नई दिल्ली। पेट्रोल पर निर्भरता कम करने, प्रदूषण घटाने और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए दुनिया के कई देश तेजी से एथनॉल का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। खासकर परिवहन क्षेत्र में एथनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel) को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्पादन और खपत दोनों के मामले में अमेरिका और ब्राजील दुनिया के सबसे बड़े देश हैं, जबकि भारत भी तेजी से इस सूची में आगे बढ़ रहा है।
ब्राजील में वाहन 100% एथनॉल पर भी चलते हैं
ब्राजील एथनॉल उपयोग के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। यहां हर साल करीब 35 से 38 अरब लीटर एथनॉल का इस्तेमाल होता है। ब्राजील में एथनॉल मुख्य रूप से गन्ने (Sugarcane) से तैयार किया जाता है। देश में पेट्रोल में 27% तक एथनॉल मिश्रण (E27) अनिवार्य है, जबकि बड़ी संख्या में वाहन 100% एथनॉल (E100) पर भी चलते हैं।
अमेरिका सबसे बड़ा उपभोक्ता और उत्पादक
एथनॉल के इस्तेमाल में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) दुनिया में पहले स्थान पर है। अमेरिका हर साल करीब 58 से 60 अरब लीटर एथनॉल का उत्पादन और उपयोग करता है। वहां अधिकांश एथनॉल मक्का (Corn) से बनाया जाता है और लगभग सभी पेट्रोल में 10% (E10) एथनॉल मिलाया जाता है। कई राज्यों में E15 और E85 जैसे उच्च मिश्रण वाले ईंधन का भी व्यापक उपयोग होता है।
दुनिया के प्रमुख एथनॉल उपयोगकर्ता देश
देश अनुमानित वार्षिक एथनॉल उपयोग
अमेरिका 58–60 अरब लीटर
ब्राजील 35–38 अरब लीटर
भारत 7–9 अरब लीटर
चीन 4–5 अरब लीटर
कनाडा 2–3 अरब लीटर
थनॉल क्यों बढ़ रहा है?
- पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए
- कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए
- किसानों की आय बढ़ाने के लिए
- कच्चे तेल के आयात में कमी लाने के लिए
- स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए
भारत तेजी से बढ़ा रहा है एथनॉल का उपयोग
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में एथनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम में तेज़ी दिखाई है। देश में फिलहाल 20% एथनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य कई क्षेत्रों में लागू किया जा चुका है। भारत का वार्षिक एथनॉल उत्पादन और उपयोग लगातार बढ़ रहा है और यह अब दुनिया के प्रमुख एथनॉल उत्पादक देशों में शामिल हो चुका है। भारत में एथनॉल मुख्य रूप से गन्ना, शीरा (Molasses) और अनाज से तैयार किया जाता है। भारत सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में 20% एथनॉल मिश्रण (E20) को देशभर में लागू करना है। इससे कच्चे तेल के आयात में कमी, विदेशी मुद्रा की बचत और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।







