Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

बदलेगा फौजियों के अप्रेजल का तरीका, जानिए किस बदलाव की हो रही तैयारी

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 14, 2024
in राष्ट्रीय
A A
13
SHARES
422
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: सेना में फौजियों के काम का आकलन करने के लिए ‘360 डिग्री अप्रेजल’ का तरीका लाने पर विचार चल रहा है। सेना ‘360 डिग्री अप्रेजल’ में साथियों और अधीनस्थों के इनपुट को भी शामिल करेगी। वरिष्ठ अफसरों का कहना है कि मई में हुई आर्मी कमांडर्स की कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। सेना ने अप्रेजल के इस नए सिस्टम के लिए अपनी सभी कमांड्स से अपनी राय देने के लिए कहा है।

अप्रेजल का यह तरीका वैसा ही हो सकता है जैसा केंद्र सरकार संयुक्त सचिव या उससे ऊपर के पद पर पैनल में शामिल करने के लिए ऑल इंडिया सर्विसेस और अन्य ग्रुप ए की सेवाओं में कार्यरत अफसरों के काम का आकलन करने के लिए अपनाती है।

इन्हें भी पढ़े

indian army ai

दुश्मन की खैर नहीं! भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होंगे घातक हथियार

July 3, 2026
panchayat

देश की 66% पंचायतों के पास डिजिटल रिकॉर्ड नहीं, डिजिटल इंडिया कैसे बनेगा?

July 3, 2026
Registrar General of India

कितने जन्मे, कितने मरे, 2024 का पूरा रिकॉर्ड अब सरकार के पास, रिपोर्ट में दावा

July 3, 2026
ITR

जीरो टैक्स पर भी भरें ITR! वरना नहीं मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे, डिटेल में समझिए

July 3, 2026
Load More

‘3 टियर हाइरार्कियल मॉडल’

मौजूदा वक्त में सेना में काम का आकलन ‘3 टियर हाइरार्कियल मॉडल’ के आधार पर होता है। इनीशिएटिव अफसर (आईओ) वह व्यक्ति होता है जो जिस व्यक्ति का मूल्यांकन किया जाना है, उसका वरिष्ठ होता है। वह वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) लिखता है और इसमें मेडिकल और डिसीप्लिनरी पैरामीटर को भी शामिल किया जाता है।

इस रिपोर्ट की समीक्षा दो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है। यह अधिकारी- समीक्षा अधिकारी और वरिष्ठ समीक्षा अधिकारी होते हैं।

जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) और गैर कमीशन अधिकारी (एनसीओ) के मामले में आईओ कंपनी कमांडर होता है। समीक्षा अधिकारी यूनिट का कमांडिंग अफसर होता है और वरिष्ठ समीक्षा अधिकारी ब्रिगेड कमांडर को बनाया जाता है।

अफसरों के मामले में उनके काम के आकलन की शुरुआत और उसकी समीक्षा उनके वरिष्ठों द्वारा की जाती है। मेजर जनरल्स के मामले में वरिष्ठ समीक्षा अधिकारी सेना प्रमुख होते हैं। भारतीय वायु सेना में भी इसी तरह का 3 टियर अप्रेजल सिस्टम लागू है।

दो मॉडल आए सामने

भारतीय सेना में जिस ‘360 डिग्री अप्रेजल’ सिस्टम की बात पर विचार चल रहा है, उसके तहत दो मॉडल सामने आए हैं। पहला मॉडल नेवी के द्वारा पहले ही लागू किया जा चुका है और इसमें एसीआर के बाद अधीनस्थ के द्वारा आईओ को फीडबैक देना शामिल है।

जिस दूसरे मॉडल पर विचार किया जा रहा है, उसे ‘पीयर ग्रुप परसेप्शन मॉडल’ कहा जाता है। यह भारतीय सेना के सशस्त्र बलों के कई प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों में चल रहे मौजूदा सिस्टम की तर्ज पर ही है। इसमें अफसरों का मूल्यांकन उनके विभाग में और अन्य विभागों में कार्यरत उनके साथियों और समकालीन लोगों द्वारा किया जाता है।

अफसरों का कहना है कि एक निश्चित समय में जुटाए गए ऐसे डाटा का उपयोग किसी व्यक्ति का पूरी तरह और व्यापक अप्रेजल करने के लिए किया जा सकता है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने एक याचिका के जवाब में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) को बीते साल बताया था कि वह सिविल सर्वेंट्स की नियुक्ति के लिए ‘360 डिग्री अप्रेजल’ सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करता है।

कैट ने 2017 में एक संसदीय पैनल को बताया था कि उसने अप्रैल, 2016 में अपने दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है और ऐसा इसलिए किया गया है कि कम से कम पांच स्टेकहोल्डर्स से मल्टी सोर्स फीडबैक (एमएसएफ) को भी शामिल किया जा सके। यह स्टेकहोल्डर्स वरिष्ठ, कनिष्ठ, साथी, बाहरी स्टेकहोल्डर और सेवारत सचिव हो सकते हैं।

संसद में अगस्त, 2017 में पेश की गई कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय पर संसदीय स्थायी समिति की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इसे ‘360 डिग्री रिव्यू’ के रूप में पहचाना जाता है और यह एमएसएफ की तरह ही है।

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ‘360 डिग्री अप्रेजल’ सिस्टम पारदर्शी नहीं है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
delhi politics

क्या इस बार दिल्ली सियासी करवट लेने जा रही है? किसको मिलेगी दिल्ली की कमान ?

February 6, 2025
PM modi

कितना सही था अविश्वास प्रस्ताव पर PM मोदी का विपक्ष पर तंज?

August 11, 2023
government schemes

FIR दर्ज : सरकारी योजनाओं में घोटाले का प्रबंधक पर लगा आरोप

February 4, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • गुरु मंत्र को क्यों रखा जाता है अत्यंत गोपनीय? जानें शास्त्रों में बताया गया नियम
  • दुश्मन की खैर नहीं! भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होंगे घातक हथियार
  • बीते साढ़े चार साल में कितने लोगों को मिली सरकारी नौकरी? CM धामी ने बताया

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.