नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू कई बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि राज्य में गिरती प्रजनन दर चिंता का विषय बनती जा रही है। इसी वजह से उन्होंने विधानसभा में जनसंख्या प्रबंधन नीति का प्रस्ताव भी रखा था। अब इस नीति के तहत सरकार खुले तौर पर लोगों को तीसरे बच्चे के जन्म के लिए प्रोत्साहित करने की तैयारी कर रही है। माता-पिता को अतिरिक्त अवकाश और महिलाओं के लिए कई अन्य सुविधाएं देने की भी बात कही जा रही है।
राज्य सरकार ने जनसंख्या बढ़ाने के उद्देश्य से पोषण, शिक्षा और सुरक्षा पैकेज की शुरुआत की है। इसके तहत अगर कोई परिवार तीसरे बच्चे को जन्म देता है तो उसे 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा तीसरे बच्चे को पांच साल तक हर महीने एक हजार रुपये सीधे खाते में दिए जाएंगे। वहीं, बच्चे के 18 साल की उम्र तक मुफ्त शिक्षा की गारंटी भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने यह भी कहा है कि हर मां को 12 महीने का मातृत्व अवकाश और पिता को दो महीने का पितृत्व अवकाश उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में 1993 में प्रजनन दर लगभग 3 फीसदी थी, जो घटकर 1.5 के आसपास पहुंच गई है। उनका कहना है कि राज्य में युवाओं की कार्यशील आबादी लगातार कम होती जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति बनी रही तो जापान, दक्षिण कोरिया और इटली की तरह आंध्र प्रदेश को भी तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 2023 तक की रिपोर्ट बताती है कि राज्य में हर साल लगभग 6.70 लाख बच्चों का जन्म हो रहा है। यदि यही स्थिति जारी रही तो 2047 तक बुजुर्गों का अनुपात करीब 23 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसे आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश सरकार मार्च के अंत तक इस योजना को अंतिम रूप दे सकती है और 1 अप्रैल से इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।







