नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं द्वारा नशे के खिलाफ लिए गए संकल्प की सराहना की और नशामुक्त युवा अभियान के बारे में विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हाल ही में देश के लाखों युवाओं ने नशे के विरुद्ध एक बहुत महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। युवाओं ने खुद नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा लेने के साथ ही इस संदेश को दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है।”
उन्होंने बताया कि यह सब नशामुक्त युवा अभियान के तहत हो रहा है। यह अभियान 100 सप्ताह तक चलने वाला है। इसमें माय भारत के वॉलंटियर बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही एनएसएस से जुड़े युवा, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस अभियान से जुड़े हैं। कई सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाएं भी इसका हिस्सा बनी हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देशभर में हजारों संकल्प समारोह और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। युवा खुद अपनी भाषा और अपने अंदाज में नशा मुक्ति के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने ‘मन की बात’ में युवा साथियों से आग्रह किया था कि वे अपनी क्रिएटिविटी के माध्यम से इस अभियान से जुड़ें और मुझे खुशी है कि हजारों युवा इस आह्वान पर आगे आए हैं।”
उन्होंने जानकारी दी कि माय भारत पोर्टल पर एंथम, स्लोगन राइटिंग और नुक्कड़ नाटक जैसी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं। सोशल मीडिया पर भी युवा ‘नशामुक्त युवा’ हैशटैग के साथ अपना क्रिएटिव कंटेंट साझा कर रहे हैं। इसका मतलब है कि संदेश भी युवाओं का है, माध्यम भी युवाओं का है और इसे आगे ले जाने की ऊर्जा भी युवाओं की ही है।
पीएम मोदी ने बताया कि आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत हेल्थ चेकअप और ध्यान शिविर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
वहीं, त्योहारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल्द ही कई पर्व और त्योहार आने वाले हैं। त्योहारों की खुशियों के बीच हमें अपने आसपास भी नजर रखनी चाहिए। अगर कोई युवा किसी गलत आदत की ओर बढ़ रहा है, तो उससे बात करनी चाहिए। अगर कोई नशे की लत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, तो उसका साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त युवा और विकसित भारत के संकल्प को हम सबको मिलकर आगे बढ़ाना है।







