नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को सात बड़े फैसले लिए गए. सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को मंजूरी दी के साथ-साथ 62,500 करोड़ रुपये के मोबाइल कॉरिडोर को भी हरी झंडी दी गई.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की मंजूरी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर की जाम की समस्या कम करने के लिए एनएच-31 और वाराणसी रिंग रोड को वरुणा नदी के किनारे जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे छह और चार लेने के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी गई है. इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 10,998.32 करोड़ रुपये है.
उन्होंने बताया कि वाराणसी के लिए दो एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है. वरुणा किनारे छह और चार लेन के कॉरिडोर बनेंगे. साथ ही काशी में नया इंफ्रा विकसित होगा.
वहीं, कैबिनेट में सेमीकॉन 2.0 को भी मंजूरी दी गई है. भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए 1,27,500 करोड़ रुपये के कुल बजट को मंजूरी दी गई है. इस योजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रमुख स्थान दिलाने और इस क्षेत्र में देश की मजबूत पहचान स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाना है.







