Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

अब इस्केमिक हार्ट स्ट्रोक का उपचार होगा आसान, IIT मंडी ने तैयार की ये डिवाइस

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 29, 2022
in राज्य, स्वास्थ्य
A A
20
SHARES
654
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

वर्तमान की भाग दौड़ भरे जीवन में व्यक्ति सुकून की जिंदगी नहीं जी पाता, ऐसे में काम और ज्यादा प्राप्त हासिल करने की चिंता के बीच में खुद को समय न दे पाना, हैल्दी डाइट न कर पाना आदि ऐसे कई जोखिम कारण हैं जो मस्तिष्क पर असर डालते हैं और मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों के जनक बनते हैं। उन्हीं बीमारियों में से एक प्रमुख बीमारी है स्ट्रोक यानि मस्तिष्क का दौरा। स्ट्रोक में से भी सबसे काॅमन स्ट्रोक है इस्केमिक हार्ट स्ट्रोक।

अब इस्केमिक हार्ट स्ट्रोक का पता आसानी से लगाकर उसका उपचार शीघ्र संभव होगा। स्ट्रोक (मस्तिष्काघात) का शीघ्र पता लगाने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने पोर्टेबल और सस्ता नियर इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी डायोड (एनआईआरएस एलईडी) डिवाइस तैयार किया है। स्ट्रोक की कारण दिमाग में सही से खून नहीं पहुंचना है। जिसका पता लगाने के इस डिवाइस को आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) चंडीगढ़ का सहयोग लिया गया है। एनआईआरएस. एलईडी डिवाइस से हदय रोग पता लगानके साथ-साथ शीघ्र उपचार करने में मदद मिलेगी। इस डिवाइस से ग्रामीणों और दूरदराज क्षेत्रों में रोगियों को इसका ज्यादा लाभ होगा। साधनों की कमी और दूरदराज के पिछड़े क्षेत्रों में समय से निदान मिलेगा।

इन्हें भी पढ़े

पान मसाला

पान मसाला में मिले कैंसर वाले रसायन: 55 इकाइयों में छापा, 15 करोड़ का माल जब्त

August 23, 2026

उत्तराखंड के 810 नए बूथों पर मजबूत टीम बना रही भाजपा, SIR के बाद बढ़ गई मतदान केंद्रों की संख्या

August 23, 2026
Baba Ramdev

वन नेशन वन इलेक्शन पर स्वामी रामदेव बोले- ‘शिक्षा और विकास को मिलेगी रफ्तार’

August 23, 2026
Bhadar River

भदार नदी में डूबा युवक, पुल नहीं होने से जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण

August 23, 2026
Load More

कैसे आता है इस्केमिक स्ट्रोक
जब मस्तिष्क के किसी भाग में खून का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता और खून का प्रवाह बाधित होता है तभी मस्तिष्क के दौरा पड़ता है। स्ट्रोक से जान जाना प्रमुख कारणों में से एक है। कई तरह के स्ट्रोक होते हैं, जिनमें सबसे आम इस्केमिक स्ट्रोक है। इस्केमिक स्ट्रोक तब होता है जब ऑक्सीजन युक्त खून को मस्तिष्क तक ले जाने वाली धमनियों में ब्लाकेज हो जाता है। धमनियों में खून का थक्का बन जाता है। जिससे मस्तिष्क तक खून का प्रवाह नहीं होता और इस्केमिक स्ट्रोक होता है। यह थक्का इसलिए बनता है क्योंकि रक्त वाहिकाओं में फैट जम जाता है।

इन्होंने तैयार की डिवाइस
आईआईटी मंडी के स्कूल आफ कम्प्यूटिंग एंड इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एसोसिएट प्रोफैसर डाॅ. शुभजीत राय चौधरी और उनके विद्यार्थी दालचंद अहिरवार के साथ पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट फार मैडीकल एजुकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ़ के डाॅ. धीरज खुराना ने यह डिवाइस तैयार की है।

व्यवस्था और इलाज इस पर निर्भर करता उपचार
इस्केमिक स्ट्रोक के उपचार की कारगर व्यवस्था और इलाज इस पर निर्भर करता है कि समस्या का शीघ्र पता लगाकर इसका उपचार शुरू किया जाए। वर्तमान में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) और कंप्यूटर टोमोग्राफी (सीटी) को इस्केमिक स्ट्रोक का पता लगाने का सबसे स्टीक परीक्षण (गोल्ड स्टैंडर्ड) माना जाता है। ये निदान भरोसंद तो हैं लेकिन इनका इंफ्रास्ट्रक्चर और लागत काफी ज्यादा होने के कारण भारत की बड़ी आबादी की पहुंच से परे है। बता दें कि देश में प्रत्येक 10 लाख लोगों पर केवल एक एमआरआई सैंटर है।

