Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

क्यों NDA से अलग हुआ AIADMK, BJP को क्या होगा फायदा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 26, 2023
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
BJP-AIADMK
24
SHARES
795
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: अगले साल यानी 2024 में लोकसभा चुनाव होना है. ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए मौजूदा वक्त काफी अहम है. क्योंकि यही वो समय है जब पॉलिटिकल पार्टीज अपनी-अपनी जमीन को मजबूत करेंगी. यही नहीं आने वाले चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए यहीं से रणनीति को अमली जामा भी पहनाया जाना है. लिहाजा ये काम शुरू भी हो गया है. साल के अंत में होने वाले पांच राज्यों के चुनावों के साथ-साथ आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को भी साधने की तैयारी हो रही है. स्थानीय दलों से लेकर राष्ट्रीय दलों तक हर कोई अपना-अपना दांव चल रहा है.

हाल में दक्षिण भारत की मजबूत पार्टी अन्नाद्रमुक यानी AIADMK ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA से दूरी बना ली. अपने इस एक्सप्लेनर में हम ये समझेंगे कि अचानक एआईडीएमके ने ये फैसला क्यों लिया, इसके वजह जानने के साथ-साथ ये भी समझेंगे कि एनडीए के इस घटक दल के अलग होने से भारतीय जनता पार्टी को किस तरह नफा या नुकसान हो सकता है.

इन्हें भी पढ़े

climate change

क्लाइमेट चेंज का सबसे ज्यादा असर झेल रहे भारत के बच्चे, UNICEF रिपोर्टसावधान!

June 25, 2026
ice of the arctic

आर्कटिक की पिघलती बर्फ में भारत तलाश रहा अपना भविष्य!

June 25, 2026
BJP and Congress

नागरिकता पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, BJP ने किया पलटवार!

June 25, 2026
money laundering

कानपुर मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क: 8 लाख की झूठी लूट से खुला 3200 करोड़ के काले धन का राज

June 24, 2026
Load More

क्या सीट बंटवारा थी AIADMK के अलग होने की वजह?

राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा जोरों पर थी कि एआईएडीएमके ने एनडीए से अलग होने का फैसला आने वाले लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर किया है. हालांकि इसको लेकर किसी भी तरह के मतभेद की कोई जानकारी सामने नहीं आई. सूत्रों की मानें तो दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर कभी भी कोई पेंच फंसा ही नहीं. तो फिर अलग होने के पीछे प्रमुख कारण क्या रहा. आइए जानते हैं.

इसलिए NDA से अलग हुआ AIADMK

दक्षिण भारत की एक मजबूत पॉलिटिकल पार्टी होने के साथ-साथ एआईएडीएम एनडी के अहम सहयोगी दलों में से एक था. लेकिन अचानक इन दोनों के बीच खटास बढ़ गई. इस अलगाव की पूरी कहानी शुरू हुई बीजेपी के तमिलनाडु प्रमुख के अन्नामलाई को लेकर. दरअसल एआईएडीएमके बीजेपी प्रदेश प्रमुख से खुश नहीं थी. उनके कामकाज और तौर तरीकों के लिए दोनों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुके थे. लिहाजा एआईएडीएमके चाहती थी कि बीजेपी अपने प्रदेश ईकाई के प्रमुख के अन्नामलाई को पद से हटा दे या फिर उन्हें नियंत्रित करे.

वहीं भारतीय जनता पार्टी मोदी रथ पर सवार होने की वजह से किसी भी कीमत पर स्थानी दलों के आगे झुकने को तैयार नहीं थी. राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी की ओर से एआईएडीएमके को साफ संदेश दे दिया गया कि वह के अन्नामलाई को ना तो पद से हटाएगी और ना ही उन पर किसी भी तरह की कोई लगाम लगाई जाएगी.

दोनों ही दलों के बीच तल्खियां बढ़ने लगी तो एआईएडीएमके ने वहीं कदम उठाया जिसको लेकर वो लगातार बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी. एआईएडीएमके ने एनडीए से अलग होने का फैसला ले लिया. 25 सितंबर 2023 सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी गई.

अन्नामलाई से अन्नाद्रमुक को क्या परेशानी?

अन्नमलाई और अन्नाद्रमुक के बीच खींचतान कोई नई बात नहीं है. दोनों के बीच मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं. लेकिन इस विवाद ने उस वक्त विकराल रूप ले लिया जब 11 सितंबर को अन्नामलाई ने अपने बयानों से दिवंगत जयललिता और अन्नादुराई को बदनाम करने की कोशिश की. अन्नामलाई ने आरोप लगाया था कि 1956 में अन्नादुराई ने एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू धर्म का अपमान किया था. इस कार्यक्रम का आयोजन मदुरै में किया गया था. इन बयानों के बाद अन्नादुराई को छिपना भी पड़ा था क्योंकि उनका जमकर विरोध हुआ था. इसके बाद लोगों से अन्नादुराई ने माफी मांगी थी.

