Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

1967 में शुरू हुआ था कांग्रेस के मौजूदा सांसदों के हारने का सिलसिला!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 19, 2024
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
11
SHARES
359
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 में पहले चरण का मतदान शुरू हो चुका है। सात चरणों में मतदान के बाद 4 जून को नतीजे आएंगे। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। हालांकि, चुनाव के नतीजे और हार-जीत की वजह मतदान पूरा होने के बाद ही पता चलते हैं। कई बार पार्टियों को घर के भेदी ही भारी नुकसान पहुंचाते हैं। 1967 में कांग्रेस के साथ ऐसा ही हुआ था। दिल्ली में सत्ताधारी पार्टी सात में से छह सीट हार गई थी।

कांग्रेस की हार का कारण थे दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रम्ह प्रकाश यादव। वह खुद तो लोकसभा चुनाव जीत गए थे, लेकिन अन्य छह सीटों पर अपनी ही पार्टी को हराने के लिए पूरा जोर लगाया था और कांग्रेस दिल्ली की अन्य किसी भी सीट में जीत नहीं हासिल कर पाई थी।
जनसंघ को मिली थी सभी सीटें

इन्हें भी पढ़े

divyastra mk3

भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, स्वदेशी जेट पावर्ड ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ने भरी पहली सफल उड़ान

August 16, 2026
Ajit Doval

डोभाल का खुलासा, पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने दिए थे आतंकियों के लिए कड़े निर्देश

August 16, 2026
वंदे मातरम् विवाद

वंदे मातरम् विवाद पर बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज ने सोनिया गांधी से की माफी की मांग!

August 16, 2026
PM Modi

PM मोदी का अमेरिका को सीधा जवाब, भारत अब ‘बाजार’ पर करेगा कब्जा!

August 15, 2026
Load More

इस चुनाव में पहली बार जनसंघ ने दिल्ली में छह सीटें जीती थी। एकमात्र सीट चौधरी ब्रम्ह प्रकाश जीते थे, लेकिन इसमें भी जीत का अंतर कम था। इसी चुनाव में मौजूदा सांसदों के हारने का सिलसिला शुरू हुआ था। कांग्रेस के तीन सांसद हार गए थे। लगातार तीन चुनाव जीतने वाले नवल प्रभाकर को भी चौथे चुनाव में हार झेलनी पड़ी थी। नई दिल्ली से मीर चंद खन्ना, चांदनी चौक से श्याम नाथ को भी हार झेलनी पड़ी थी। सिर्फ चौधरी ब्रम्ग प्रकाश ही चुनाव जीत पाए थे। वह दूसरी बार सांसद बने थे। उन्हें बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से जीत मिली थी, जबकि पहले चुनाव में वह सदर से सांसद बने थे।

जमानत नहीं बचा पाए थे 31 उम्मीदवार

1967 में दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में 46 नेताओं ने चुनाव लड़ा था। इनमें से 15 उम्मीदवार ही अपनी जमानत राशि बचा पाए थे। सातों सीटों पर चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों के साथ दूसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवार और चांदनी चौक में तीसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार की जमानत बच गई थी। इसके अलावा अन्य 31 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

बागी नायर भी नहीं बचा पाए थे जमानत

सीके नायर पहले और दूसरे चुनाव में बाहरी दिल्ली से सांसद बने थे। वह चौथे चुनाव में भी लड़ना चाहते थे,लेकिन उनको टिकट नहीं मिला। ऐसे में वह बगावत पर उतर आए और निर्दलीय चुनाव लड़ा। हालांकि, जनता ने उनका साथ नहीं दिया और वह तीसरे नंबर पर रहे। उनकी भी जमानत जब्त हो गई थी।

चुनाव से पहले बढ़ी थीं दो सीटें

पहले लोकसभा चुनाव के में दिल्ली में तीन सीट थी, जबकि दूसरे चुनाव में एक सीट बढ़ा दी गई। इसी तरह तीसरे चुनाव से पहले भी एक सीट बढ़ाई गई। इस चुनाव के दौरान दिल्ली में एक बार फिर सीटों की संख्या में इजाफा किया गया और कुल सीटों की संख्या सात पहुंच गई। पूर्वी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली नाम से दो नई सीटें बनाई गई थी। दोनों पर जनसंघ के उम्मीदवार जीते थे।

इंदिरा की मनमानी के चलते हारी कांग्रेस

1952 में दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने चौधरी ब्रह् प्रकाश इस चुनाव तक कांग्रेस के कद्दावर नेता बन चुके थे और दिल्ली की सभी सात सीटों पर अपनी पसंद के नेताओं को टिकट दिलाना चाहते थे। इंदिरा गांधी ने उनको तो टिकट दे दिया था, मगर अन्य सीटों पर अपनी मर्जी से टिकट दिए थे। इस कारण चौधरी ब्रह्म प्रकाश नाराज हो गए और वे अन्य छह सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को हरवाने में लग गए थे। वह अपने मकसद में सफल भी रहे। इस चुनाव के बाद उन्होंने कांग्रेस से नाता भी तोड़ दिया था। इस चुनाव में कांग्रेस पूरे देश में जीती थी, लेकिन दिल्ली में उसे हार का सामना करना पड़ा था।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

जेपी अवार्ड समारोह में देश की विभूतियों को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सम्मानित

December 23, 2023
Sanjay Singh and Sisodia

संजय सिंह और सिसोदिया की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

January 21, 2024

बिहार में बीजेपी के जीत का चिराग, पारस PM के साथ या खिलाफ़!

March 21, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • बिहार में सरकारी शिक्षकों की होगी गुप्त मॉनिटरिंग, सीधे शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
  • भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, स्वदेशी जेट पावर्ड ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ने भरी पहली सफल उड़ान
  • गन्ना किसानों की बल्ले-बल्ले, सरकार देगी 5000 रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.