Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

दिल्ली जल बोर्ड : 17,970 करोड़ से होगा पानी और सीवर व्यवस्था का कायाकल्प

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 30, 2026
in दिल्ली
A A
Delhi Jal Board
26
SHARES
858
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड ने दिल्ली की जलापूर्ति और सीवरेज सेवाओं के प्रबंधन के तरीके में व्यापक बदलाव की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इन फैसलों का स्पष्ट फोकस जवाबदेही, समय रहते रखरखाव और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर है।

सबसे बड़ा फैसला दिल्ली में सीवर रखरखाव व्यवस्था के व्यापक सुधार के लिए 17,969.93 करोड़ रुपये की 10 वर्ष की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी देना है। इसके तहत नई ‘वन जोन, वन आपरेटर’ व्यवस्था लागू की जाएगी।

इन्हें भी पढ़े

Umar Khalid and Sharjeel Imam

दिल्ली दंगा: उमर खालिद और शरजील इमाम को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, नहीं दी जमानत

September 30, 2026
AI traffic

दिल्ली में ‘वन नेटवर्क, स्मार्ट ट्रैफिक’ मंजूर, गाड़ियों की रोकेंगे चोरी और ट्रैफिक करेंगे दुरुस्त

September 30, 2026
Phase-3 elevated corridor

दिल्ली को मिला बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर, अमित शाह ने किया उद्घाटन

September 29, 2026
nitin naveen

‘दिल्ली के चक्कर छोड़ जमीन पर उतरें’, नितिन नवीन की बीजेपी प्रभारियों को सख्त हिदायत

September 29, 2026
Load More

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दिल्ली को आठ जोन में बांटा जाएगा और प्रत्येक जोन के पूरे सीवर नेटवर्क की जिम्मेदारी एक आपरेटर की होगी। इसमें सीवर लाइनें, मैनहोल, पंपिंग स्टेशन और शिकायतों का निपटारा शामिल होगा।

शिकायत आने के बाद नहीं, होगा नियमित रखरखाव

यह व्यवस्था शिकायत आने के बाद मरम्मत करने के बजाय पहले से योजनाबद्ध और नियमित रखरखाव पर आधारित होगी। जियो-टैग निरीक्षण और केंद्रीय कमांड सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम मानिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही 100% मैकेनिकल और रोबोटिक सीवर सफाई की व्यवस्था भी की जाएगी।

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस सुधार का मूल उद्देश्य जिम्मेदारी तय करना है। दिल्ली के किसी नागरिक के लिए यह मायने नहीं रखना चाहिए कि किसी सीवर की जिम्मेदारी किस अधिकारी, डिवीजन या ठेकेदार की है।

अगर कोई समस्या है, तो सिस्टम को इसकी जानकारी होनी चाहिए, उसे ठीक करने की जिम्मेदारी किसी की तय होनी चाहिए और काम पूरा होने तक उसकी निगरानी होनी चाहिए। हम यही बदलाव लाना चाहते हैं।

दिल्ली जल बोर्ड वर्तमान में 68 विधानसभा क्षेत्रों में 11,212 किलोमीटर सीवर लाइन, 6.68 लाख मैनहोल और 145 पंपिंग स्टेशनों का रखरखाव करता है। नई व्यवस्था में भुगतान को प्रदर्शन से जोड़ा जाएगा, जिसका उद्देश्य शिकायतों का तेजी से समाधान और सीवर ओवरफ्लो की घटनाओं में कमी लाना है।

दक्षिण दिल्ली की जलापूर्ति व्यवस्था के कायाकल्प के लिए 6044 करोड़

बोर्ड ने दक्षिण दिल्ली की जलापूर्ति अवसंरचना के व्यापक कायाकल्प के लिए 6,044.05 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना 247 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, 13 यूजीआर कमांड एरिया, 12 विधानसभा क्षेत्रों और 2,44,381 घरेलू उपभोक्ताओं को कवर करेगी।

रियल-टाइम मानिटरिंग, सटीक मीटरिंग और जल आडिट के लिए स्मार्ट मीटर, बल्क फ्लो मीटर तथा क्लोरीन और प्रेशर सेंसर लगाए जाएंगे। परियोजना का लक्ष्य विश्वसनीय और निरंतर जलापूर्ति, शून्य प्रदूषण तथा नॉन-रेवेन्यू वाटर को 15% से नीचे लाना है।

प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘हम जलापूर्ति को केवल अधिक पाइप बिछाने के नजरिए से नहीं देख रहे हैं। हमें यह पता होना चाहिए कि पानी कहां जा रहा है, कहां इसकी हानि हो रही है और पानी का दबाव व गुणवत्ता सही है या नहीं। तकनीक हमें व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।’

