नई दिल्ली। दिल्ली में रहने वालों के लिए अपना घर बना पाना एक सपने की तरह ही है. यहां पर बाहर से आकर लोग किराये का घर लेकर रहते हैं. कई लोग अपना घर बनाने के बारे में सोचते भी हैं तो महंगाई और अन्य चीजें बीच में रोड़ा बन जाती हैं. लेकिन अब एक और चीज है जिसके बारे में लोगों को घर बनाने से पहले सोचना होगा. घर की सुरक्षा के बारे में, क्योंकि अब दिल्ली सरकार ने मकान बनाने के लिए कुछ सुरक्षा नियमों को बदल दिया है.
ये दो चीजें लगाना हैं जरूरी
दिल्ली से इन दिनों सामने आ रहीं आग की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्ती से नियमों में बदलाव करने की प्लानिंग की है. अब यदि कोई घर बनाता है को उसे घर को सुरक्षित रखने की भी जिम्मेदारी हगी. जिसके लिए घर में दो सुरक्षा यंत्र लगवाना बेहद जरूरी होगा. जिसमें से एक है स्मोक डिटेक्टर (Smoke Detector) और दूसरा है फायर एक्सटिंग्विशर (Fire Extinguisher). इन दोनों को लगवाना ना केवल सोसायटी में बल्कि इंडिपेंडेट घर में भी अनिवार्य होगा.
क्या बोले अधिकारी?
वहीं इस बारे में बात करते हुए गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि, दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है. उनका मानना है कि घरों में स्मोक डिटेक्टर अनिवार्य होने से आग की घटनाओं और जान-माल के नुकसान में काफी कमी आएगी. प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, वो हर साल लगभग 20,000 आग की घटनाओं को संभालती है और इनसे 250–300 लोगों की मौत होती है.
घर को ऐसे बनाएं सुरक्षित
दरअसल दिल्ली सरकार ने हाल ही में बिल्डिंग बनाने के नियमों में कुछ चीजों को जरूरी कर दिया है. जिसमें खासतौर से सुरक्षा नियमों का ध्यान रखने की बात कही जा रही है. तो पहले जानते हैं किन नियमों को सरकार ने आने वाले समय में लाने वाली है.
- सर्किट ब्रेकर जैसे सुरक्षा उपकरण लगाएं.
- वायरिंग के जोड़ सुरक्षित रखें, अस्थायी इंसुलेशन टेप का उपयोग न करें और बिजली के उपकरणों को पानी से दूर रखें.
- लिथियम बैटरियों को केवल खुली और हवादार जगहों पर चार्ज करें.
- आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का उपयोग न करें.
- पुरानी बिल्डिंग में वायरिंग और बिजली मीटर की जांच कर उन्हें आवश्यकतानुसार अपग्रेड करें.
- सीढ़ियां, निकास मार्ग और आपातकालीन रास्ते अवरोध-मुक्त रखें.
- RWA (Resident Welfare Association) को पास के फायर स्टेशन को उन गेटों की जानकारी देनी चाहिए जो रात में खुले रहते हैं, ताकि फायर टेंडर जल्दी पहुंच सकें.







