नई दिल्ली। देश में महंगे मोबाइल रिचार्ज से परेशान टेलीकॉम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आने वाले दिनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान्स 50 से 70 प्रतिशत तक सस्ते हो सकते हैं। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का एक नया मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार किया है, जिसके तहत कंपनियों को केवल वॉयस कॉलिंग और एसएमएस की सुविधा वाले अलग-अलग वैलिडिटी के प्लान लाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
वाई-फाई और कीपैड यूजरों को होगा सीधा फायदा
फिलहाल, यदि किसी उपभोक्ता को लंबी वैलिडिटी (जैसे 56 या 84 दिन) का रिचार्ज चाहिए, तो उसे न चाहते हुए भी डेटा पैक वाले महंगे रिचार्ज कराने पड़ते हैं। ऐसे लोग जिनके घरों में ब्रॉडबैंड या वाई-फाई कनेक्शन मौजूद है, या जो केवल बेसिक कीपैड फोन का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह डेटा किसी काम का नहीं रहता। ट्राई का नया ड्राफ्ट लागू होने के बाद कंपनियां ग्राहकों पर जबरन डेटा वाले प्लान नहीं थोप पाएंगी।
300 रुपये का रिचार्ज अब 150 रुपये में संभव
एक आम रिचार्ज प्लान में लगभग 50 से 70 फीसदी लागत केवल इंटरनेट डेटा की होती है। यदि कोई ग्राहक केवल वॉयस कॉल और मैसेजिंग का विकल्प चुनता है, तो उसके रिचार्ज की कीमत आधी से भी कम हो जाएगी।
सस्ता विकल्प: उदाहरण के तौर पर, यदि डेटा और कॉलिंग वाला 84 दिनों का प्लान 300 रुपये का है, तो बिना डेटा के केवल कॉलिंग वाला वही प्लान उपभोक्ता को मात्र 150 रुपये के आसपास मिल सकेगा।
7 से 84 दिनों तक की मिलेगी वैलिडिटी
ट्राई के इस प्रस्ताव के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को 7, 28, 56 और 84 दिनों की समय-सीमा (वैलिडीटी) वाले ऐसे विशेष प्लान बाजार में उतारने होंगे, जिनमें डेटा शामिल न हो।
नियामक संस्था ने फिलहाल इस ड्राफ्ट पर सभी हितधारकों और कंपनियों से राय मांगी है। सर्वसम्मति बनने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि, प्लान्स की सटीक कीमतें तय करने का अधिकार जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी टेलीकॉम कंपनियों के पास ही रहेगा। माना जा रहा है कि इस नियम से टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ आम ग्राहकों को मिलेगा।







