पत्र में शामिल कर लेते हैं, जिसका मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक में उठ चुका है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भारतीय चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के लिए घोषणा पत्र जारी करने को एक निश्चित गाइडलाइन तय कर दी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था फैसला

सुप्रीम कोर्ट में एस सुब्रमण्यम बालाजी वर्सेज तमिलनाडु सरकार और अन्य के मामले की सुनवाई हुई. साल था जुलाई 2013. जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस पी सतशिवम की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि कोई भी मुफ्त वितरण (फ्रीबीज) वास्तव में सभी लोगों पर असर डालता है. ऐसे में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं हो पाते. साथ ही देश में ऐसा कोई प्रावधान भी नहीं है जिससे मेनिफेस्टो में की जाने वाली घोषणाओं को कंट्रोल किया जा सके.

इसलिए कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि राजनीतिक दलों से बात करके गाइडलाइन तैयार करे. यह भी कहा था कि इस गाइडलाइन को राजनीतिक पार्टियों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के लिए चुनाव आचार संहिता में भी सम्मिलित किया जा सकता है.

2013 में जारी की गई गाइडलाइन

इसके बाद 2013 में ही पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता में चुनाव घोषणा पत्र से जुड़ी गाइडलाइन भी जोड़ दी. इन गाइडलाइन में कहा गया है कि घोषणा पत्र में संविधान के आदर्शों और सिद्धांतों के खिलाफ कुछ भी नहीं होगा और यह आदर्श आचार संहिता का पालन करेगा. राजनीतिक पार्टियों को उन वादों से बचना होगा, जो चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को कम कर सकते हैं या मतदाताओं पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं.

इस गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दल घोषणा पत्र में किए गए वादों की जरूरत को बताएंगे और वही वादे किए जाएंगे जो पूरे किए जा सकते हैं. यह भी बताना होगा कि इन वादों को पूरा करने के लिए वित्तीय जरूरतें किस तरह पूरी होंगी?

घोषणा पत्र जारी करने की समय सीमा भी तय

राजनीतिक दलों के लिए घोषणा पत्र जारी करने के लिए समय सीमा भी तय कर दी गई. इसमें कहा गया है कि चुनाव के लिए घोषणा पत्र प्रोहिबिटरी पीरियड में नहीं जारी किया जाएगा. यह निर्देश जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 126 के अनुसार दिया गया है. इसी अधिनियम के अनुसार यह भी कहा गया है कि अगर चुनाव कई चरणों में होते हैं तो भी निषेधात्मक अवधियों (प्रोहिबिटरी पीरियड) में घोषणा पत्र नहीं जारी किया जाएगा. बताते चलें कि आरपी अधिनियम की धारा 126 के अनुसार यह प्रोहिबिटरी पीरियड चुनाव खत्म होने से पहले के 48 घंटे हैं यानी मतदान के 48 घंटे पहले से घोषणा पत्र जारी करने पर रोक लग जाती है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

DAV इण्टर कॉलेज के वार्षिकोत्सव समारोह में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया प्रतिभाग

December 21, 2023

गंगा दशहरा, विश्व पर्यावरण दिवस और हम…?

June 5, 2025
pm modi

आठ साल बाद, क्या अच्छे दिन आ रहे?

June 13, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • पानी पीने के बाद भी प्यास लग रही, ये दिक्कत तो नहीं?
  • WhatsApp पर PAN और Aadhaar शेयर करने वाले सावधान, आपकी एक गलती बढ़ा सकती है परेशानी
  • छात्र आंदोलन के बाद बीजेपी ने बदली रणनीति! ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ दौरे का बना प्लान

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.