नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने जा रहे हैं. इस खास मौके को भाजपा देशभर में बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी में जुट गई है. पार्टी की योजना है कि अलग-अलग राज्यों में ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके जरिए पीएम मोदी के राजनीतिक सफर और करीब ढाई दशक के सार्वजनिक जीवन को लोगों के सामने रखा जा सके.
इसी सिलसिले में भाजपा शनिवार को नई दिल्ली में एक अहम बैठक करने जा रही है. बैठक में यह तय करने पर चर्चा होगी कि प्रधानमंत्री के 25 साल के सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किस तरह और किस स्तर पर किया जाए. राज्यों में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा, उनकी अवधि और आपसी तालमेल जैसे मुद्दे बैठक के केंद्र में रह सकते हैं.
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के शामिल होने की जानकारी है. पार्टी ने इन कार्यक्रमों की निगरानी की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को सौंपने की तैयारी की है.
इसके अलावा विभिन्न राज्यों के भाजपा अध्यक्ष, संगठनात्मक महासचिव और राज्य प्रभारी भी बैठक में शामिल हो सकते हैं. ऐसे में यह बैठक सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके फैसलों का असर पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों पर देशभर में दिखाई दे सकता है.
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी चाहती है कि इन आयोजनों की योजना पहले से स्पष्ट और व्यवस्थित हो, ताकि अलग-अलग राज्यों में होने वाले कार्यक्रम एक-दूसरे से जुड़े नजर आएं. साथ ही स्थानीय स्तर पर भी इनका असर दिखे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम लोग भी इन गतिविधियों से जुड़ सकें.
आम लोगों की भागीदारी पर जोर
पार्टी की कोशिश केवल बड़े मंचों और राजधानी में होने वाले आयोजनों तक सीमित रहने की नहीं है. राज्यों और स्थानीय क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है. इनमें प्रधानमंत्री के राजनीतिक सफर, प्रशासनिक अनुभव और उनके कार्यकाल से जुड़े प्रमुख पहलुओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहने की संभावना है.
भाजपा चाहती है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली गतिविधियां एक समन्वित योजना के तहत चलें. इसके लिए कार्यक्रमों का समय, स्वरूप और स्तर तय करने के साथ-साथ राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर भी चर्चा होगी. शनिवार की बैठक में इसी दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं.
गुजरात से शुरू हुआ था सफर
नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी राजनीतिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव की शुरुआत की थी. करीब 13 साल तक गुजरात की राजनीति में रहने के बाद उन्होंने 2014 में देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला. इसके बाद 2019 में भाजपा के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भी नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली.
इस तरह उनका राजनीतिक सफर राज्य की राजनीति से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचा और अब भाजपा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को एक अहम पड़ाव के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है.
आने वाले दिनों में पार्टी इन कार्यक्रमों का विस्तृत कैलेंडर और आयोजन से जुड़ी जानकारी साझा कर सकती है. फिलहाल शनिवार की बैठक को इस पूरी योजना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.







