नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य भारत से अपना विस्तार शुरू करके उत्तर भारत में मजबूत पकड़ बना ली। फिर पश्चिम में यह बहुत ही शक्तिशाली राजनीतिक दल बनकर उभरी। बीते वर्षों में इसने पूर्वी और पुर्वोत्तर भारत में भी कांग्रेस की जमीन साफ कर दी है। सवाल है कि क्या अब वह दक्षिण भारत में भी वही कामयाबी हासिल करने जा ही है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इंडियन एक्सप्रेस से कई मुद्दों पर विस्तार से बात की है। इस बातचीत में उन्होंने दावा किया है कि इस चुनाव में भी कई मिथक टूटने जा रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया है कि इस चुनाव में भाजपा दक्षिण भारत में भी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने जा रही है।
दक्षिण भारतीय राज्यों में भाजपा के प्रदर्शन पर नड्डा का बड़ा दावा
सभी दक्षिण भारतीय राज्यों में चुनाव संपन्न हो गए हैं। इसलिए वहां के संदर्भ में बीजेपी अध्यक्ष का दावा काफी मायने रखता है। जेपी नड्डा ने कहा है, ‘हमारा तेलंगाना में विस्तार होगा, हम आंध्र प्रदेश में सीटें जीतेंगे और हम कर्नाटक में अपनी स्थिति कायम रखते हुए तमिलनाडु और केरल में भी खाता खोलेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘इन राज्यों में वोट शेयर बढ़ेगा। हम उन राज्यों में भी अपनी स्थिति और मजबूत कर रहे हैं, जहां हम पहले ही काफी विस्तार कर चुके हैं। प्रक्रिया जारी है।….हम तेलंगाना में हार गए…लेकिन हमें काफी फायदा हुआ है।’
भाजपा ने दक्षिण भारत के सिर्फ एक राज्य या कर्नाटक में खुद को एक मजूबत शक्ति के रूप में स्थापित करने में सफलता पाई है। लेकिन, इसके अलावा वह कहीं भी प्रमुख शक्ति के रूप में नहीं उभर पाई है। तेलंगाना में उसने खुद को पिछले चुनावों में जरूर मजबूत किया है। लेकिन, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में उसे आज भी साबित करना बाकी है।
बीजेपी दक्षिण भारत में सबसे बड़ी पार्टी होगी- जेपी नड्डा
इसको लेकर बीजेपी नेता ने कहा है, ‘2024 के लोकसभा चुनावों में मुझे विश्वास है कि बीजेपी कुछ मिथकों को तोड़ देगी, जिससे सभी अचंभित रह जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के हाथों को मजबूत करने और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए इन सारे दक्षिणी राज्यों में लोगों से जिस तरह का समर्थन हमें मिल रहा है, उससे मैं बहुत ही आसानी से कह सकता हूं कि बीजेपी दक्षिण भारत में सबसे बड़ी पार्टी होगी।’
मुस्लिम और अल्पसंख्यक वोटों को लेकर भी भाजपा की बढ़ी उम्मीद
वहीं अल्पसंख्यकों के बीजेपी के प्रति झुकाव को लेकर भी उन्होंने बड़ा बात की है। उनके मुताबिक, ‘चीजें बदल रही हैं और मीडिया में रिपोर्ट है कि 4-5% मुसलमानों ने बीजेपी को वोट दिया है। रिपोर्ट कहता है कि चार में से एक मुस्लिम महिला ने बीजेपी को वोट दिया है। ……..गलतफहमियां धीरे-धीरे दूर हो जाएंगी। जैसे पिछड़े वर्गों का भाजपा ने विश्वास जीता है, जिसे कभी ब्राह्मणों की पार्टी कहा जाता था। यह बदल रहा है, क्योंकि हमारी नीयत साफ है। दक्षिण में भाषा की एक दिक्कत है, लेकिन हम उन्हें दोष नहीं दे सकते।’
उन्होंने अल्पसंख्यकों में पार्टी की बढ़ती पैठ को लेकर कहा है कि ‘देखिए, गोवा, नॉर्थईस्ट और केरल में अब ईसाई हमारे से बहुत ही सहज हैं। उन्होंने मुद्दों को समझना शुरू कर दिया है, जैसा कि हमने ‘द केरला स्टोरी’ में देखा है। यह उनके घरों में हुआ है। उससे उन्हें भुगतना पड़ा है।’







