Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

हटा लें कोर्ट परिसर में बनी मस्जिद, नहीं तो इसे ध्वस्त कर दिया जाएगा : सुप्रीम कोर्ट

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 13, 2023
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
26
SHARES
868
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

इलाहाबाद: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 मार्च) को बड़ा फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट परिसर में बनी मस्जिद को तीन महीने के भीतर हटाने का आदेश दिया है। इससे पहले हाई कोर्ट ने 2018 में ही सार्वजनिक ज़मीन पर बनी इस मस्जिद को हटाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को अब तीन महीने के भीतर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से इस मस्जिद को हटाने का निर्देश दिया, जिसमें मस्जिद को हटाने का विरोध करने वाले याचिकाकर्ताओं को बताया गया है कि इसकी संरचना एक समाप्त लीज वाली संपत्ति पर खड़ी थी और वे अधिकार के रूप में इसे जारी रखने का अब कोई का दावा नहीं कर सकते।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी
याचिकाकर्ताओं, वक्फ मस्जिद उच्च न्यायालय और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने नवंबर 2017 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उन्हें मस्जिद को परिसर से बाहर करने के लिए तीन महीने का समय दिया था।शीर्ष अदालत ने सोमवार को उनकी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने हालांकि, याचिकाकर्ताओं को मस्जिद के लिए पास की जमीन के आवंटन के लिए यूपी सरकार को एक प्रतिनिधित्व करने की अनुमति भी दी है।

इन्हें भी पढ़े

CM Dhami

टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए CM धामी, प्रदेश की खुशहाली की मांगी मन्नत

August 26, 2026
fighter aircraft

भारत में अब बिना पायलट के उड़ेंगे लड़ाकू विमान! AI संभालेगा कमान

August 26, 2026
CM Dhami

उत्तराखंड कैबिनेट ने अदाणी पावर को थर्मल प्लांट लगाने की मंजूरी दी, प्रदेश में मजबूत होगी बिजली आपूर्ति

August 25, 2026
modi

मोदी कैबिनेट में आएंगे युवा चेहरे? इन राज्यों से बन सकते हैं नए मंत्री, क्या होंगे समीकरण

August 25, 2026
Load More

तीन महीने के भीतर मस्जिद यहां से हटा लें, नहीं तो..
पीठ ने कहा “हम याचिकाकर्ताओं द्वारा विचाराधीन निर्माण को गिराने के लिए तीन महीने का समय देते हैं और यदि आज से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्माण नहीं हटाया जाता है तो हाई कोर्ट और अधिकारियों के पास इसे ध्वस्त करने का अधिकार होगा। वहीं मस्जिद मैनेजमेंट कमेटी का पक्ष रख रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि मस्जिद 1950 से है और इसे यूं ही हटने के लिए नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा, “2017 में सरकार बदली और सब कुछ बदल गया। नई सरकार बनने के 10 दिन बाद एक जनहित याचिका दायर की गई थी। अब जबकि कोर्ट के मुताबिक मस्जिद के लिए जमीन देने की बात कही गई है तो हमें वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने में कोई समस्या नहीं है।”

उच्च न्यायालय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी का मामला है। “दो बार नवीनीकरण के आवेदन आए थे और इस बात की कोई बात नहीं की गई थी कि मस्जिद का निर्माण किया गया था और इसका उपयोग जनता के लिए किया गया था। उन्होंने नवीनीकरण की मांग करते हुए कहा कि यह आवासीय उद्देश्यों के लिए आवश्यक है। केवल यह तथ्य कि वे नमाज अदा कर रहे हैं, इसे एक नहीं बना देंगे।” अगर सुप्रीम कोर्ट के बरामदे या हाईकोर्ट के बरामदे में सुविधा के लिए नमाज की अनुमति दी जाती है, तो यह मस्जिद नहीं बनेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को दिया निर्दश
शीर्ष अदालत ने पहले उत्तर प्रदेश सरकार से मस्जिद को स्थानांतरित करने के लिए जमीन का एक टुकड़ा देने की संभावना तलाशने को कहा था। उच्च न्यायालय ने शीर्ष अदालत से कहा था कि उसके पास मस्जिद को स्थानांतरित करने के लिए जमीन का कोई वैकल्पिक भूखंड नहीं है और राज्य इसे किसी अन्य क्षेत्र में स्थानांतरित करने पर विचार कर सकता है। इसने यह भी कहा था कि कोर्ट परिसर में पार्किंग के लिए पहले से ही जगह की कमी है। शीर्ष अदालत ने पहले पक्षकारों को निर्देश दिया था कि वे इस बात पर आम सहमति बनाएं कि मस्जिद को कहां स्थानांतरित किया जाना चाहिए। अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में कोई कमी नहीं है। याचिकाकर्ता चाहे तो सरकार को वैकल्पिक जगह के लिए आवेदन दे सकता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

भारत-तुर्की व्यापार में 63% की कमी और बायकॉट की लहर !

May 16, 2025
Supreme court

समलैंगिक विवाह पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से समुदाय में उम्मीद भी लेकिन निराशा भी

October 18, 2023
Swami Prasad Maurya

‘हिंदू धर्म एक धोखा है’, स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान

December 26, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली में पानी की किल्लत होगी दूर, सरकार ने मंजूर किए 11,427 करोड़, क्या है पूरा प्लान?
  • टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए CM धामी, प्रदेश की खुशहाली की मांगी मन्नत
  • दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू, महिलाओं को मिलेंगे ₹2,500 हर माह

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.