नई दिल्ली। भारतीय नौसेना तेजी से अपने बेड़े का विस्तार कर रही है. हाल ही में स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि के नौसेना में शामिल होने के बाद अब एक और स्वदेशी युद्धपोत INS मालवान (Malwan) भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए तैयार है. लगातार एक के बाद एक आधुनिक युद्धपोतों की डिलीवरी इस बात का संकेत है कि भारत अब युद्धपोत निर्माण में नई गति हासिल कर चुका है. एक जहाज के कमीशन होते ही दूसरा नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार मिल रहा है.
क्या है INS मालवान?
INS मालवान एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) परियोजना का दूसरा युद्धपोत है. इसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने भारतीय नौसेना की परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन और तैयार किया है. इस जहाज में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण और प्रणालियों का उपयोग किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देता है. 31 मार्च 2026 को इस पोत को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था.
पनडुब्बियों का शिकार करने में माहिर
यह युद्धपोत विशेष रूप से समुद्र के उथले क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए बनाया गया है. इसके अलावा यह तटीय सुरक्षा, अंडरवॉटर सर्विलांस, माइन वॉरफेयर, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन तथा कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों को भी प्रभावी ढंग से अंजाम दे सकता है. हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती पनडुब्बी गतिविधियों को देखते हुए ऐसे पोत भारतीय नौसेना की क्षमता को काफी बढ़ाते हैं.
आधुनिक हथियारों से लैस
करीब 80 मीटर लंबे और लगभग 1,100 टन विस्थापन वाले INS मालवान में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इसमें उन्नत सोनार सिस्टम, लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार, RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, हल्के टॉरपीडो लॉन्चर, 30 मिमी नौसैनिक गन, आधुनिक रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम लगाए गए हैं. इन प्रणालियों की मदद से यह जहाज समुद्र के भीतर छिपी पनडुब्बियों का पता लगाकर उन पर प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है.
क्यों खास है ‘मालवान’ नाम?
‘मालवान’ नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन से लिया गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की समृद्ध समुद्री विरासत और सिंधुदुर्ग किले के लिए जाना जाता है. भारतीय नौसेना अपने कई युद्धपोतों के नाम भारत के ऐतिहासिक और सामरिक महत्व वाले तटीय क्षेत्रों और शहरों के नाम पर रखती रही है.
इंस्टाग्राम पर दिखी ‘मालवान’ की पहली झलक
भारतीय नौसेना ने भी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर INS मालवान की तस्वीरें साझा करते हुए इसकी डिलीवरी की जानकारी दी है. पोस्ट में युद्धपोत के बाहरी स्वरूप, आधुनिक हथियार प्रणालियों और समुद्री परीक्षणों की झलक दिखाई गई है. नौसेना ने इसे स्वदेशी रक्षा निर्माण और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. इंस्टाग्राम पर साझा तस्वीरों में जहाज की स्टेल्थ डिजाइन, हथियार प्रणालियां और परिचालन क्षमता भी दिखाई गई हैं.
INS महेंद्रगिरि के बाद अब INS मालवान की एंट्री यह दिखाती है कि भारतीय नौसेना का आधुनिकीकरण तेज गति से आगे बढ़ रहा है. सरकार स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर लगातार जोर दे रही है और इसी का परिणाम है कि देश के शिपयार्ड एक के बाद एक आधुनिक युद्धपोत तैयार कर रहे हैं. आने वाले वर्षों में ऐसे कई स्वदेशी पोत भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होंगे, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी क्षमता और सामरिक बढ़त पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी.







