Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

सुभाष चन्द्र बोस जयंती पर विशेष : मांडले जेल में सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिक्रियाएं

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 24, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
Subhash Chandra Bose
25
SHARES
847
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

राजू कुमार


1920 में संपन्न हुई इंडियन सिविल सर्विस प्रतियोगी परीक्षा में चौथा स्थान पाने वाले सुभाष चन्द्र बोस एक वर्ष के भीतर ही देशप्रेम और स्वतंत्रता की चाह में अपने पद से इस्तीफा देकर देशबन्धु चितरंजन दास के साथ राष्ट्रीय लक्ष्यसिद्धि में अपनी सेवाएँ अर्पित कर स्वराज्य पार्टी की सभी गतिविधियों में शक्तिशाली भूमिका निभाने लगे थे। स्वराज्य पार्टी में रहते हुए सुभाष चन्द्र बोस ने कई ऐसे उल्लेखनीय कार्य संपन्न किये, जिससे वे अंग्रेजों की आँखों में चुभने लगे थे। जिसमें ‘फारवर्ड’ जैसी अंग्रेजी दैनिक समाचार-पत्र का प्रकाशन व प्रबंधन, ऑल बंगाल यूथ लीग का गठन और संचालन, 1923 में बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव का पद ग्रहण करना तथा 1924 में उनके प्रयासों से कलकत्ता नगर निगम में स्वराज्य पार्टी का बहुमत में आना और देशबन्धु का महापौर चुना जाना प्रमुख था। स्वराज्य पार्टी को एक के बाद एक मिलती सफलता को देखते हुए ब्रिटिश सरकार का धैर्य में रहना मुश्किल हो गया, जिसके फलस्वरूप वे इस पार्टी की जड़ को जबरन काटने के लिए मजबूर हो गये।

इन्हें भी पढ़े

bpcl gas cylinder

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होते ही भारत को राहत, कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी सभी पाबंदियां हटाई गईं

June 26, 2026
shri ram temple

राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी मामले में पहली बड़ी कार्रवाई, 8 लोगों पर FIR दर्ज

June 26, 2026
climate change

क्लाइमेट चेंज का सबसे ज्यादा असर झेल रहे भारत के बच्चे, UNICEF रिपोर्टसावधान!

June 25, 2026
ice of the arctic

आर्कटिक की पिघलती बर्फ में भारत तलाश रहा अपना भविष्य!

June 25, 2026
Load More

जिसका परिणाम यह हुआ कि 25 अक्टूबर, 1924 को कलकत्ता के पुलिस कमिश्नर ने सुभाष चन्द्र बोस को तलब किया और अगले ही दिन क्रांतिकारी षड्यंत्र रचे जाने के झूठे आरोप में दो अन्य प्रमुख स्वराज्यवादियों के साथ गिरफ्तार भी कर लिया। जब सुभाष चन्द्र बोस की इस गिरफ्तारी को कलकत्ता के दो एंग्लो-इंडियन अखबारों ने पुष्टि कर उन्हें ‘क्रांतिकारी षड्यंत्र के दिमाग’ के रूप में पेश किया, लेकिन बोस के मानहानि के दावे के सामने सरकारी नियंत्रित प्रेस इस तथ्य को साबित करने नाकाम रही थी। बहरहाल, सुभाष चन्द्र बोस को कई जेलों का सैर कराया गया और अंत में चार दिन की समुद्री-यात्रा के बाद रंगून स्थित मांडले जेल में कैद कर दिया गया। मांडले जेल पहुँच कर सुभाष चन्द्र बोस गर्व से भर उठे, क्योंकि यह वही जेल था, जहाँ छह वर्ष तिलक और करीब एक वर्ष तक लाला जी कैद किये जा चुके थे। सुभाष चन्द्र बोस अपनी जेल डायरी में इस मांडले जेल के बारे में लिखते हैं कि ‘मांडले जेल भीतर से भारतीय जेलों से एकदम भिन्न थी।

कोठरियां लकड़ी के बाड़ों जैसी थी और सर्दियों की कडक़ड़ा देने वाली ठिठुरन, ग्रीष्म की प्रचंड धूल और गर्मी तथा मूसलधार बरसात से बचने का कैदियों के पास कोई उपाय नहीं था।’ सुभाष चन्द्र  बोस के जीवनीकार शिशिर कुमार बोस लिखते हैं कि उनकी जेल डायरियों पर सरसरी नजऱ डालते ही यह स्पष्ट हो जाता है कि मांडले कारागार की एकाकी कोठरी में वे किस कदर विभिन्न विषयों पर सोचते तथा लिखते रहे। उदाहरणार्थ उन्होंने दर्शन-धर्म, इतिहास, कला, संस्कृति, राजनीतिक, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र आदि के साथ-साथ बर्मी इतिहास, राजनीति तथा राष्ट्र का भी विशद अध्ययन किया।

आजादी के लिए सब कुछ समर्पित कर चुके सुभाष चन्द्र बोस अपनी धार्मिक संस्कृति के उत्थान और प्रगति के लिए भी मर मिटने को हमेशा तैयार रहा करते थे, जिसका सबसे बड़ा उदहारण अक्टूबर, 1925 में मांडले जेल में सुभाष चन्द्र बोस ने अपने अन्य बंदी साथियों के साथ जेल में दुर्गा-पूजा मानाने के लिए जेल का सबसे बड़ा धार्मिक आंदोलन किया था। जिसमें अन्य बंदी साथियों ने भूख-हड़ताल भी शामिल था और आखिरकार पंद्रह दिन के भूख-हड़ताल के बाद सरकार ने उनकी मांगों को मान लिया और जेल में दुर्गा-पूजा का कार्यक्रम संपन्न किया गया।


(शोधार्थी-इतिहास विभाग, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, म.प्र. हैं)

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
kejriwal

स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोप!

May 13, 2024

ट्रंप दौर की समाप्ति?

December 28, 2022
विदेश मंत्री एस जयशंकर

यूरोपीय देशों को जयशंकर की दो टूक- ऑर्डर सुनने का आदी नहीं भारत, अपनी शर्तों पर करेंगे दुनिया से बात

April 27, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • 15 मिनट एक्स्ट्रा काम के भी मिलेंगे पैसे, नए लेबर कोड में ओवरटाइम के नियम समझें
  • 10 रुपये की ये छोटी सी चीज है नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर, एक्सपर्ट ने गिनाए फायदे
  • आयरलैंड दौरे पर कप्तान श्रेयस अय्यर का दमदार संदेश ‘शेर की तरह खेलो’, जीत के साथ नई शुरुआत पर नजर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.