Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

एस जयशंकर बोले- ‘समझ होती तो कश्मीर को UN में नहीं ले गये होते’

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 6, 2024
in राष्ट्रीय
A A
Minister S Jaishankar
14
SHARES
451
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: ‘आज यह बहुत स्पष्ट है कि कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ले जाना एक बुनियादी गलती (Fundamental Error) थी.’ पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अगर समझ होती तो कश्मीर को यूएन में नहीं ले गए होते. जयशकंर ने कहा कि हमें उन देशों के एक समूह ने धोखा दिया था, जिन्होंने अपने भू-राजनीतिक एजेंडे (Geo-Political Agenda) और कश्मीर में असुरक्षा के मुद्दे का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि यह तथ्य आज नहीं बल्कि 1970 के दशक तक बहुत स्पष्ट हो गया था.

‘मोदी सरकार में हम अपने इतिहास को फिर से हासिल कर रहे हैं’

इन्हें भी पढ़े

PM modi

अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन के चार पुरुषार्थों का आधार: पीएम मोदी

September 28, 2026
खेल मंत्री डॉ म.नसुख मांडविया

एआई के दौर में बदलेंगे औद्योगिक संबंध, मांडविया ने उद्योग और श्रमिकों को साझेदार बनने का किया आह्वान

September 28, 2026
jp nadda

विपक्ष के आरोपों पर नड्डा का पलटवार, कहा- ‘झूठ सौ बार बोलने से सच नहीं बनता’

September 28, 2026
lng train india

गृह मंत्री अमित शाह ने LNG से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

September 27, 2026
Load More

कर्नाटक में पीईएस विश्वविद्यालय में स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या के साथ अपनी किताब ‘व्हाई भारत मैटर्स’ और कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम अपने इतिहास को फिर से हासिल कर रहे हैं. जयशंकर ने केंद्र की मोदी सरकार से पहले और बाद की विदेश नीति के अंतर पर बात करते हुए कश्मीर मुद्दे को यूएनएससी में ले जाने को बुनियादी गलती करार दिया.

कश्मीर मुद्दे के संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचने से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य क्या हैं

इससे पहले संसद में गृहमंत्री अमित शाह और अपने एक लेख में पूर्व कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इसे नेहरूवियन ब्लंडर करार दिया था. आइए, जानते हैं कि कश्मीर मुद्दे के संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचने से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य क्या हैं? इस ऐतिहासिक मामले का सच क्या है और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू देश के आंतरिक मसले को क्यों संयुक्त राष्ट्र में ले गए. साथ ही कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तत्कालीन परिस्थिति कैसी थी?

ऐसे बना और भारत में मिला था जम्मू कश्मीर रियासत

पहले एंग्लो-सिख युद्ध के बाद अमृतसर की संधि के तहत मार्च 1846 में अंग्रेजों ने 75 लाख नानकशाही रुपये में जम्मू के डोगरा जागीरदार गुलाब सिंह के हाथों कश्मीर को बेच दिया था. जम्मू और कश्मीर दोनों मिलने से जम्मू-कश्मीर रियासत अस्तित्व में आई थी. आजादी से पहले जून 1947 में वायसराय लुईस माउंटबेटन ने श्रीनगर में हरि सिंह के प्रधानमंत्री को भारत या पाकिस्तान में  शामिल होने की सलाह दी थी. इसके जवाब में महाराजा गुलाब सिंह के वंशज हरि सिंह ने भारत या पश्चिमी पाकिस्तान में मिलने के बजाय स्वतंत्र रहकर  ‘पूरब के स्विट्जरलैंड’ की तरह जम्मू कश्मीर के विकास करने की बता कही थी.

‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ एक्सेशन’ के बाद भारतीय सैनिक पहुंचे

ब्रिटिश लेखिका विक्टोरिया स्कोफील्ड की किताब ‘कश्मीर इन कॉन्फ्लिक्ट’ के मुताबिक  उन्होंने 15 अगस्त, 1947 के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ ‘स्टैंडस्टिल एग्रीमेंट’ का प्रस्ताव रखा था. हालांकि बाद में पाकिस्तानी साजिश, धोखे और कबाइलियों के हमले के बाद हरि सिंह ने भारत में विलय कर सैनिक मदद मांगी. भारत के शीर्ष राजनयिक वीपी मेनन को ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ एक्सेशन’ यानी विलय पत्र सौंपा. एजी नूरानी की किताब ‘द कश्मीर डिस्प्यूट’ में  माउंटबेटन को लिखे महाराजा हरि सिंह के विलय पत्र का पूरा मजमून है. इसके बाद रक्षा समिति की बैठक में गवर्नर-जनरल माउंटबेटन की सलाह पर पंडित नेहरू ने भारतीय सेना को भेजा, जिसने कबाइली हमलावरों को कश्मीर घाटी से खदेड़कर बाहर किया.

नेहरू को माउंटबेटन ने दी थी सलाह और क्लेमेंट एटली ने चेतावनी

माउंटबेटन और हरि सिंह के पत्र व्यवहार और पंडित नेहरू और लियाकत अली खान के टेलीग्राम में कश्मीर के विलय को लेकर उचित समय पर जनमत संग्रह करवाने का जिक्र भी सामने आया. इस बीच भारतीय सैनिकों ने द्रास, कारगिल और पुंछ की पहाड़ियों पर कब्जा करके सफलता हासिल कर ली थी. लड़ाई थमी नहीं थी और इसके पंजाब तक फैलने की आशंका भी थी. तब माउंटबेटन ने कश्मीर मामले में संयुक्त राष्ट्र को शामिल करने की सलाह दी.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

भारत की जानलेवा सडक़ें

June 10, 2022
income tex

इनकम टैक्स में राहत, क्या पूरी होगी मिडिल क्लास की ये चाहत

February 1, 2023
Bilawal Bhutto

जी 20 सम्‍मेलन का मातम पीओके में क्यों मना रहे हैं बिलावल भुट्टो?

May 25, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • CM रेखा गुप्ता ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से मिलाया हाथ, दिल्ली के कलाकारों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर
  • गया जी में ही क्यों होता है पिंडदान! गयासुर से जुड़ा है विष्णुपद मंदिर का ये रहस्य
  • CM रेखा गुप्ता ने ऑनलाइन लाइसेंस, एनओसी के लिए ‘दिल्ली उद्योग मित्र’ पोर्टल शुरू किया

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.