मस्तिष्क के फ्रंटल लोब में जैव-मार्करों का किया अध्ययन
आईआईटी मंडी की टीम ने इस्केमिक स्थितियों में फोरआर्म और मस्तिष्क के फ्रंटल लोब में जैव-मार्करों का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने अपने डिटेक्टर प्रोटोटाइप के वैलिडेशन के लिए फोरआर्म का एक्सपैरिमैंटल ऑक्ल्जून किया और फिर फ्रंटल लोब पर इस्केमिक स्ट्रोक उत्पन्न किया और यह पाया कि डिवाइस में निदान की बेजोड़ क्षमता है।

चिंताजनक हैं इस्केमिक स्ट्रोक के आंकड़े
इस्केमिक स्ट्रोक का भारतीय आंकड़ा चिंताजनक है। हर साल प्रत्येक 500 भारतवासियों को एक स्ट्रोक लगता है। इसका कारण मस्तिष्क में पूरा खून नहीं पहुंचना या रुक-रुक कर पहुंचना है। सर्वे बताते हैं कि स्ट्रोक के कुल मामलों में करीब 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत 40 वर्ष से कम आयु के लोगों में देखा गया है।

शीघ्र जांच और उचित निदान व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर रही सरकार
केंद्रीय सरकार कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण के लिए अपने राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) के तहत स्ट्रोक समेत सभी गैर-संक्रामक रोगों के लिए विभिन्न स्तर पर शीघ्र जांच और उचित निदान व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आईआईटी मंडी टीम द्वारा हाल में विकसित डिवाइस से समस्त भारत में स्ट्रोक का इलाज सुलभ कराने में मदद मिलेगी।

क्या कहते हैं एसोसिएट प्रोफैसर और शोध विद्वान
एसोसिएट प्रोफैसर आईआईटी मंडी डॉ. शुभजीत राय चौधरी ने बताया कि टीम ने एक छोटा वियरेबल डिवाइस डिजाइन और उसका विकसित किया है। ये एनआईआरएस एलईडी डिवाइस के उपयोग से इस्केमिक स्ट्रोक का पता लगाने के लिए 650 एनएम से 950 एनएम रैंज में प्रकाश उत्सर्जन करता है। यह प्रकाश खून के रंगीन घटकों जैसे हीमोग्लोबिन से प्रतिक्रिया करता है और खून के विशेष लक्षणों को सामने रखता है जैसे संबंधित हिस्से में ऑक्सीजन सैचुरेशन, ऑक्सीजन उपयोग और खून की मात्रा का सूचक की सूचना देगा। आईआईटी मंडी के शोध विद्वान दालचंद अहिरवार ने कहा कि संयुक्त मैट्रिक्स से खून में हीमोग्लोबिन की अस्थायी गतिविधि दिखती है, जिसकी मदद से उस हिस्से के टिश्यू में खून के नहीं पहुंचने या रुक-रुक कर पहुंचने का आसानी से पता लगाया जा सकता है। इस्केमिक स्थितियों का अध्ययन करने के लिए आक्सीजन सैचुरेशन, संबंधित हिस्से में आक्सीजन की खपत और खून की मात्रा सूचकांक जैसे बायोमार्करों का उपयोग किया है जो अन्य तकनीकों की तुलना में इस्केमिक स्थितियों का अधिक स्टीक अनुमान दे सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
us israel attack on iran

ईरान पर अमेरिका-इसराइल के हमले ने कैसे बढ़ाई भारत की मुश्किलें!

February 28, 2026
uptet

यूपीटीईटी-2026 का ऐलान, जुलाई में तीन दिन होगी परीक्षा

March 21, 2026
Sudan spiraling into civil war

गृहयुद्ध की और बढ़ता सूडान

April 24, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की माधव शाखा में उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया गया रक्षाबंधन उत्सव!
  • सावन मास के चौथे सोमवार को झण्डेवाला देवी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्तों ने श्रद्धापूर्वक किया जलाभिषेक
  • पान मसाला में मिले कैंसर वाले रसायन: 55 इकाइयों में छापा, 15 करोड़ का माल जब्त

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.