कहीं किसी की नज़र आपके बैंक अकाउंट पर तो नहीं। ये खबर है आपके लिए है, क्योंकि कोई है जो आपकेबैंक अकाउंट को खाली करना चाहता है। कोई है जिसने ऐसा जाल फैलाया है कि आपकी एक गलती और आपका पूरा अकाउंट खाली। हमारा मकसद है आपको ऐसी धोखाधड़ी से बचाना। इस खबर को ध्यान से पढिए शायद ये आपको बड़े धोखे से बचा पाए क्योंकि शातिर साइबर अपराधी आपके आसपास ही हैं। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बिहार,ओडिशा, लगभग पूरा देश इस बिजली सकैम के निशाने पर हैं। तो फिर रुकिए मत जान लीजिए क्या है इस पूरे मामले का सच और ये भी जानिए कि आपको क्या करना है इस गैंग की जालसाची से बचने के लिए।
बिजली के बिल के नाम पर धोखाधड़ी
दिल्ली का युनाइटेड काफी हाउस…राजीव, वरुण, रीमा, और सुधीर पार्टी करने रेस्टॉरेंट में पहुंचे हैं…पार्टी चल रही है…चारों दोस्त गपशप में बिजी है। तभी राजीव के मोबाइल की घंटी बजती है। राजीव को एक मैसेज मिलता है। राजीव अपना मोबाइल चेक करता है तो पता चलता है कि मैसेज बिजली विभाग से है। पार्टी में बिजी होने की वजह से राजीव मैसेज को ज्यादा ध्यान से नहीं पढ़ पाता और फिर अपनी पार्टी में बिजी हो जाता है। एक दिन बाद राजीव अपने आफिस में बैठा होता है तभी एक बार फिर राजीव के मैसेज की बेल बजती है। राजीव मैसेज चेक करता तो देखता है कि ये मैसेज एक बार फिर बिजली विभाग से होता है।
बिल जमा करने के फर्जी मैसेज से सावधान
जैसे ही राजीव को दोबारा वो मैसेज मिलता है वो उसे ध्यान से पढ़ता है। मैसेज में एक अच्छी खासी रकम लिखी होती है। साथ ही एक अल्टीमेटम होता है कि अगर आज रात नौ बजे से पहले बिजली का बिल जमा नहीं करवाया गया तो आपके घर की बिजली काट दी जाएगी। उसमें ये भी लिखा होता है कि आपके पिछले महीने का बिल भी जमा नहीं हुआ है इसलिए बिजली विभाग ये एक्शन ले रहा है। साथ ही बिजली का बिल जमा करने के लिए एक लिंक भी दिया होता है।
राजीव ने वाकई में पिछले महीने का बिल नहीं जमा करवाया था इसलिए उसे थोड़ी चिंता होती है लेकिन वो लिंक में बिल जमा नहीं करवाना चाह रहा था इसलिए मैसेज में दिए गए फोन नंबर के लिंक पर कॉल लगता है। जैसे ही वो कॉल करता है बैल बजती है लेकिन कोई फोन नहीं उठाता। राजीव को समझ नहीं आता वो क्या करें क्योंकि उसे ये पता था कि लिंक पर क्लिक करना सुरक्षित नहीं है। इसलिए वो अगले दिन का इंतजार करता है ताकी वो खुद बिजली ऑफिस जाकर बात कर सके।
बैंक अकाउंट हो सकता है खाली
अगले दिन सुबह राजीव के पास एक मैसेज आता है, ये मैसेज उसके बैंक से होता है। ट्रांजेक्शन अलर्ट का ये मैसेज जैसे ही राजीव खोलता है,वो हैरान हो जाता है । राजीव के अकाउंट से 68 हज़ार रूपये डेबिट हो चुके होते हैं जबकी उसने खुद कोई ट्रांजेक्शन नहीं की है। वो तुरंत अपने बैंक में बात करता है लेकिन कुछ भी साफ नहीं हो पाता और न ही ये पता चल पाता है कि ये किसका अकाउंट है। हारकर राजीव साइबर क्राइम में इस बात की शिकायत करता है। राजीव को 68 हज़ार रूपये चपत लग चुकी होती है। वो साइबर क्राइम गैंग का शिकार हो जाता है।
स्कैमर्स कर रहे हैं फोन हैक
