नई दिल्ली। राष्ट्रपति , उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना खास कदम उठाने की तैयारी में है। वीवीआईपी की सेफ आवाजाही के लिए वायुसेना 24 स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर्स खरीदने जा रही है। इस पर करीब 10,000 करोड़ रुपये का खर्च आने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुववाई वाले रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है।
दुनिया को दो बड़ी कंपनियों को मिलेगी जिम्मेदी
रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर्स की खरीद से भारतीय वायु सेना को हवाई परिवहन की महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए मुख्य दावेदारों में एयरबस H-725 और अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन शामिल होंगी।
24 हेलीकॉप्टर्स पर 10,000 करोड़ रुपये होंगे खर्च
माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट में करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हैं। अब इनकी जगह नए प्रोजेक्ट के तहत खरीदे जाने वाले हेलीकॉप्टर लेंगे।
खास हस्तियों के लिए खास तैयारी
ये स्पेसिफिकेशन्स VVIP लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किए गए हैं। एक घोटाले के कारण VVIP हेलीकॉप्टर कार्यक्रम को रद्द कर दिए जाने के बाद, इन हेलीकॉप्टरों में बदलाव करके इन्हें VVIP लोगों को लाने-ले जाने के काम के लिए तैयार किया गया।
रक्षा खरीद को मिल चुकी है बड़ी मंजूरी
असल में, भारतीय वायु सेना के लिए हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणालियों और हथियारों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। विशेष उपयोग वाले हेलीकॉप्टरों और मोबाइल एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार प्रणाली की खरीद का रास्ता साफ हुआ है।
विशेष उपयोग वाले हेलीकॉप्टर वायु सेना की महत्वपूर्ण हवाई परिवहन जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे। वहीं, एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार अग्रिम क्षेत्रों में स्थानीय मौसम की उच्च-स्तरीय और विस्तृत निगरानी उपलब्ध कराएगा। इससे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।







