नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान व्यस्त चुनावी रैलियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक हल्का-फुल्का पल भी चर्चा में आ गया, जब वह झारग्राम में रुककर झालमुड़ी का स्वाद लेते नजर आए. इसी दौरान एक दुकानदार ने उनसे पूछा कि क्या वह प्याज खाते हैं, जिस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया “हां, प्याज खाते हैं.” यह छोटी सी बातचीत अब लोगों के बीच दिलचस्प चर्चा का विषय बन गई है.
भारतीय खानपान का हिस्सा
दरअसल, भारतीय खानपान में प्याज एक अहम हिस्सा है. चाहे सब्जी हो, सलाद हो या चटनी, इसके बिना स्वाद अधूरा लगता है. कई लोग इसे कच्चा खाना पसंद करते हैं, लेकिन सवाल यही उठता है कि क्या कच्चा प्याज सेहत के लिए अच्छा है? जवाब है हां, लेकिन संतुलित मात्रा में. चलिए आपको इसके फायदे बताते हैं.
क्या होते हैं इसके फायदे?
हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली netmeds की रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे प्याज में विटामिन सी, विटामिन बी6, फोलेट और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं. खास बात यह है कि इसमें कैलोरी कम होती है, इसलिए यह डाइट में शामिल करने के लिए भी अच्छा विकल्प माना जाता है.
इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद
इम्यूनिटी मजबूत करने में भी प्याज का बड़ा योगदान है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, खासकर क्वेरसेटिन, शरीर को इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं और सूजन को कम करते हैं. यही कारण है कि नियमित रूप से थोड़ी मात्रा में कच्चा प्याज खाने से शरीर की रोग इम्यून सिस्टम बेहतर हो सकती है.
हार्ट के लिए फायदेमंद
हार्ट की सेहत के लिए भी प्याज फायदेमंद माना जाता है. इसके तत्व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने और ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मदद कर सकते हैं. इससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है.
डाइजेशन सही रखता है
डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त रखने में भी कच्चा प्याज कारगर है. इसमें मौजूद प्रीबायोटिक फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है, जिससे गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. इसकेसाथ ही यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मददगार माना जाता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
क्या होते हैं इसके नुकसान?
हालांकि, हर चीज की तरह इसका ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है. अधिक मात्रा में कच्चा प्याज खाने से कुछ लोगों को गैस, जलन या बदबू की समस्या हो सकती है. कुछ मामलों में एलर्जी या दवाओं के साथ प्रतिक्रिया भी देखने को मिलती है. इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही खाना बेहतर है.







