नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी वर्चस्व की जंग से पश्चिम एशिया में फिर स्थिति गंभीर हो गई है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने सीधे खाड़ी देशों को निशाना बनाया है। अमेरिका ने रविवार रात ईरान पर कई घंटों तक ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों को मटियामेट कर दिया गया। सेंटकॉम के इस दावे के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि खाड़ी में सोमवार का सूरज उगने के साथ ही ईरान ने इस हमले का जवाब देते हुए इलाके में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
सीएनएन, अल जजीरा, इरना, फार्स और जॉर्डन न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटकॉम ने ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले आम नागरिकों के जहाजों और कमर्शियल जहाजों पर हमला कर रहा है। ईरान की ताकत को कमजोर करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले किए।
सेंटकॉम ने एक्स पर कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हमलों का नया दौर पूरा कर लिया है। सटीक हथियारों से कई स्थानों पर दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेना ने पहली बार यूएस फाइटर प्लेन, नौसेना के जहाजों, वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन का इस्तेमाल करके ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कोस्टल रडार साइट, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं और छोटी नावों पर हमले किए। इससे 24 घंटे पहले अमेरिका ने ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर बमबारी की थी।
सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया गया है। अमेरिकी हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। ईरान के खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती ने कहा है कि आज सुबह माहशहर में एक खेत पर बने सिंचाई पंप केंद्र पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। ईरान के बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे बंदरगाह शहरों के साथ-साथ केशम द्वीप पर भी जोरदार धमाके हुए हैं।
एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि दक्षिण-पश्चिमी ईरान के माहशहर काउंटी में एक वाटर पंपिंग स्टेशन पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। आईआरजीसी ने कहा कि उसने ड्रोन और मिसाइलों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि सायरन बजाए गए। कुवैत की सशस्त्र सेनाओं ने आज सुबह एक्स पर जारी बयान में कहा, “कुवैत सशस्त्र बलों का जनरल स्टाफ घोषणा करता है कि धमाकों की जो भी आवाजों सुनाई दे सकती हैं, वे एयर डिफेंस सिस्टम के दुश्मन के हमलों को रोकने (इंटरसेप्ट करने) का नतीजा हैं।” सेना ने लोगों से सरकार के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
इससे पहले ईरान ने कहा था कि कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमले किए गए हैं। अली अल सलेम स्थित अमेरिकी अड्डे पर ईंधन भंडारण टैंकों और पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। आईआरजीसी ने कहा कि उसने लगभग 30 मील दूर स्थित अहमद अल जाबेर एयर बेस पर भी हमला किया। ईरान ने इसके अलावा बहरीन में अमेरिकी अड्डे पर हमला किया है।
बहरीन के शेख ईसा स्थित अमेरिकी एयर बेस पर हेलीकॉप्टर रखरखाव और मरम्मत सुविधाओं, पी-आठ पोसीडॉन विमान वाले हैंगर और सेना के ड्रोन कमांड और कंट्रोल सेंटर पर हमले का दावा किया गया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि हमले की आहट मिलते ही सायरन बजाए गए। निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी जारी की गई। उधर, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में आ रही चार मिसाइलों को रोका और नष्ट कर दिया गया।







