Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home धर्म

क्यों खास है जागेश्वर मंदिर? जानिए 125 मंदिरों वाले इस शिव धाम से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 31, 2026
in धर्म, राज्य
A A
jageshwar dham almora
26
SHARES
858
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। देवदार के घने जंगलों और जटागंगा नदी के किनारे बसा जागेश्वर धाम अपनी प्राचीन मंदिरों और धार्मिक मान्यताओं के लिए खास पहचान रखता है. यहां करीब 125 छोटे-बड़े मंदिरों का समूह श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. भगवान शिव के बाल जागेश्वर स्वरूप और महामृत्युंजय मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के कारण देशभर से भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. शांत प्राकृतिक वातावरण के बीच सदियों पुरानी मंदिर वास्तुकला जागेश्वर धाम को धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन के लिहाज से भी खास बनाती है.

कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले में देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित जागेश्वर धाम कुमाऊं के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है. शांत और प्राकृतिक वातावरण के कारण यहां पहुंचते ही श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति होती है. जटागंगा नदी के किनारे बसे इस धाम में प्राचीन पत्थर से निर्मित अनेक मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. यहां करीब 125 छोटे-बड़े मंदिरों का समूह बताया जाता है.

इन्हें भी पढ़े

cm yogi akhilesh yadav

सर्वे : यूपी में 2027 में किसकी बनेगी सरकार?

October 17, 2026
Navratri Ashtami

पंचांग के अनुसार अष्टमी किस दिन है, अष्टमी व्रत कब रखा जाएगा और कन्या पूजन कब होगा?

October 17, 2026
rain

अगले सात दिनों तक इन राज्यों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग की चेतावनी जारी

October 17, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में सर्वकष्ट हरने वाली देवी माँ ‘कालरात्रि’ की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना

October 17, 2026
Load More

जागेश्वर धाम को लेकर धार्मिक ग्रंथों और स्थानीय परंपराओं में कई मान्यताएं प्रचलित हैं. श्रद्धालुओं की आस्था है कि यह क्षेत्र भगवान शिव के नागेश स्वरूप और प्रथम शिवलिंग से जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से शिव भक्त यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की पूजा होती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार जागेश्वर क्षेत्र में शिव आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.

पंडित कैलाश उपाध्याय बताते हैं कि जागेश्वर धाम में भगवान शिव के बाल स्वरूप बाल जागेश्वर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक आस्था के अनुसार यहां भगवान शिव को बाल रूप में पूजने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है. मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान बाल जागेश्वर के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. जागेश्वर की धार्मिक पहचान केवल बड़े मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां अलग-अलग शिव स्वरूपों से जुड़े मंदिर भी हैं.

जागेश्वर धाम की पहचान कई पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हुई है. सप्तऋषियों ने इसी क्षेत्र में भगवान शिव की आराधना और तपस्या की थी. मान्यता है कि ऋषियों की तपस्या के कारण यह क्षेत्र सदियों से शिव साधना का प्रमुख केंद्र रहा है. देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित प्राचीन मंदिर इस धार्मिक वातावरण को और खास बनाते हैं. यहां आने वाले श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ आसपास के शांत प्राकृतिक वातावरण का भी अनुभव करते हैं.

जागेश्वर मंदिर समूह में महामृत्युंजय मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इसे धाम के सबसे प्राचीन मंदिरों में शामिल किया जाता है. मंदिर में भगवान शिव के महामृत्युंजय स्वरूप की पूजा की जाती है. श्रद्धालु यहां स्वास्थ्य, दीर्घायु और अकाल मृत्यु से मुक्ति की कामना के साथ विशेष पूजा-अर्चना और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करवाते हैं. मंदिर की प्राचीन वास्तुकला भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करती है. दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं.

जागेश्वर धाम का संबंध केवल स्थानीय धार्मिक मान्यताओं तक सीमित नहीं है. धार्मिक परंपरा के अनुसार स्कंद पुराण, शिव पुराण और लिंग पुराण में भी जागेश्वर क्षेत्र का उल्लेख मिलता है. इन ग्रंथों से जुड़े धार्मिक संदर्भो के कारण इस स्थान की महत्ता और बढ़ जाती है. सदियों पुराने मंदिर यहां की प्राचीन धार्मिक और स्थापत्य परंपरा की झलक दिखाते हैं. देवदार के जंगलों से घिरे इस मंदिर समूह में अलग-अलग आकार और शैली के कई मंदिर मौजूद हैं.

जागेश्वर धाम जटागंगा नदी के तट पर स्थित है. नदी, देवदार के जंगल और प्राचीन मंदिर मिलकर यहां का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक बनाते हैं. धार्मिक मान्यता के कारण जटागंगा तट पर विभिन्न पूजा-पाठ और धार्मिक कर्मकांड भी किए जाते हैं. जागेश्वर को अंतिम संस्कार और मोक्ष से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी श्रद्धा का केंद्र माना जाता है. मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के साथ नदी तट पर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं.

जागेश्वर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु सबसे पहले मंदिर समूह के प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं. इसके बाद बाल जागेश्वर मंदिर और महामृत्युंजय मंदिर में पूजा-अर्चना करना विशेष माना जाता है. श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार महामृत्युंजय जाप और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी करवा सकते हैं. मंदिर परिसर में घूमते समय प्राचीन पत्थर की वास्तुकला और देवदार के जंगलों की सुंदरता देखी जा सकती है. जटागंगा नदी के आसपास भी शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Rahul Gandhi's 'Bharat Jodo Yatra

कांग्रेस के लिए बहुत कुछ तय कर देंगे ये इस राज्य के चुनावी नतीजे!

March 13, 2023

बीजेपी को अब इन नौ राज्यों में चुनाव का इंतजार

December 10, 2022
Ban on sale of Halal certified products in UP

यूपी में हलाल प्रमाणपत्र उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध

November 19, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल, ज्ञानेश कुमार ने तबादलों की झड़ी लगा दी
  • सर्वे : यूपी में 2027 में किसकी बनेगी सरकार?
  • सरकार ने बदली पेंशन योजनाओं के नाम, जानें लाभार्थियों पर क्या होगा असर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.