नई दिल्ली। इंडिगो क्राइसिस की वजह से देश में हजारों लोग अब तक परेशान हो रहे हैं। किसी की शादी छूट रही है तो किसी लाश इस क्राइसिस की वजह से दूसरे शहर में फंसी हुई है। कुल मिलाकर पूरे देश के अलग-अलग एयरपोर्ट पर हजारों लोग फंसे हुए हैं। परेशानी झेलने वाले लोग इस बात के लिए इंतजार कर रहे हैं कि सरकार एयरलाइन कंपनी के खिलाफ क्या एक्शन लेती है। ऐसे में अब लग रहा है कि सरकार भी सख्त एक्शन के मूड में आ गई है। क्योंकि, एक संसदीय पैनल ने बड़े पैमाने पर इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने के मामले में प्राइवेट एयरलाइंस के टॉप अधिकारियों और सिविल एविएशन रेगुलेटर को तलब करने की तैयारी कर ली है।
जेडीयू नेता संजय झा की अध्यक्षता वाली ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कल्चर पर पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी इंडिगो के खिलाफ एक्शन ले सकती है। कार्रवाई के तहत एयरलाइंस के टॉप अधिकारियों और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के अधिकारियों स्पष्टीकरण मांग सकती। बताया जा रहा है कि पैनल ने एयर सर्विस में रुकावट के कारण हजारों यात्रियों को होने वाली दिक्कतों पर गंभीरता से ध्यान दिया है। पैनल के सदस्य ने कहा कि यहां तक कि संसद सदस्य, जो शीतकालीन सत्र के लिए राष्ट्रीय राजधानी में थे, उन्हें भी इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने और दूसरी एयरलाइंस की देरी का सामना करना पड़ा।
न्यायिक जांच की भी हो रही मांग
बताया जा रहा है कि कई सांसदों को भी इस स्थिति के कारण हवाई किराए में बढ़ोतरी को लेकर लोगों से शिकायतें मिली हैं। इस बीच CPI के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने उड़ानों में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी की जांच के लिए एक जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी या न्यायिक जांच की मांग की है। बता दें कि जॉन ब्रिटास ट्रांसपोर्ट पर स्टैंडिंग कमेटी का हिस्सा नहीं हैं।
लगातार 6वें दिन भी जारी हैं रुकावटें
रविवार को दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो ने 220 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं, क्योंकि ऑपरेशन नॉर्मल करने की कोशिशों के बावजूद रुकावटें छठे दिन भी जारी रहीं। इससे पहले एविएशन रेगुलेटर, DGCA ने शनिवार को इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और COO और अकाउंटेबल मैनेजर पोरक्वेरस को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
इंडिगो ने एक्शन के नाम किया सिर्फ ये
नोटिस जारी होने के बाद रविवार को जारी एक बयान में इंडिगो ने कहा कि उसकी पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ने एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनाया है, जो स्थिति पर नजर रखने के लिए रेगुलर मीटिंग कर रहा है। कंपनी ने कहा कि कंपनी का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अपने कस्टमर्स के सामने आने वाली चुनौतियों का ध्यान रखने और पैसेंजर्स को रिफंड दिलाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है।







