प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
अहमदाबाद: 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे (उड़ान संख्या AI171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा 12 जुलाई को जारी की गई। इस 15 पेज की रिपोर्ट में हादसे से ठीक पहले कॉकपिट में पायलटों के बीच हुई बातचीत और तकनीकी खराबी से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे शामिल हैं।
कॉकपिट में पायलटों के बीच बातचीत!
रिपोर्ट के अनुसार, विमान के उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई, जिसके कारण इंजन बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में दर्ज बातचीत में कुछ संवाद रिकॉर्ड हुआ।
एक पायलट: “तुमने कटऑफ क्यों किया?” (या “आपने फ्यूल क्यों बंद किया?”)
दूसरा पायलट: “मैंने नहीं किया।”
यह संवाद भारतीय समयानुसार दोपहर 1:38:42 (13:38:42 IST) पर हुआ, जब विमान ने टेकऑफ के बाद 180 नॉट्स की गति हासिल कर ली थी, लेकिन तभी दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए। यह प्रक्रिया मात्र एक सेकंड के अंतराल में हुई, जिसके कारण इंजनों को फ्यूल की आपूर्ति रुक गई और विमान की थ्रस्ट क्षमता समाप्त हो गई।
पायलटों ने इंजनों को दोबारा शुरू करने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, 10 सेकंड बाद इंजन-1 का फ्यूल कटऑफ स्विच ‘RUN’ स्थिति में वापस लाया गया और चार सेकंड बाद इंजन-2 के लिए भी यही किया गया। इंजन-1 आंशिक रूप से रिकवर करने लगा, लेकिन इंजन-2 टक्कर से पहले पूरी तरह रिकवर नहीं कर पाया। इस दौरान विमान तेजी से ऊंचाई और गति खोता गया।
घटनाक्रम टेकऑफ और मेडे कॉल
विमान ने 12 जून 2025 को दोपहर 1:38:39 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन (गैटविक) के लिए उड़ान भरी। टेकऑफ के 26 सेकंड बाद, 1:39:05 बजे (08:09:05 UTC), पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को “मेडे, मेडे, मेडे” संदेश भेजा, जो आपातकाल का संकेत था। इससे पहले, पायलट ने ATC को “FALLING” (गिर रहा है) और “NO POWER, NO THRUST, GOING DOWN” जैसे शब्द कहे थे।
टेकऑफ के तुरंत बाद रैम एयर टर्बाइन (RAT), जो आपातकालीन बिजली आपूर्ति प्रणाली है, स्वचालित रूप से सक्रिय हो गया। यह इस बात का संकेत है कि विमान में बिजली की पूरी हानि हो गई थी। विमान केवल 32 सेकंड तक हवा में रहा और 650 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद मेघानीनगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 275 लोगों की मौत हुई, जिनमें 241 विमान में सवार (229 यात्री, 12 चालक दल) और 34 जमीन पर मौजूद लोग शामिल थे। केवल एक यात्री, भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक रमेश विश्वास कुमार, चमत्कारिक रूप से जीवित बचा।
फ्यूल कटऑफ स्विच की गड़बड़ी
दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच एक सेकंड के अंतराल में ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए। यह तकनीकी खराबी या मानवीय गलती का परिणाम हो सकता है, लेकिन रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि स्विच क्यों बदले। विमान के कमांडर कैप्टन सुमीत सभरवाल (56 वर्ष) के पास 15,600 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था, जिसमें बोइंग 787 पर 8,500 घंटे शामिल थे। को-पायलट क्लाइव कुंदर (32 वर्ष) के पास 3,400 घंटे का अनुभव था और वे 2017 से एयर इंडिया के साथ थे। दोनों चिकित्सकीय रूप से फिट थे और बोइंग 787 उड़ाने के लिए लाइसेंस प्राप्त थे।
टेकऑफ के समय विमान का नियंत्रण को-पायलट क्लाइव कुंदर के पास था, जबकि कैप्टन सभरवाल निगरानी कर रहे थे। बोइंग ने पहले फ्यूल कटऑफ स्विच लॉक से संबंधित एक सलाह जारी की थी, लेकिन एयर इंडिया ने इसका वैकल्पिक निरीक्षण नहीं किया था। विमान का रखरखाव जून 2023 में किया गया था, और अगली जांच दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित थी।
ब्लैक बॉक्स और तोड़फोड़ का सबूत नहीं
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) बरामद किए गए। FDR को डाउनलोड कर लिया गया, लेकिन पिछला EAFR (एक्सटेंडेड एयरफ्रेम फ्लाइट रिकॉर्डर) क्षतिग्रस्त होने के कारण डेटा निकालना संभव नहीं हुआ।
प्रारंभिक जांच में तोड़फोड़ का कोई प्रमाण नहीं मिला। विमान का वजन और संतुलन सामान्य सीमा में था, और ईंधन के नमूने संतोषजनक पाए गए। फ्लैप और लैंडिंग गियर टेकऑफ के लिए सामान्य स्थिति में थे। थ्रस्ट लीवर टेकऑफ स्थिति में थे, लेकिन हादसे के बाद निष्क्रिय पाए गए, जो इन-फ्लाइट कटऑफ की पुष्टि करता है। हादसे में 275 लोगों की मौत हुई, जिसमें विमान में सवार 241 लोग और जमीन पर 34 लोग शामिल थे। केवल एक यात्री जीवित बचा।
AAIB की प्रारंभिक जांच के अलावा, अमेरिका का राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) भी समानांतर जांच कर रहा है। केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई है, जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
एयर इंडिया और बोइंग की प्रतिक्रिया
एयर इंडिया ने अपने बोइंग 787 बेड़े की गहन जांच शुरू की है, और बोइंग ने जांच में सहयोग की बात कही है। DGCA ने भी सभी बोइंग 787 विमानों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। टाटा ग्रुप, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि फ्यूल कटऑफ स्विच का अचानक ‘CUTOFF’ स्थिति में चला जाना हादसे का प्रमुख कारण था। पायलटों की बातचीत से संकेत मिलता है कि यह तकनीकी खराबी या संचार में गलतफहमी का परिणाम हो सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि स्विच क्यों बदले गए, और यह मानवीय गलती थी या तकनीकी खराबी, इसका अंतिम निष्कर्ष व्यापक जांच के बाद ही सामने आएगा।







