Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

5 साल में कैसे बदल जाएगा भारत का सियासी नक्शा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 10, 2024
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
One Election
16
SHARES
548
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: भारत में आम जनगणना की सुगबुगाहट तेज हो गई है. जनवरी 2025 के बाद कभी भी केंद्र इसे कराने की घोषणा कर सकती है. दिसंबर 2024 तक सभी राज्यों को अपने सीमाएं ठीक करने की मोहलत दी गई है. आम जनगणना 2020 में ही होनी था, लेकिन कोरोना और राजनीतिक वजहों से यह लगातार टलती रही.

अब जब आम जनगणना की सुगबुगाहट शुरू हुई है तो सियासी गलियारों में एक साथ कई सवाल खड़े हो गए हैं. मसलन, जनगणना कब तक की जाएगी, इससे देश की सियासत पर क्या असर होगा, क्या आम जनगणना के साथ जातियों की भी गिनती होगी?

इन्हें भी पढ़े

PM modi

El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

July 2, 2026
Amit Shah

घुसपैठ पर आर-पार की तैयारी, हाई-लेवल बैठक में तय होगी देशव्यापी कार्रवाई की रणनीति

July 2, 2026
EPFO

लागू हो गई ‘EPF स्कीम 2026’, जानिए क्या बदल गया आपका पीएफ अकाउंट और UAN?

July 2, 2026
Sanae Takaichi India

तकाइची को PM मोदी ने अपनी छोटी बहन बताया, बोले-आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत

July 2, 2026
Load More

क्या जनगणना में जाति की भी गिनती होगी?

जनगणना को लेकर बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार आम जनगणना के साथ सरकार जाति की भी गिनती कराएगी. अब तक जो संवैधानिक प्रावधान है, उसके मुताबिक केंद्र सिर्फ नाम, जेंडर आदि की ही जानकारी लोगों से लेती है. जाति की गिनती कराने का फैसला अगर सरकार लेती है तो उसे जनगणना के नियमों में संशोधन करना पड़ेगा.

भारत में जाति जनगणना की मांग लगातार विपक्षी पार्टियों की तरफ से की जा रही है. केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी इसको लेकर चुप है. केंद्र का कहना है कि यह काम आसान नहीं है. केंद्र कई बार इसे सिरे से खारिज भी कर चुका है.

जनगणना से कैसे बदलेगी भारत की सियासत?

वैसे तो सरकार जनगणना अपने स्कीम को दुरुस्त करने के लिए कराती है, लेकिन इस बार के जनगणना से भारत की सियासत पर भी असर पड़ेगा. जनगणना से भारत की सियासत में 4 बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

जनगणना से ही खुलेगा परिसीमन का रास्ता- परिसीमन का मतलब होता है, देश या राज्य में विधायी निकाय वाले निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा तय करने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया. इस प्रक्रिया के जरिए यह तय किया जाता है कि विधायी निकाय में कितनी संख्या होनी चाहिए, जिससे जनता को सहूलियत मिल सके.

परिसीमन के लिए जनगणना की रिपोर्ट जरूरी है. यानी बिना जनगणना की रिपोर्ट के परिसीमन नहीं किया जा सकता है. वर्तमान में 2026 तक परिसीमन पर रोक है. ऐसे में कहा जा रहा है कि जनगणना होने से परिसीमन के लिए भी रास्ता खुलेगा.

ऐसा होता है लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या में बदलाव हो सकता है.

परिसीमन से सीटों की संख्या बदल सकती है- भारत में लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन 2008 में आखिरी बार किया गया था. यह परिसीमन सिर्फ समीकरण बदलने के लिए किया गया था. सीटों की संख्या तय करने वाला परिसीमन 1976 में हुआ था. उस वक्त 1970 जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया गया था. 1970 के मुकाबले अब काफी कुछ बदल गया है.

1970 में भारत की आबादी करीब 50 करोड़ थी और इसी हिसाब से लोकसभा का आंकड़ा सेट किया गया था. उस वक्त करीब 10 लाख आबादी पर लोकसभा की एक सीट का फॉर्मूला तय किया गया था. वर्तमान में भारत की अनुमानित आबादी 150 करोड़ के आसपास है.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत कई दिग्गज नए सिरे से सीटों की संख्या तय करने की मांग कर चुके हैं. प्रणब ने कहा था कि लोकसभा में करीब 1000 सीटें होनी चाहिए. नई लोकसभा में 888 सांसदों के बैठने की व्यवस्था है.

इसी तरह कई राज्यों में भी विधानसभा की संख्या बढ़ाने की मांग हो रही है. परिसीमन में इस पर भी विचार किया जा सकता है.

देश में लागू होगा महिला आरक्षण का बिल- जनगणना और परिसीमन की वजह से ही महिला आरक्षण बिल अभी तक अमल में नहीं आ पाया है. 16वीं लोकसभा के दौरान केंद्र ने एक विधेयक पास किया था, जिसमें लोकसभा और विधानसभा की सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी.

जनगणना और परिसीमन के बाद यह फॉर्मूला लागू हो जाएगा. इसे लागू होने से देश की सियासत की दिशा और दशा बदल जाएगी. लोकसभा और विधानसभा की करीब एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएगी. वर्तमान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है.

इसके कारण विधानसभा से लेकर लोकसभा तक महिलाओं की भागीदारी ज्यादा दिखेगी.

आबादी से हिस्सेदारी की मांग तेज होगी- जनगणना के बाद आबादी के हिस्सेदारी की मांग तेज हो सकती है. अब तक के जो अनुमान हैं, उसके मुताबिक दक्षिण के मुकाबले उत्तर के राज्यों की आबादी ज्यादा है. अगर जनगणना का डेटा भी इसी के अनुरूप आता है तो दक्षिण के राज्य अपनी हिस्सेदारी की मांग बढ़ा सकती है.

दक्षिण के राज्यों का लंबे वक्त से कहना है कि उनके लोग टैक्स ज्यादा देते हैं लेकिन दिल्ली से उन्हें रिटर्न कम मिलता है. इस पर कई बार सियासत भी हो चुकी है. राज्यों के अलावा जातिगत आधार पर भी हिस्सेदारी की मांग उठ सकती है.

जनगणना और परिसीमन कब तक हो सकता है?

लोकसभा चुनाव 2029 से पहले दोनों के होने की संभावनाएं है. 2025 में अगर जनगणना को हरी झंडी मिलती है तो इसे होने में करीब 2 साल का वक्त लग सकता है. इसके बाद परिसीमन होने में करीब एक साल का वक्त लग सकता है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
pakistaan

क्या पाकिस्तान का दिवालिया होना तय है?

February 23, 2023
TD vaccine

दस एवं सोलह वर्ष की आयु के छूटे हुए बच्चों को लगाई जाएगी TD की वैक्सीन

April 24, 2025
arrest

मुद्दा : जेल में भी जिंदगी से जद्दोजहद

April 24, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • चीन ने कबाड़ प्‍लेन बेचकर नेपाल को लगाया अरबों का चूना, अब खुलेगी पोल
  • केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा, WhatsApp के नए Username फीचर शुरू करने पर लगाई रोक
  • चीनी ऐप से हैक हो रहे ई-रिक्शा, चालक और सवारियों के लिए बड़ा खतरा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.