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। राजीव ने तो किसी लिंक पर क्लिक ही नहीं किया। न ही राजीव ने अपनी कोई पर्सनल जानकारी शेयर की। फिर आखिर कैसे उसे 68 हज़ार रूपये का चूना लग गया। ज़रा ध्यान से सोचिए जो बिजली का मैसेज राजीव के पास आ रहा था क्या वो सही था। दरअसल राजीव एक ऐसे गैंग के निशाने पर आ गया था जो बिजली के बिल के नाम पर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। जो बिल राजीव के पास आया वो दरअसल राजीव को फंसाने की एक चाल थी। राजीव ने लिंक पर तो क्लिक नहीं किया लेकिन जिस फोन नंबर के लिंक पर राजीव ने डायल किया उसने राजीव के फोन को हैक कर लिया। राजीव की सारी जानकारी स्कैमर तक पहुंच गई। यहां तक की राजीव के मोबाइल में आने वाला ओटीपी भी इन स्कैमर्स के पास पहुंच जा रहा था और इसलिए एक फर्जी बैंक ट्राजेक्शन हुई जिसमे राजीव के अंकाउंट से 68 हज़ार रुपये निकाल लिए गए।
थोड़ी सी गलती से हो सकती है धोखाधड़ी
चौंकिए मत ये सच है। राजीव अकेला नहीं है जिसके साथ ऐसा फ्रॉड हुआ हो। राजीव जैसे कई लोगों के पास बिजली विभाग का ये मैसेज पहुंच रहा है। इस मैसेज के झांसे में वो लोग सबसे ज्यादा आ रहे हैं जिनका एक या दो महीने का बिल बकाया है। वो जैसे ही बिजली कटने की बात देखते हैं, या तो वो तुरंत लिंक पर क्लिक करके बिल जमा कराने की कोशिश करते हैं या फिर पास ही लिखे फोन नंबर पर क्लिक करके कॉल करते हैं। दोनों ही स्थितियों में उनकी पूरी पर्सनल जानकारी स्कैमर तक पहुंच जाती है। स्कैमर्स ने एक सॉफ्टवेयर के जरिए इस लिंक को इस तरह से कनेक्ट किया है कि जैसे ही आप उसपर क्लिक करेंगे आपका फोन के अंदर मौजूद सारा डाटा उनतक पहुंच जाएगा।
200 लोगों के बैंक अकाउंट खाली
साइबर क्राइम करने वाला ये गैंग पूरे देश में काम कर रहा है और अब तक 200 से ज्यादा लोगों को चुना लगा चुका है। ये गैंग पहले रेकी करता है और ज्यादातर उन लोगों को ही ये मैसेज भेजे जाते हैं जिनका बिजली का बिल बकाया है। जैसे राजीव को मैसेज मिला था ऐसे ही देशभर में एक हज़ार से ज्यादा लोगों को ये ऐसे मैसेज मिल चुके हैं। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बिहार, ओडिशा कई राज्यों में ये गैंग काम कर रहा है। पुलिस को इस गैंग की भनक तब लगी जब साइबर सेल में 200 से ज्यादा एक ही तरह की शिकायत मिली। पुलिस ने ट्रैप करके इस गैंग के 65 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने कई मोबाइल, सिम कार्ड, चेक बुक, पास बुक बरामद की है। लेकिन अभी भी ये नहीं कहा जा सकता कि इस गैंग के कितने और लोग ठगी के इस काम में लगे हुए हैं। पुलिस अलग-अलग माध्यम से लोगों को ये बता रही है कि कैसे इस साइबर क्राइम से बचा जाए।
कैसे बचें इस साइबर क्राइम से ?
तो अगर राजीव की तरह ही ऐसा कोई मैसेज आपके पास भी आता है तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। बस उस मैसेज को ध्यान से देखिए। अगर वो मैसेज फर्जी है तो उसमें आपको कई गलतियां नज़र आएंगी। जैसे मैसेज में कई स्पैलिंग्स गलत होंगी। जिनके नाम लिखे गए हैं वो भी आप बिजली विभाग की वेबसाइट में जाकर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा जो सबसे बड़ी सावधानी आपको बरतनी है, वो है आपको इसमें दिए लिंक में क्लिक नहीं करना। जो फोन नंबर मैसेज में लिखा गया है उसे आप अगर अपने फोन के नंबर्स में जाकर टाइप करेंगे तो आप इस गैंग की ठगी का शिकार नहीं हो पाएंगे और फिर राजीव की तरह आपको पछताना नहीं पड़ेगा।







