देश की केंद्र सरकार (Central Government) सभी वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर कई योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में नवजात बच्चों से लेकर बुजुर्ग वर्ग के लोगों (Senior Citizen Schemes) के लिए योजनाओं की शुरुआत की गई है. इन योजनाओं के तहत लोगों को सरकार की ओर से ब्याज के रूप में या डारेक्ट तरीके से आर्थिक मदद दी जाती है. इसी क्रम में, सरकार ने गर्भवती महिलाओं (Women Scheme) और नवजात के स्वास्थ्य के लिए एक योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत महिलाओं के बैंक खाते में 6000 रुपये भेजे जाते हैं.
बता दें कि यह स्कीम आर्थिक सुरक्षा और शिशुओं को पर्याप्त पोषण देने के उद्देश्य से शुरू की गई है. इस योजना के तहत वित्तीय सहायता गर्भवती महिलाओं के प्रसव के बाद दिया जाता है. जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana) के तहत गरीब परिवारों को लाभ दिया जाता है. यह योजना सरकारी स्वास्थ्य संस्थान और सरकार द्वारा प्रमाणित निजि अस्पताल को कवर करती है.
अगर इसके अलावा, किसी और अस्पताल में प्रसव होता है, तो इस योजना का फायदा नहीं उठाया जा सकता है. वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan) के तहत 1 से 9 तारीख के बीच हर महीने प्राइवेट या सरकारी अस्पतालों (Private and Government Hospital) में प्रसव जांच कराया जा सकता है.
लाभ के लिए ये दस्तावेज जरूरी
जननी सुरक्षा योजना का फायदा लेने के लिए आपके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, सरकारी अस्पताल द्वारा जारी किया गया प्रसव प्रमाण पत्र और महिला का बैंक खाता नंबर होना चाहिए. इन दस्तावेजों को आपको योजना के आवेदन फॉर्म के साथ जमा करना होगा. इस आवेदन को अप्रूव किए जाने के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा.
ऐसे करना होगा आवेदन
जननी सुरक्षा योजना में आवेदन आशा की मदद से किया जाएगा. आशा कार्यकर्ता नामांकन करने और सभी जानकारी अपडेट करने के लिए जिम्मेदार होंगी और सभी गर्भवती महिलाओं तक इसकी जानकारी पहुंचाएंगी. इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए किसी भी गर्भवती महिला को अपने ग्राम पंचायत के आशा कार्यकर्ता से मुलाकात करना होगी. आशा कार्यकर्ता की गैर मौजुदगी में ग्राम प्रधान से भी संपर्क किया जा सकता है.







