प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। दिल्ली में आगामी सर्दियों के दौरान वायु एवं धूल प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली नगर निगम द्वारा विभिन्न स्तरों पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि निगम का मुख्य फोकस सड़कों की बेहतर स्थिति, धूल नियंत्रण, मशीनीकृत सफाई, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों की निगरानी तथा हरित क्षेत्र बढ़ाने पर है।
उन्होंने बताया कि एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में लगभग 6,127 किलोमीटर सड़कों पर करीब 57,000 सफाई मित्रों द्वारा नियमित मैनुअल स्वीपिंग की जा रही है। वर्ष 2026 में 1,202 किलोमीटर सड़कों की एंड-टू-एंड री-सर्फेसिंग/स्ट्रेंथनिंग का कार्य लिया गया है। इसके अलावा अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 6,797 गड्ढों की मरम्मत की गई है।
डीप क्लीन ड्राइव और मैकेनिकल स्वीपिंग से धूल नियंत्रण
18 मई 2026 से एमसीडी क्षेत्रों में डीप क्लीन ड्राइव के तहत सड़कों से पुराने जमा धूल एवं सिल्ट को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। अब तक करीब 2,900 मीट्रिक टन सिल्ट हटाई गई है और 1,200 किलोमीटर सड़क की सफाई की गई है।
एमसीडी द्वारा 66 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (MRSMs) के माध्यम से प्रमुख सड़कों की मशीनीकृत सफाई की जा रही है। इन मशीनों से प्रतिदिन लगभग 180 टन धूल एकत्र की जा रही है। इसके साथ ही अतिरिक्त MRSMs की तैनाती की जा रही है। 70 नई MRSMs की तैनाती चरणबद्ध तरीके से प्रस्तावित है तथा 40 अतिरिक्त MRSMs को किराये पर लेने के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसके अलावा 1,000 लिटर पिकर मशीनों की तैनाती भी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
वाटर स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन से धूल पर नियंत्रण
श्रीमती सत्या शर्मा ने बताया कि एमसीडी द्वारा 167 वाटर स्प्रिंकलर और 28 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन विभिन्न सड़कों पर तैनात की गई हैं।ग्रेप के विभिन्न चरणों के अनुसार इनका उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त एमसीडी की विभिन्न सुविधाओं जैसे सी एंड डी, डंपसाइट और वेस्ट टू एनर्जी प्लांटों पर 20 एंटी-स्मॉग गन तथा एमसीडी की हाई-राइज इमारतों पर 15 एंटी-स्मॉग गन स्थापित हैं। हाल ही में 12 नई वाटर स्प्रिंकलर/एंटी-स्मॉग गन भी खरीदी गई हैं, जिन्हें शीघ्र तैनात किया जाएगा।
विंटर एक्शन प्लान के तहत संयुक्त प्रवर्तन टीमें
विंटर एक्शन प्लान के तहत एमसीडी ने संयुक्त प्रवर्तन टीमों का गठन किया है। ये टीमें बायोमास जलाने, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण, अनधिकृत ईंधन के उपयोग, अवैध C&D वेस्ट/कूड़ा डंपिंग तथा सी एंड डी वेस्ट स्टोरेज/डंप साइटों की निगरानी एवं जांच करेंगी।
46 हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी
डीपीसीसी द्वारा चिन्हित 46 हॉटस्पॉट पर वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की पहचान कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय में कार्रवाई की जा रही है। जोन के उपायुक्तों को नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा 11 राजस्व जिलों में गठित निगरानी समितियों एवं क्रॉस-फंक्शनल टीमों के माध्यम से हॉटस्पॉट क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की निगरानी और निरीक्षण किया जा रहा है।
हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी विशेष जोर
एमसीडी द्वारा अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच अपने अधिकार क्षेत्र में 4,00,282 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें 1,26,866 पेड़, 2,69,882 झाड़ियां और 3,534 बांस शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2026 के लिए चिन्हित 8,68,958 वर्गमीटर ब्राउन पैच का लक्ष्य भी पूरा किया जा चुका है।
स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल आपातकालीन उपाय पर्याप्त नहीं हैं। सड़क रखरखाव, धूल की रोकथाम, नियमित सफाई, हरित क्षेत्र का विस्तार और प्रदूषण स्रोतों की निरंतर निगरानी को साथ लेकर चलना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी उपायों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।







