नई दिल्ली। दक्षिण कश्मीर में 2 आतंकी हमलों के बाद अब ऑनलाइन धमकी सामने आई है. इसमें कश्मीरी पंडित (सरकारी कर्मचारियों) को निशाना बनाने वाली हिट लिस्ट जारी की गई है. यह धमकी एक गुप्त संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) ने दी है. माना जाता है कि यह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा है.
धमकी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि इस नोट में खास तौर पर सरकारी रोज़गार योजनाओं के तहत काम करने वाले कश्मीरी पंडित अधिकारियों, खासकर प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त कर्मचारियों को निशाना बनाने की बात कही गई है. ऑनलाइन जारी की गई इस हिट लिस्ट में श्रीनगर के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) में काम करने वाले 6 खास सरकारी कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर शामिल हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है.
प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारियों की छुट्टी
धमकी मिलने के तुरंत बाद जम्मू् कश्मीर सरकार ने ‘प्रधानमंत्री पैकेज’ के सभी कर्मचारियों को 20 अगस्त तक छुट्टी पर जाने या घर से काम करने की इजाजत दे दी है, ताकि जरूरी सुरक्षा उपाय किए जा सकें. पहले की धमकियां अक्सर सिर्फ कश्मीर घाटी तक ही सीमित रहती थीं, लेकिन इस चेतावनी में साफ तौर पर जम्मू क्षेत्र में भी हमले की धमकी दी गई है.
2024 में TRF ने दी थी धमकी
खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है कि कैसे आतंकी हैंडलर एन्क्रिप्टेड चैनलों का इस्तेमाल करके स्थानीय लोगों से लॉजिस्टिक्स, लोकेशन और कर्मचारियों की निजी जानकारी जुटाते हैं, ताकि हिट लिस्ट तैयार की जा सके और क्षेत्र में स्थिरता को बिगाड़ा जा सके. इससे पहले 2024 में TRF ने एक अलग धमकी भरे पोस्टर में राजस्व विभाग में काम कर रहे 20 कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की ऐसी ही एक लिस्ट जारी की थी, जिन पर कश्मीर में बाहरी लोगों को जमीन देने और डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप लगाए थे.
पिछले हफ्ते एक कश्मीरी पंडित को मिली थी धमकी
जांच में एक सरकारी कर्मचारी को आतंकवादियों को वह दस्तावेज लीक करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था और उसके ख़िलाफ़ चार्जशीट भी दाखिल की गई थी. सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी की सच्चाई की जांच कर रही हैं और इस पत्र के पीछे के नेटवर्क के डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता लगा रही हैं. ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने के मामले में बारामूला, शोपियां, अनंतनाग, कुपवाड़ा और बांदीपोरा में की गई छापेमारी को भी इसी धमकी से जुड़ा माना जा रहा है.
पिछले हफ़्ते बांदीपोरा में एक कश्मीरी पंडित को ऑनलाइन धमकी दी गई थी. उन्होंने 35 साल से ज़्यादा समय के बाद अवैध कब्जे से अपनी जमीन वापस हासिल की थी. लिस्ट सार्वजनिक होने के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय मजबूत सुरक्षा इंतज़ामों की मांग कर रहा है.






