Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

क्‍यों भारत में दो बार मनाया जाता है शहीद दिवस?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 23, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
Shaheed Diwas
878
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

एक शहीद दिवस (Martyrs Day) 30 जनवरी को मनाया जा चुका है और आज 23 मार्च को एक बार फिर से शहीद दिवस (Shaheed Diwas) मनाया जा रहा है. ऐसे में तमाम लोगों के मन में ये सवाल है कि आखिर शहीद दिवस साल में दो बार क्‍यों मनाया जाता है. अगर आपके दिमाग में भी ये सवाल है, तो यहां जानिए 30 जनवरी के शहीद दिवस से 23 मार्च का शहीद दिवस कैसे अलग है. क्‍या है इसका महत्‍व और इस दिन से जुड़ी खास बातें.

इसलिए अलग है 30 जनवरी से 23 मार्च का शहीद दिवस
30 जनवरी को मनाया जाने वाला शहीद दिवस महात्‍मा गांधी की पुण्‍य तिथि (Death Anniversary of Mahatma Gandhi) के रूप में मनाया जाता है. इस दिन ही महात्‍मा गांधी को गोली मारकर उनकी हत्‍या कर दी गई थी. इस दिन को बेहद दुखद दिन के रूप में याद किया जाता है. वहीं 23 मार्च को भगत सिंह (Bhagat Singh), राजगुरु (Rajguru) और सुखदेव (Sukhdev) को फांसी दी गई थी. इसलिए 23 मार्च को इन अमर शहीदों के बलिदान को याद कर शहीद दिवस मनाया जाता है. इस दिन इन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है. विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, सरकारी और गैर सरकारी संगठनों द्वारा इस मौके पर मौन सभा का आयोजन किया जाता है और वीरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है.

इन्हें भी पढ़े

court

आतंक प्रभावित कश्मीर में RSS को मार्च की इजाजत तो तमिलनाडु में रोक क्यों: हाई कोर्ट

October 14, 2026
CM Dr. Mohan Yadav

गुरुवाही से विकास का बड़ा ऐलान, उमरिया को 144 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, मानपुर में सांदीपनि विद्यालयों समेत की कई बड़ी घोषणाएं

October 14, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में मां के चतुर्थ स्वरूप माँ कुष्मांडा देवी की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना

October 14, 2026
special high-tech performance

रामलीला का अद्भुत आयोजन, एआई समेत आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल, पांच दिन होगा विशेष हाईटेक मंचन!

October 14, 2026
Load More

सेंट्रल असेंबली में बम फेंकने पर हुई थी फांसी की सजा

देश की आजादी के लिए के लिए वर्षों तक संग्राम चला. कई वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्‍यौछावर कर दिए थे. भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव भी उन वीर सपूतों में से एक थे. इन तीनों ने अंग्रेजी हुकूमत की खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए पब्लिक सेफ्टी और ट्रेड डिस्ट्रीब्यूट बिलज् के विरोध में सेंट्रल असेंबली में बम फेंके थे. इसके बाद इन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया था और 23 मार्च, 1931 को फांसी दी गई थी.

जलियांवाला बाग की घटना का भगत सिंह पर पड़ा था असर
ऐसा कहा जाता है कि भगत सिंह (Bhagat Singh) की जिंदगी पर जलियांवाला बाग हत्याकांड का बहुत गहरा असर पड़ा था. साल 1919 अंग्रेजों द्वारा किए गए इस नरसंहार ने भगत सिंह की जिंदगी बदल डाली. उस वक्त भगत सिंह केवल 12 साल के थे. ऐसा कहा जाता है कि भगत सिंह ने जलियांवाला बाग में ही अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ लड़ने की कसम खाई थी.

वीर सपूतों के बारे में
भगत सिंह का जन्म पंजाब के लायलपुर में 28 सितम्बर 1907 को हुआ था. वहीं सुखदेव का जन्म 15 मई, 1907 को पंजाब को लायलपुर पाकिस्तान में हुआ था. कहा जाता है कि दोनों के परिवार लायलपुर में एक साथ ही रहते थे. इसी के कारण दोनों वीरों की गहरी दोस्‍ती थी. दोनों ने पढ़ाई भी एक ही कॉलेज से की थी. सांडर्स हत्याकांड में सुखदेव ने भगत सिंह तथा राजगुरु का साथ दिया था. भगत सिंह का ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा काफी प्रसिद्ध है. वहीं शहीद राजगुरु का 24 अगस्त, 1908 को पुणे जिले के खेड़ा में हुआ था. वे शिवाजी की छापामार शैली के प्रशंसक होने के साथ-साथ लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के विचारों से भी प्रभावित थे.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

अंतरराष्ट्रीय अपराध की श्रेणी में हिंदुओं का नरसंहार

October 25, 2023
नल जल

उधार का पानी पी रहे राजधानी के इतने लाख परिवार

October 16, 2022
UN

UNSC के वीटो में कितनी ‘पावर’…जानें

June 21, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अजीत डोभाल उत्तराखंड के सपूत… राहुल गांधी के बयान पर भड़के पुष्कर सिंह धामी
  • दिल्ली: ACP विवेक भगत की शिकायत पर पत्रकार रोजी और अभिजीत दीपके समेत 6 पर FIR
  • आतंक प्रभावित कश्मीर में RSS को मार्च की इजाजत तो तमिलनाडु में रोक क्यों: हाई कोर्ट

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.