Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

विधानसभा चुनाव: छोटे दल किसका बनाएंगे खेल और किसका बिगाड़ेंगे गेम?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 8, 2023
in राज्य
A A
leader
19
SHARES
623
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन छोटे दल बड़ा धमाल करने के लिए चुनावी मैदान में उतरे हैं. कांग्रेस और बीजेपी सत्ता में काबिज होने की लड़ाई लड़ रहे हैं तो बसपा-सपा-आम आदमी पार्टी-आरएलपी जैसे दल किंगमेकर बनने की जुगत में हैं. क्षेत्रीय दल और छोटी पार्टियों के चुनावी रणभूमि में उतरने से सत्ता पर काबिज होने का सपना देख रही कांग्रेस और बीजेपी की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में देखना है कि छोटे दल विधानसभा चुनाव में किसका खेल बनाएंगे या किसका गेम बिगाड़ेंगे?

भारतीय राजनीति में क्षेत्रीयता और जातीय अस्मिता के नाम पर तमाम छोटी-छोटी पार्टियां उपजी हैं. नब्बे के दशक में ये छोटी पार्टियां सरकार गिराने और बनाने में बड़ी भूमिका निभाती रही हैं तो पिछले विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश और राजस्थान में किसी भी एक दल को बहुमत नहीं मिला था, जिसके बाद कांग्रेस ने सपा और बसपा के समर्थन से सरकार बनाई थी. इस बार जिस तरह से कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है, उसके चलते चुनावी मैदान में उतरी छोटी और क्षेत्रीय पार्टियां किंगमेकर बनने का सपना संजोय हुए हैं. ऐसे में देखना है कि किस राज्य में कौन सी क्षेत्रीय पार्टी कितनी सीटों पर किस्मत आजमा रही है और किसकी चिंता बढ़ा रही है.

इन्हें भी पढ़े

money laundering

कानपुर मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क: 8 लाख की झूठी लूट से खुला 3200 करोड़ के काले धन का राज

June 24, 2026
harkipodi

निर्जला एकादशी स्नान: हरिद्वार जाने से पहले जरूर पढ़ें ट्रैफिक प्लान

June 24, 2026
shiv sena ubt

शिवसेना यूबीटी को लगेगा एक और झटका! छिन सकता है संसद भवन का ऑफिसशिव

June 24, 2026
प्रशासन

मथुरा वृंदावन में मानकों का पालन न करने पर प्रशासन ने की कठोर कार्यवाही!

June 24, 2026
Load More

राजस्थान में किंगमेकर कौन बनेगा?

राजस्थान की सियासत कांग्रेस और बीजेपी के बीच सिमटी हुई है. इन्हीं दोनों दलों के बीच सत्ता परिवर्तन होता रहा और इस बार का विधानसभा चुनाव भी इनके बीच है, लेकिन जिस तरह से कांटे का मुकाबला माना जा रहा है, उसमें क्षेत्रीय दलों की भूमिका अहम रहने वाली है. राजस्थान में कांग्रेस 199 और बीजेपी 200 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरी है. कांग्रेस और बीजेपी से जिन उम्मीदवारों को टिकट नहीं मिल सका है, उनमें से कई नेता क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों से टिकट लेकर ताल ठोक रहे हैं.

राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बाद सभी 200 सीटों पर बसपा ने अपने कैंडिडेट उतारे हैं. आम आदमी पार्टी राजस्थान की 88 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि सांसद हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी ने 83 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. बीटीपी 12 और बीएपी 21, सीपीएम 17 और आरएलडी एक सीट पर चुनावी मैदान में हैं. इसके अलावा अजय चौटाला की जेजेपी भी चुनावी किस्मत आजमा रही है.

बसपा-आरएलपी को इग्नोर करना मुश्किल

प्रदेश में बसपा का दलित और आरएलपी का जाट समुदाय के बीच अपना सियासी आधार है, जिसके चलते उन्हें इग्नोर करना मुश्किल है. 2018 में आरएलपी 3 सीटों के साथ ढाई फीसदी वोट हासिल करने में कामयाब रही तो बसपा ने 6 सीटों के साथ 4 फीसदी वोट हासिल किया था. सीपीआई एक सीट और बीटीपी 2 सीटें जीतने में रही थी.

