Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

मोदी के बढ़े ग्राफ को नीचे लाना है मकसद…’, अब किसान आंदोलन पर खड़े हो रहे सवाल

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 15, 2024
in राष्ट्रीय
A A
kisan neta
13
SHARES
435
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

चंडीगढ़। तीन दिन से पंजाब-हरियाणा की सीमा पर बैठे भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर और पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का मकसद किसानी मुद्दों (Farmers Protest) की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान खींचना था या राजनीति करना। यह सवाल खड़े होने लगे है। भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल (Jagjeet Singh Dallewal)का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि राम मंदिर बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ग्राफ बहुत बढ़ गया था। उसे नीचे लाना है।

डल्लेवाल ने वीडियो के मुद्दे पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

इन्हें भी पढ़े

lng train india

गृह मंत्री अमित शाह ने LNG से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

September 27, 2026
PM Modi

मन की बात: युवाओं द्वारा नशे के खिलाफ लिए गए संकल्प की पीएम मोदी ने की सराहना

September 27, 2026
Gyanesh Kumar

ज्ञानेश कुमार पर आरोपों के बीच चुनाव आयोग, SIR के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए

September 27, 2026
ai data lab

AI सीखने सरकार दे रही ट्रेनिंग, कई कोर्स फ्री, जानें कहां से शुरू करें

September 27, 2026
Load More

वीडियो में डल्लेवाल कहते सुनाई पड़ रहे हैं, ‘मैं गांव में बात करता था, मौका बहुत थोड़ा है और मोदी का ग्राफ बहुत ऊंचा, क्या थोड़े दिनों में हम ग्राफ नीचे ला सकते हैं।’ जब इस संबंध में डल्लेवाल से बात की गई तो उन्होंने न तो इस वीडियो को गलत बताया और न ही सही। उनका कहना था, यह मेरा अधिकारिक बयान नहीं है। डल्लेवाल कहते हैं, सरकार अहंकारी है। किसानों के प्रति सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया हुआ है। किसानों पर मोर्टार से हमले किए गए।

वीडियो से पूरे किसान आंदोलन पर खड़े हो रहे सवाल

प्रदर्शन होने पर आंसू गैस के गोले तो चलाए जाते थे, लेकिन मोर्टार से हमला नहीं किया जाता था। वहीं, डल्लेवाल के वीडियो से पूरे किसान आंदोलन पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए है। लोगों में चर्चा इस बात को लेकर थी ही कि आखिर अचानक ही इतना बड़ा आंदोलन कैसे खड़ा हो गया। 2020 में तीन कृषि कानूनों को लेकर पंजाब के 34 किसान संगठन विरोध कर रहे थे,जबकि यह आंदोलन मात्र 2 किसान संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

मोदी के बढ़े ग्राफ को नीचे लाना है मकसद…', भाकियू प्रधान डल्लेवाल का वीडियो आया सामने#FarmersProtest2024 pic.twitter.com/bMWTvsvDEy

— Himani Sharma (@hennysharma22) February 15, 2024

क्‍या राजनीतिक मंशा के तहत किसानों ने शुरू किया ये आंदोलन?

डल्लेवाल के वीडियो सामने आने से संकेत मिल रहे है कि राम मंदिर बनने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जो छवि बनी थी, उसे गिराने के लिए राजनीतिक मंशा के तहत किसान आंदोलन को खड़ा कर लाखों लोगों को परेशानी में डाल दिया गया। डल्लेवाल ने जिस तहत से वीडियो में कहा, मौका बहुत थोड़ा है और मोदी का ग्राफ बहुत ऊंचा। जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि उद्देश्य लोक सभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने से पहले मोदी के खिलाफ माहौल बनाने की थी। आचार संहिता लागू होने के बाद चुनावी गतिविधियों में आंदोलन को खड़ा नहीं किया जा सकता। हालांकि, डल्लेवाल का कहना है, ‘हमारा उद्देश्य किसी को नीचे लेकर आने की नहीं है।’

पंजाब का राजनीतिक माहौल बदला

बता दें कि 2019 में 10 मार्च को आचार संहिता लगी थी। इस बार भी माना जा रहा है अप्रैल माह में कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है। गौरतलब है कि पांच दिन पहले तक पंजाब का राजनीतिक माहौल काफी बदला हुआ था।

शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन की बातचीत चल रही थी। जिसके कारण बहुजन समाज पार्टी ने शिअद के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया। जबकि आईएनडीआईए के घटक दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की संभावनाएं खत्म हो गई और दोनों ही पार्टियां आमने-सामने आ गई। ऐसे में किसान आंदोलन सामने आया और शिअद भाजपा का गठबंधन अधर में लटक गया।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india-china

चीन के खिलाफ एक्टिव हुआ मोदी सरकार का एक्शन प्लान!

September 3, 2023
सितंबर, 2019 में भारत के कोलकाता शहर में जलवायु परिवर्तन पर कड़े कदम उठाने की मांग करते हुए लोगों ने मार्च निकाला। दुनिया भर में पर्यावरण के लिए काम करने वाले समूह कॉप26 में कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
(Image: Pacific Press Media Production Corp. / Alamy)

कॉप26 में भारत और दक्षिण एशिया का क्या है दांव पर?

November 7, 2021
Dr. Divyanshu Tyagi

डॉ. दिव्यांशु त्यागी की अनूठी पहल, दुहाई वृद्धाश्रम में लगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

June 7, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • गृह मंत्री अमित शाह ने LNG से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
  • मन की बात: युवाओं द्वारा नशे के खिलाफ लिए गए संकल्प की पीएम मोदी ने की सराहना
  • ज्ञानेश कुमार पर आरोपों के बीच चुनाव आयोग, SIR के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.