नई दिल्ली। अगर आप भी रोजाना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रेंगते ट्रैफिक और लंबे जाम से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है. दरअसल, यमुना और हरनंदी (हिंडन) दोआब/डूब क्षेत्र में 29 किलोमीटर लंबा एक नया चार-लेन वैकल्पिक एक्सप्रेसवे तैयार किया जाएगा. करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से लगभग 5 लाख लोगों का सफर आसान होगा. इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) की दूरी भी सिमटकर मात्र 30 किलोमीटर रह जाएगी.
10 लाख वाहनों का बोझ, नया रास्ता बनेगा लाइफलाइन
वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 10 लाख वाहनों का भारी दबाव रहता है. सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि गाड़ियां घंटों रेंगती रहती हैं. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बढ़ते नए रिहायशी और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स के कारण आने वाले समय में यह दबाव और बढ़ना तय है. इसी चुनौती से निपटने के लिए प्राधिकरण ने यमुना तटबंध के रास्ते एक मजबूत और तेज बैकअप रूट तैयार करने का खाका खींचा है.
क्या होगा नया रूट और कैसे जुड़ेगी कनेक्टिविटी?
प्रस्तावित 29 किलोमीटर लंबा यह मार्ग यमुना तटबंध के सहारे सेक्टर-135 से शुरू होकर सेक्टर-150 तक जाएगा. इस परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश सिंचाई खंड गाजियाबाद द्वारा यमुना डूब क्षेत्र के करीब 1 किलोमीटर और हरनंदी डूब क्षेत्र के लगभग 17 किलोमीटर हिस्से को चार-लेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा. सेक्टर-150 के पास इसे कोंडली बांगर की तरफ से आ रही 75 मीटर चौड़ी सड़क से लिंक किया जाएगा. आगे चलकर यह मार्ग एक बड़े रोटरी (गोलचक्कर) के जरिए सीधे आगरा जाने वाले यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा, जिससे जेवर एयरपोर्ट जाने वालों को मुख्य एक्सप्रेसवे पर जाए बिना सीधा और तेज रास्ता मिल सकेगा.
किसानों की जमीन अधिग्रहण का झंझट नहीं
इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसके निर्माण के लिए किसानों की निजी जमीन के बड़े पैमाने पर अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी. उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास इस पूरे डूब क्षेत्र में पहले से ही 22 से 28 मीटर चौड़ी सरकारी जमीन उपलब्ध है. इसी सुरक्षित कॉरिडोर का इस्तेमाल कर सड़क का चौड़ीकरण और निर्माण कार्य बिना किसी कानूनी या भूमि विवाद के तेजी से पूरा किया जा सकेगा.
25 सेक्टर, 75 सोसायटियां और 20 गांवों को सीधा फायदा
यमुना किनारे ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बॉर्डर पर करीब 75 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां, खासकर सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी और जेपी विश टाउन जैसे इलाके तेजी से आबाद हो रहे हैं. इस नए मार्ग के बनने से इन इलाकों की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी.
लाभान्वित होने वाले प्रमुख 25 सेक्टर: सेक्टर-94, 124, 125, 126, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 150, 151, 152, 153, 154, 155, 158, 159, 163, 164 और 168.
फायदा पाने वाले 20 प्रमुख गांव: रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर जागीर, सुल्तानपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, शाहपुर गढ़ी, नंगला नंगली, रोहिल्लापुर, नंगला वाजिदपुर, छपरौली, मंगरौली, मोहियापुर, बदौली, झट्टा, दल्लूपुरा, गुजरान डेरिन, कामबक्शपुर, याकूतपुर, गुलावली और मोमनाथल.
पुराने तटबंध का भी कायाकल्प, 34 करोड़ मंजूर
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के अनुसार, यमुना तटबंध पर पहले से मौजूद 11.2 किलोमीटर लंबे चार-लेन मार्ग का 34 करोड़ रुपये की लागत से सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण किया जा रहा है, जिसमें से 11 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी भी की जा चुकी है. सिंचाई विभाग गाजियाबाद और दिल्ली ओखला के इंजीनियरों ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 6-लेन तक अपग्रेड करने की कार्ययोजना भी रखी है. इस तटबंध मार्ग के पूरी तरह तैयार होने से न केवल ट्रैफिक जाम खत्म होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी.