अन्नामलाई पर बीजेपी को इतना भरोसा क्यों?

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपने तमिलनाडु प्रमुख के अन्नामलाई पर इतना भरोसा है कि उन्होंने एआईएडीएमके के एनडीए से अलग होने की कीमत पर भी अन्नामलाई को ही चुना. दरअसल पार्टी के अंदरुनी सूत्रों की मानें तो अन्नामलाई तमिलनाडु में एक यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं. ये यात्रा ‘एन मन, एन मक्कल’ नाम से निकाली जा  रही है. माना जा रहा  है कि इस यात्रा को जनता का जबरदस्त समर्थन भी मिल रहा है.

बीजेपी को लगता है कि अन्नामलाई के नेतृत्व में पार्टी की स्थिति दक्षिण के एक बड़े राज्य तमिलनाडु में मजबूत हो रही है. पार्टी उनके कामकाज से काफी खुश भी है. यही वजह है कि  बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने किसी भी नेता को एआईएडीएमके विवाद पर खुलकर बोलने के लिए भी मना किया है.

क्या ‘सनातन धर्म’ पर विवाद भी बड़ी वजह

एआईएडीएम के एनडीए से अलग होने के पीछे एक और बड़े विवाद को भी वजह बताया जा रहा है. दरअसल दक्षिण की राजनीति इन दिनों सनातन धर्म को लेकर गर्माई हुई है. भारतीय जनता पार्टी द्रमुक लीडर और प्रदेश के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की ओर से सनातन को लेकर दिए बयानों से नाराज है. इससे ज्यादा परेशानी इस बात से थी कि अन्नाद्रमुक ने उदयनिधि के बयान पर अपनी ओर से ना तो विरोध जताया और ना ही कोई प्रतिक्रिया दी.

बीजेपी चाहती थी कि अन्नाद्रमुक इस विवाद में बीजेपी की लाइन पर आगे बढ़े और सनानत को लेकर सकारात्मक बयान दे. हालांकि पार्टी सूत्रों की मानें तो एआईएडीएमके की पार्टी लाइन कुछ अलग है. एआईएडीएमके चुनाव में अल्पसंख्यकों का साथ चाहती है, यही वजह कि उन्होंने उदयनिधि के सनातन धर्म के खिलाफ वाले बयानों पर अपनी कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी.

वहीं बीजेपी की नजर प्रदेश के हिंदू वोटर्स पर है. सनातन को लेकर दोनों दलों के बीच हुए मतभेदों को भी एआईएडीएमके के एनडीए से अलग होने की वजहों में एक माना जा रहा है.

NDA में कब हुई AIADMK की एंट्री

अन्नाद्रमुक ने बीते लोकसभा चुनाव यानी 2019 में बीजेपी से हाथ मिलाया था और एनडीए में एंट्री ली थी. इस दौरान बीजेपी को 39 सीटों में से सिर्फ एक सीट पर जीत का स्वाद चखने को मिला था. वहीं द्रमुक ने इस दौरान एक बड़ी जीत से लोगों के बीच जगह बनाई.

बीजेपी को नफा या नुकसान?

AIADMK के एनडीए से अलग होने के बाद बीजेपी के लिए ये नफा है या नुकसान फिलहाल कहना मुश्किल है. हालांकि नुकसान की बात करें तो एनडीए के घटक दलों का कम होना निश्चित रूप से गठबंधन की ताकत को कमजोर करता है. बीजेपी को इसे एक चुनौती के तौर पर लेना होगा क्योंकि इससे पहले पंजाब और बिहार में भी एनडीए से घटक दलों ने पार्टी से दूरी बना ली, जबकि तमिलनाडु तीसरा बड़ा राज्य बन गया है.

दूसरी तरफ बीजेपी के नफे की बात करें तो जहां-जहां बीजेपी ने अकेले लड़ाई लड़ी है वहां पार्टी को मुनाफा हुआ है. ऐसे में दक्षिण बीते कुछ वर्षों से अपनी पकड़ बनाने में जुटी बीजेपी अब खुलकर सनातन की राह पर आगे बढ़ पाएगी. यही नहीं बीजेपी को उम्मीद है कि अन्नामलाई के नेतृत्व में चल रही यात्रा भी बीजेपी की सीटों में इजाफा करने में कारगर साबित हो सकती है. लेकिन होगा क्या ये सब भविष्य के गर्त में है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
मुलायम और अटल

तो क्या सोचा आपने?

October 14, 2022

फैलता जा रहा है संकट

October 12, 2022
WCL

WCL प्रवास पर रहे मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, वेकोलि मुख्यालय में ली समीक्षा बैठक

February 13, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • RBI ने बदले डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के नियम, ऐसे मिलेगा मुआवजा
  • दिल्ली : MCD पार्किंग में बनेंगे बड़े EV चार्जिंग हब, मिलेगी बैटरी बदलने की भी सुविधा
  • मिर्जापुर का नया पोस्टर रिलीज, जानें कब आएगा फिल्म का टीजर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.