नई दिल्ली: कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ के सवाल के जवाब में कहा कि मैं सबकी प्रशंसा करता हूं। जो भी लोग जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं वो अच्छा करने का काम कर रहे हैं मैं उन सभी का प्रशंसा करता हूं। अच्छे काम की प्रशंसा होनी चाहिए।
मुझे दिल्ली नहीं बुलाया गया था- विक्रमादित्य सिंह
दिल्ली तलब किए जाने का सवाल पर विक्रमादित्य ने कहा कि मुझे दिल्ली बुलाया नहीं गया था मेरा पहले से निर्धारित कार्यक्रम था, मेरी बैठक थी। हमारे पार्टी हाईकमान ने इस बारे में हमसे कोई बात नहीं की। रहा सवाल लोगों के वैरिफिकेशन का राज्य की सुरक्षा के लिए वेरिफिकेशन होना चाहिए। स्टेट की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
तुष्टिकरण की राजनीती के सवाल पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हमने हर हिमाचल की आवाज को उठाया है। इसको सांप्रदायिक रंग देना ठीक नहीं है। कांग्रेस की सरकार ने 2005 में जब मेरे पिता मुक्यमंत्री थे तब धर्म परिवर्तन का कानून लाये थे। हम सब जब एक साथ बैठते हैं सभी राष्ट्र हिट की बात करते हैं | हमें किसी भी डिसीजन को राजनैतिक और सांप्रदायिक रूप से देखने की जरूरत नहीं है।
70 लाख लोगों के हितों की रक्षा करना हमारा फर्ज है- विक्रमादित्य सिंह
जयराम ठाकुर के जवाब में विक्रमादित्य ने कहा कि मैं जो भी कहता हूं, हिमाचल के हित में ही हमने बात रखी है। सबसे पहले हमारे लिए राष्ट्रनीति है। प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा के साथ कोई भी समोझौता नहीं होना चाहिए। प्रदेश के 70 लाख लोगों के हितों की रक्षा करना हमारा फर्ज है। साथ ही आपसी भाईचारा खराब न हो।
जिस तरह से प्रदेश में कुछ समय के लिए माहौल बना था जिसमे हमारी अधिकतम इनकम टूरिज्म और हाइड्रो पावर से आती है और अगर इस तरह का माहौल बनता तो टूरिस्म प्रभावित होता। अगर हम अवैध निर्माण को देखें, इसको किसी मजहब के रंग से नहीं तो इसमें कार्यवाही कानून के दायरे में रहकर करनी होगी। अब हमें उस चैप्टर को छोड़कर हिमाचल में अच्छे वातावरण को बनाने का काम करना चाहिए।