बसपा का सियासी भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा और अलवर जैसे जैसे क्षेत्र में तो नागौर और शेखावटी के इलाके में हनुमान बेनीवाल का गढ़ माना जाता है. सीपीआई का सियासी प्रभाव शेखावटी के नहरी क्षेत्र में है तो बीटीपी और बीएपी आदिवासी बेल्ट में प्रभाव रखते हैं. यही वजह है कि बसपा 20, आरएलपी 15, आम आदमी पार्टी 3 और बीटीपी और बीएपी ने 5-5 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है. इस तरह से करीब दो दर्जन सीटों पर तीन दलों के बीच लड़ाई मानी जा रही है.

एमपी में छोटे दल करेंगे बड़ा धमाल?

मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी लड़ाई होती दिख रही है, लेकिन कुछ सीटों पर क्षेत्रीय दलों ने त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है. एमपी में बसपा गोंडवाना पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है. बसपा 178 सीट पर प्रत्याशी उतारे हैं तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी 52 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. सपा 71 सीट पर प्रत्याशी उतार रखे हैं तो आम आदमी पार्टी 66 पर चुनावी मैदान में है. इसके अलावा सपाक्स 50 सीट, जयस 20 सीट और जनहित पार्टी 16 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरी है.

2018 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत से दूर रह गई थी. ऐसे में कांग्रेस ने बसपा और सपा विधायकों के सहयोग से सरकार बनाया था. पिछले चुनाव में सपा एक सीट के साथ 1.30 फीसदी वोट हासिल की थी तो बसपा दो विधायकों के साथ 5 फीसदी वोट पाने में सफल रही थी. इतना ही नहीं बसपा-सपा ने पिछले चुनाव में 20 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया था, जिसके चलते ही कांग्रेस बहुमत से दूर रह गई थी. इस बार के चुनाव में सपा और बसपा ही नहीं आम आदमी पार्टी, बीजेपी से अलग होकर अपनी पार्टी बनाकर उतरे नारायण त्रिपाठी के उतरने से मुकाबला रोचक हो सकता है.

छत्तीसगढ़ में कौन होगा किंगमकेर

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सत्ता पर काबिज होने की जद्दोजहद है तो क्षेत्रीय दल किंगमेकर बनने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस और बीजेपी ने सभी 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं तो बसपा गोंडवाना पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. बसपा ने 59 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं जबकि गोंडवाना पार्टी 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. छत्तीसगढ़ जनता पार्टी (जोगी) 75 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरी है. आम आदमी पार्टी 55 सीट और हमर राज पार्टी ने 43 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं.

2018 के विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी की छत्तीसगढ़ जनता पार्टी साढ़े सात फीसदी वोटों के साथ 5 सीटें जीतने में कामयाब रही. बसपा दो सीटों के साथ 3.7 फीसदी वोट पाई थी. इस बार कांग्रेस और बीजेपी के बीच जिस तरह से टक्कर दिख रही है, उसके चलते छोटे और क्षेत्रीय दलों के उतरने से करीब दो दर्जन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है. ऐसे में देखना है कि क्षेत्रीय दल किस तरह से इस बार गुल खिलाते हैं?

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Ajendra Ajay visited Badrinath Dham with departmental officers

विभागीय अधिकारियों के साथ अजेंद्र अजय ने किया बद्रीनाथ धाम का भ्रमण, पुनर्निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

April 10, 2023
PM Modi

PM धन-धान्य कृषि योजना के लिए 24 हजार करोड़ और ग्रीन एनर्जी पर 27 हजार करोड़ खर्च करेगी सरकार!

July 16, 2025
Prayagraj Maha Kumbh changed the life of sailor Pintu Mahara's family

प्रयागराज महाकुंभ ने बदल दी नाविक पिंटू महरा के परिवार की जिंदगी, 45 दिन में कमा डाले 30 करोड़

March 6, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • RBI ने बदले डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के नियम, ऐसे मिलेगा मुआवजा
  • दिल्ली : MCD पार्किंग में बनेंगे बड़े EV चार्जिंग हब, मिलेगी बैटरी बदलने की भी सुविधा
  • मिर्जापुर का नया पोस्टर रिलीज, जानें कब आएगा फिल्म का टीजर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.