प्रकाश मेहरा
नई दिल्ली: भारतीय खेल जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले प्रसिद्ध निशानेबाज़ और ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज़ मनु भाकर के कोच रहे जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जसपाल राणा न केवल भारत के सबसे सफल निशानेबाज़ों में गिने जाते थे, बल्कि एक कुशल प्रशिक्षक के रूप में भी उन्होंने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए। उनकी देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली मनु भाकर ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को गौरवान्वित किया। उनके निधन को भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया शोक
जसपाल राणा के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा,
“जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से मैं स्तब्ध और शोकाकुल हूँ। वे एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और नेकदिल इंसान थे। भारत में शूटिंग को एक लोकप्रिय खेल के रूप में स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “जसपाल राणा ने विश्व शूटिंग चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उनके निधन से भारतीय खेल जगत को बड़ी क्षति हुई है।”
1994 से शुरू हुआ स्वर्णिम सफर
जसपाल राणा ने वर्ष 1994 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इसके बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय निशानेबाज़ी में अपनी अलग पहचान बनाई।
अपनी अद्भुत एकाग्रता, तकनीकी दक्षता और जीत के जज़्बे के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक उपलब्धियां हासिल कीं। वे लंबे समय तक भारतीय शूटिंग टीम के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे।
पदकों से भरा रहा करियर
जसपाल राणा ने एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ खेलों, विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत के लिए कई पदक जीते। उन्होंने अपने करियर के दौरान अनेक स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल कर देश को गौरवान्वित किया।
उनकी उपलब्धियों ने भारत में शूटिंग खेल को नई पहचान दिलाई और युवाओं को इस खेल की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एक महान खिलाड़ी और प्रेरणादायक गुरु
खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और नई पीढ़ी के निशानेबाज़ों को तैयार किया। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव, अनुशासन और समर्पण ने भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
खेल जगत में शोक की लहर
जसपाल राणा के निधन की खबर सामने आते ही खेल जगत, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर फैल गई। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय खेलों में उनके योगदान को याद किया।
भारतीय निशानेबाज़ी के इतिहास में जसपाल राणा का नाम हमेशा सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा। एक महान खिलाड़ी, सफल कोच और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।







