नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पीएम मोदी के पिता को लेकर दिए आपत्तिजनक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खरगे के इस स्टेटमेंट पर पूरी बीजेपी भी अटैकिंग मोड में है। गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अनेक नेताओं ने खरगे की आलोचना की है। वहीं, अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि कांग्रेस को व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
खरगे ने क्या कहा था?
दरअसल, बिहार की राजधानी रविवार को पटना में जब मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे, वोट चोरी पर बोल रहे थे। इसी दौरान एक शख्स ने भीड़ से कहा कि “मोदी कहीं नहीं जाएंगे।” इस पर खरगे ने जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।” जानकारी के अनुसार, इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उस शख्स की पिटाई कर दी और उसे सभा से निकाल दिया। हालांकि, बाद में पता चला कि वो कांग्रेस का ही कार्यकर्ता था और उसका नाम संतोष कुमार है। संतोष कुमार का कहना है कि खरगे की सभा में गलतफहमी की वजह से उनकी पिटाई हो गई। बीजेपी कह रही है कि मोदी के पिता को लेकर खरगे ने ये आपत्तिजनक बयान राहुल गांधी के इशारे पर दिया है। इसके साथ ही भाजपा ने प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
इस पूरे प्रकरण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “कल पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी द्वारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वर्गीय पिताजी के उपर की गई टिप्पणी ने मुझे स्तब्ध और बहुत आहत किया है। इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह टिप्पणी कांग्रेस के किसी सामान्य कार्यकर्ता या किसी युवा नेता ने नहीं की है। बल्कि, अपने को देश की ‘सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी’ कहने वाली पार्टी, के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने आचरण से करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत किया। पर कांग्रेस के लोग यहीं नहीं रुके। अब कांग्रेस पार्टी खरगे जी के शब्दों को Justify कर के पुनः लोगों की भावनाओं को आहत कर रही है। अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने के बजाय कांग्रेस इस बयान को सही ठहराने में जुटी है। इसका बचाव करने में जुटी है।”
‘स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची’
राजनाथ सिंह ने कहा- “खरगे जी जिस पद पर आसीन हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में, यदि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन इस तरह का आचरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। कल तक कांग्रेस के कुछ नेता, प्रधानमंत्री जी की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते थे, उनकी पूजनीय माताजी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। आज वही स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज गिरने के नए रिकॉर्ड बना रहा है।”
‘व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए’
राजनाथ सिंह ने आगे कहा- “वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदल देना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा तक ले जाना और प्रधानमंत्री जी के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है। यह सिर्फ एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार है। लोकतंत्र में विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए।
आज कांग्रेस का सिर्फ़ राजनीतिक ही नहीं बल्कि वैचारिक पतन भी हो चुका है। कांग्रेस को याद रखना चाहिए, कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है, और समय आने पर जवाब भी देती। मैं, कांग्रेस को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी जी को ऐसी टिप्पणियों से न विचलित किया जा सकता है, न जनसेवा के उनके संकल्प को कमजोर किया जा सकता है।”







