नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत नियमों को और सख्त कर दिया है. अब ट्रेन और रेलवे परिसर में धूम्रपान करने, अवैध रूप से सामान बेचने (हॉकरिंग) और भीख मांगने जैसे मामलों पर यात्रियों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है.
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, अनुशासन बनाए रखना और नियमों के उल्लंघन को कम करना है.
ट्रेन में धूम्रपान पर ₹2,000 का जुर्माना
रेलवे नियमों के अनुसार ट्रेन के अंदर और चिन्हित रेलवे परिसरों में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है. यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके अलावा रेलवे कर्मचारी उस यात्री को ट्रेन से उतार सकते हैं और उसका टिकट या पास जब्त किया जा सकता है. यदि जुर्माना नहीं दिया जाता है, तो मामला अदालत में भेजा जा सकता है. दोष सिद्ध होने पर अदालत ₹2,000 से ₹5,000 तक जुर्माना लगा सकती है. जब तक कि विशेष कारण न दर्ज किए जाएं.
अवैध हॉकरिंग और भीख मांगने पर सख्त कार्रवाई
नए नियमों में अवैध हॉकरिंग और रेलवे परिसर में भीख मांगने पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. बिना वैध लाइसेंस के सामान बेचने या ट्रेन/स्टेशन परिसर में भीख मांगते पाए जाने पर तुरंत ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाएगा. यदि जुर्माना नहीं दिया जाता है, तो मामला अदालत में भेजा जा सकता है, जहां 3 महीने तक की जेल, ₹5,000 तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.
बार-बार उल्लंघन पर कड़ी सजा
नए कानून के अनुसार बार-बार नियम तोड़ने वालों पर और भी सख्त कार्रवाई होगी. यदि कोई व्यक्ति चौथी बार या उससे अधिक बार अवैध हॉकरिंग में दोषी पाया जाता है तो उसे 1 साल तक की जेल और ₹5,000 तक जुर्माना हो सकता है.
नियम सख्त क्यों किए गए?
रेलवे के अनुसार यह बदलाव जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत किया गया है. इसका उद्देश्य नियमों के पालन को बढ़ाना और व्यवस्था को बेहतर बनाना है. सख्त दंड से यात्रियों में अनुशासन बढ़ेगा, सुरक्षा मजबूत होगी और रेलवे परिसरों में व्यवस्था बनी रहेगी.