चंद्रावल और वजीराबाद डब्ल्यूटीओ कमांड एरिया के अलावा दिल्ली के बाकी हिस्से को छह जोन दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व में बांटा गया है।

पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम जोन के लिए प्रशासनिक मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है। इन दोनों जोन में जलापूर्ति अवसंरचना के व्यापक कायाकल्प के लिए 15 वर्ष के ओ एंड एम सहित 11,427 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। शेष तीन जोन के लिए भी कंसल्टेंट नियुक्त किया जा चुका है।

328 एमजीडी अतिरिक्त सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता

सीवेज ट्रीटमेंट व्यवस्था को मजबूत करने और यमुना के पुनरुद्धार में सहयोग के लिए बोर्ड ने 328 एमजीडी की संयुक्त क्षमता वाले 13 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए टेंडर आमंत्रित करने को मंजूरी दी है। इनकी अनुमानित लागत 7,373 करोड़ रुपये है और यह कार्य एनएमसीजी फंडिंग के तहत किया जाएगा।

नरेला के नयाबांस में 5.5 एमजीडी क्षमता वाले विकेंद्रीकृत एसटीपी की 123.23 करोड़ रुपये की परियोजना पहले ही आवंटित की जा चुकी है। मंत्री ने कहा, ‘हमें पहली जगह पर ही बिना उपचारित सीवेज को नालों में पहुंचने से रोकना होगा। ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाना इस काम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।’

1,214.58 करोड़ की वजीराबाद परियोजना को फिर गति

लंबे समय से लंबित वजीराबाद जलापूर्ति परियोजना को भी नई गति मिली है। बोर्ड ने अनुमानित 1,214.58 करोड़ रुपये के पैकेज को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इसमें 80 एमजीडी क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, आटोमेटेड रा-वाटर इंटेक और 15 वर्ष का आपरेशन एवं मेंटेनेंस शामिल है। इसके साथ ही मौजूदा 40 एमजीडी प्लांट का पुनर्वास भी किया जाएगा।

एक और 60 एमजीडी प्लांट, ट्रांसमिशन अपग्रेड,एससीएडीए सिस्टम और वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए 3505 करोड़ रुपये के एडीबी लोन को भी मंजूरी दी गई है।

नए टैरिफ नियम, आपातकालीन केंद्र और वर्षा जल संचयन

बोर्ड ने दिल्ली जल एवं सीवर (टैरिफ एवं मीटरिंग) विनियम, 2026 को मंजूरी दी है, जो 2012 के नियमों की जगह लेगा। नई व्यवस्था के तहत जल और सीवर कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, शुल्क को तर्कसंगत किया जाएगा, बिलिंग प्रविधानों को अधिक स्पष्ट किया जाएगा और डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण को अपनाने वाले परिवारों के लिए रिबेट का भी प्रस्ताव है।

बोर्ड ने दिल्ली में 25 वाटर इमरजेंसी सेंटरों के पुनर्निर्माण के लिए 65.49 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इन केंद्रों को आधुनिक, सुरक्षित और डिजिटल सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

भवन की ऊंचाई की परवाह किए बिना व्यक्तिगत जल कनेक्शन

जहां तकनीकी रूप से संभव हो और निर्धारित शर्तें पूरी होती हों, वहां भवन की ऊंचाई की परवाह किए बिना किसी आवासीय/गैर-घरेलू इकाई को व्यक्तिगत जल कनेक्शन स्वीकृत किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को 17.5 मीटर की ऊंचाई से नीचे या निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था करनी होगी।

बोर्ड ने वर्षा जल संचयन नीति, 2026 के कार्यान्वयन की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। इसके तहत भूजल रिचार्ज को बाढ़ प्रबंधन से जोड़ा जाएगा और सरकारी भवनों में इसका अनिवार्य अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
हेमा मालिनी

सांसद हेमा मालिनी के सहयोग से शास्त्रीय नृत्य सिखाने हेतु कार्यशाला का आयोजन

April 24, 2025
severe alert

देशभर में गूंजा ‘Severe Alert’- जानिए क्या है सरकार का नया डिजास्टर अलर्ट सिस्टम!

May 2, 2026
Rahul Gandhi's 'Bharat Jodo Yatra

बीजेपी के खिलाफ राहुल को मिला बड़ा हथियार?

April 22, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली जल बोर्ड : 17,970 करोड़ से होगा पानी और सीवर व्यवस्था का कायाकल्प
  • LPG से UPI और रेलवे टिकट तक के बदलेंगे नियम, 1 अक्टूबर से होंगे लागू
  • E20 तो बस शुरुआत, E100 पर दौड़ेंगी गाड़ियां; गडकरी ने बताया भविष्य का प्लान

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.