नई दिल्ली। जयपुर में आयोजित दीनदयाल स्मृति व्याख्यान में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत आज दुनिया के सामने एक ऐसी शक्ति के रूप में उभर चुका है, जिससे वैश्विक चुनौतियों के समाधान की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा, “दुनिया आज भारत की ओर देख रही है। जिन समस्याओं का समाधान दुनिया खोज रही है, उनका उत्तर भारत के पास है।”
भागवत ने देश की तेज़ प्रगति का जिक्र करते हुए कहा, “भारत अब इंच-इंच नहीं, मील-मील बढ़ रहा है। दुनिया में भारत की अलग पहचान बन चुकी है।” उन्होंने कहा कि भारत में वह बौद्धिक क्षमता और विचार है, जो विश्व की समस्याओं का समाधान दे सकता है। वैश्विक संघर्षों पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि युद्ध अक्सर राष्ट्रवाद से उपजते हैं।
ताकतवर देशों में युद्ध, नुकसान कमजोर देशों पर
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीयतावाद की बातें करने वाले भी अंततः अपने देश के हित को ही सबसे ऊपर रखते हैं, जिससे दुनिया में अस्थिरता बनी रहती है। “सबसे ज़्यादा संघर्ष तो शक्तिशाली देशों में है और उसका नुकसान कमजोर देशों को उठाना पड़ता है।”
धार्मिक आस्था बनाए रखना जरूरी
जयपुर दौरे पर पहुंचे मोहन भागवत ने प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में दर्शन किए। यहां उनका स्वागत स्थानीय प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों ने किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आस्था बनाए रखना और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजना समाज के विकास के लिए जरूरी है।
भागवत ने मंदिर की व्यवस्थाओं और वहां चल रहे धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का काम भी करते हैं।
उन्होंने युवाओं से समाजिक जिम्मेदारियाँ निभाने और शिक्षा, संस्कृति तथा सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
जयपुर में उनके आगमन से स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। RSS अधिकारियों ने बताया कि भागवत का यह दौरा धार्मिक सहभागिता के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।







